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झांसी: पीड़िता कहीं भी दर्ज करा सकेगी दहेज का मुकदमा, आदेश जारी

Mon, 22 Jul 2019 06:08 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी Published by: Abhishek Singh Updated Mon, 22 Jul 2019 06:08 AM IST
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Order to FIR from anywhere over Dowry harassment, Jhansi, UP
यूपी पुलिस - फोटो : PTI

दहेज उत्पीड़न के मामलों में पीड़िता अब मायके या ससुराल के किसी भी थाना क्षेत्र में मुकदमा दर्ज करा सकेगी। लगातार हो रहीं शिकायतों के मद्देनजर डीजीपी ने यह निर्णय लिया है। सख्ती से पालन कराने के लिए डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्र्देश दिए हैं।

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दहेज उत्पीड़न के मुकदमों को दर्ज कराने के लिए अब पीड़ित महिलाओं को पुलिस अधिकारियों और थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकांश ऐसे मामलों में जिला या फिर थाना क्षेत्र बदला होने के कारण दहेज का मुकदमा दर्ज कराने के लिए काफी परेशानी होती है। पुलिस के मामला दर्ज न करने पर ऐसे मामले डीजीपी और मुख्यमंत्री तक पहुंच रहे हैं, जिससे पुलिस की छवि पर भी असर पड़ रहा है।
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इन मामलों को देखते हुए डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दहेज के मामले गंभीरता के साथ दर्ज किए जाएं। पीड़ित कहीं की भी रहने वाली हो और उसका मायका या फिर ससुराल किसी भी थाना क्षेत्र का हो। वह जहां भी शिकायत करेगी, तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 
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बताया गया है कि पिछले कई दिनों से डीजीपी ओपी सिंह के पास बड़ी तादाद में शिकायतें पहुंच रही थीं कि पुलिस दहेज उत्पीड़न से संबंधित मामले दर्ज नहीं करती है। मामला टालने के लिए उनको परिवार परामर्श केंद्र में भेज दिया जाता है। महीनों चक्कर काटने पर न्याय मिलने में काफी देर हो जाती है।

महिलाओं की शिकायत पर उन्होंने प्रदेश के सभी एसएसपी और एसपी को निर्देश जारी किए हैं कि वह दहेज उत्पीड़न से संबंधित मामले सीधे दर्ज करें। उनकी तहरीर परिवार परामर्श केंद्र में न भेजी जाए। अपर पुलिस अधीक्षक राहुल मिठास ने बताया कि आदेश को लागू कराया जा रहा है। कहीं भी पीड़िता अपनी एफआईआर दर्ज करा सकेगी।


महीनों बाद लगती है रिपोर्ट 

बताया गया है कि अभी तक दहेज उत्पीड़न के सभी मुकदमे परिवार परामर्श केंद्र की रिपोर्ट के बाद ही दर्ज होते थे। दरअसल, परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलर दोनों पक्षों के साथ बैठक करने के बाद अपनी रिपोर्ट लगाते हैं मगर इसमें महीनों लग जाते हैं।

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