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सुखद नहीं दुखद बन गए ‘ओवरब्रिज’
Sun, 07 Apr 2019 02:32 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sun, 07 Apr 2019 02:32 AM IST
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- फोटो : demo
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सीपरी बाजार और मऊरानीपुर रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज का काम पांच साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए इन पुलों का निर्माण सुविधा की जगह समस्या बन गया है। ग्वालियर रोड और हंसारी रेलवे क्रॉसिंग पर भी ओवरब्रिज का निर्माण होना है, लेकिन इनकी फाइलें भी सरकारी पेंच में फंसी हैं। इधर, ललितपुर में भी धौरा स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज का काम निर्माण शुरू नहीं हो सका। यहां के लोग जान जोखिम में डालकर पटरियां पार करते हैं। इस चुनाव में उक्त निर्माण बड़े मुद्दे हैं, जिनका जवाब नेताओं को देना भारी पड़ेगा।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 में ओवरब्रिज निर्माण को स्वीकृति दी थी। राज्य सेतु निगम 2014 में अपना काम शुरू कर दिया था और अपने हिस्से का काम 2016 में पूरा कर लिया था। रेलवे अपने हिस्से का काम पिछले तीन साल से कर रहा है। अभी भी 20 प्रतिशत काम अधूरा है। ओवरब्रिज का काम पूरा न होने के कारण सीपरी बाजार हर वक्त जाम में फंसा रहता है। यहां के दुकानदारों का व्यापार ठप पड़ गया है। कुछ ऐसा ही हाल मऊरानीपुर में बन रहे ओवरब्रिज का है। इसका निर्माण पूरा न होने से शहर के अंदर घुसने निकलने में वाहन चालकों के पसीने छूट जाते हैं। इधर, ग्वालियर और ललितपुर रोड क्रॉसिंग गेट पर लगने वाला जाम लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। ग्वालियर रोड क्रॉसिंग ट्रेनों के आवागमन की वजह से 24 में 14 घंटे बंद रहती है। दूसरा, उन्नाव-बालाजी मार्ग पर नई सड़क बनने के बाद से वाहनों की संख्या में और इजाफा हो गया है। इससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसा ही हाल ललितपुर रोड क्रॉसिंग पर बना रहता है। यहां ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव दो साल से प्रदेश सरकार के पास फाइल में फंसा है। ओवरब्रिज निर्माण में 5.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गौरतलब है कि इस क्रॉसिंग से 24 घंटे के भीतर मालगाड़ियों सहित 70 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग 14 घंटे क्रॉसिंग बंद रहती है। इसी तरह ललितपुर रोड क्रॉसिंग 24 घंटे में छह घंटे बंद रहती है।
इधर, ललितपुर धौर्रा स्टेशन पर भी लंबे समय से स्थानीय निवासियों द्वारा रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस मांग पर मात्र आश्वासन के अलावा धरातल पर कार्य नहीं हो सका है। यहां के लोगों को रेलवे स्टेशन पर दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए कई बार मालगाड़ियों के नीचे से होकर निकलता पड़ता है और इस स्थिति में हमेशा उनकी जान खतरे में बनी रहती है।
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देवगढ़ क्रॉसिंग पर दो साल में बनेगा ओवरब्रिज
ललितपुर के देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद अब ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है।
इस रेलवे स्टेशन से हर रोज करीब 200 सवारी और मालगाड़ियां गुजरती हैं। जिसके चलते रेलवे स्टेशन से जीरोन की ओर ललितपुर-देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग का रेलवे गेट दिन में अलग-अलग समय में करीब 16 से 17 घंटे तक बंद रहता है, जबकि इस रेलवे गेट के दूसरी ओर नेहरुनगर और जुगपुरा मुहल्ला के अलावा करीब साठ गांव बसे हुए हैं। इससे क्रॉसिंग से निकलने वाले हजारों राहगीरों को अक्सर रेलवे गेट बंद होने से दिक्कत होती है। कई बार मरीजों को लेकर आ रही निजी गाड़ियां या फिर एंबुलेंस को भी गेट बंद होने के दौरान इंतजार करना होता है। हालांकि, सेतु निगम ने यहां काम शुरू कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी अभी यहां के लोगों को दो साल और समस्या का सामना करना होगा।
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प्रदेश सरकार ने वर्ष 2012 में ओवरब्रिज निर्माण को स्वीकृति दी थी। राज्य सेतु निगम 2014 में अपना काम शुरू कर दिया था और अपने हिस्से का काम 2016 में पूरा कर लिया था। रेलवे अपने हिस्से का काम पिछले तीन साल से कर रहा है। अभी भी 20 प्रतिशत काम अधूरा है। ओवरब्रिज का काम पूरा न होने के कारण सीपरी बाजार हर वक्त जाम में फंसा रहता है। यहां के दुकानदारों का व्यापार ठप पड़ गया है। कुछ ऐसा ही हाल मऊरानीपुर में बन रहे ओवरब्रिज का है। इसका निर्माण पूरा न होने से शहर के अंदर घुसने निकलने में वाहन चालकों के पसीने छूट जाते हैं। इधर, ग्वालियर और ललितपुर रोड क्रॉसिंग गेट पर लगने वाला जाम लोगों के लिए नासूर बनता जा रहा है। ग्वालियर रोड क्रॉसिंग ट्रेनों के आवागमन की वजह से 24 में 14 घंटे बंद रहती है। दूसरा, उन्नाव-बालाजी मार्ग पर नई सड़क बनने के बाद से वाहनों की संख्या में और इजाफा हो गया है। इससे हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसा ही हाल ललितपुर रोड क्रॉसिंग पर बना रहता है। यहां ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव दो साल से प्रदेश सरकार के पास फाइल में फंसा है। ओवरब्रिज निर्माण में 5.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गौरतलब है कि इस क्रॉसिंग से 24 घंटे के भीतर मालगाड़ियों सहित 70 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग 14 घंटे क्रॉसिंग बंद रहती है। इसी तरह ललितपुर रोड क्रॉसिंग 24 घंटे में छह घंटे बंद रहती है।
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इधर, ललितपुर धौर्रा स्टेशन पर भी लंबे समय से स्थानीय निवासियों द्वारा रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज के निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस मांग पर मात्र आश्वासन के अलावा धरातल पर कार्य नहीं हो सका है। यहां के लोगों को रेलवे स्टेशन पर दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए कई बार मालगाड़ियों के नीचे से होकर निकलता पड़ता है और इस स्थिति में हमेशा उनकी जान खतरे में बनी रहती है।
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देवगढ़ क्रॉसिंग पर दो साल में बनेगा ओवरब्रिज
ललितपुर के देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद अब ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है।
इस रेलवे स्टेशन से हर रोज करीब 200 सवारी और मालगाड़ियां गुजरती हैं। जिसके चलते रेलवे स्टेशन से जीरोन की ओर ललितपुर-देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग का रेलवे गेट दिन में अलग-अलग समय में करीब 16 से 17 घंटे तक बंद रहता है, जबकि इस रेलवे गेट के दूसरी ओर नेहरुनगर और जुगपुरा मुहल्ला के अलावा करीब साठ गांव बसे हुए हैं। इससे क्रॉसिंग से निकलने वाले हजारों राहगीरों को अक्सर रेलवे गेट बंद होने से दिक्कत होती है। कई बार मरीजों को लेकर आ रही निजी गाड़ियां या फिर एंबुलेंस को भी गेट बंद होने के दौरान इंतजार करना होता है। हालांकि, सेतु निगम ने यहां काम शुरू कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी अभी यहां के लोगों को दो साल और समस्या का सामना करना होगा।