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Jhansi News: किसान की मौत पर पांच लाख का क्लेम देने का आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले कृषक सीपरी बाजार के अंबाबाय निवासी राजकुमार की ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। उसकी पत्नी ने प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया पर कंपनी ने घटना को आत्महत्या दर्शाकर कर कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। पत्नी ने कोर्ट में वाद दायर किया यहां स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजय कृष्ण सिंह ने पांच लाख का क्लेम मय आठ प्रतिशत ब्याज दर से देने का फैसला सुनाया।
सीपरी बाजार के अंबाबाय निवासी राखी ने कोर्ट में वाद दायर कर बताया कि तीन नवंबर 2016 को उसके पति राजकुमार की मौत अंबाबाय क्राॅसिंग में हो गई थी। राखी ने बताया कि पति के नाम कृषक भूमि है और वह कृषि कार्य करते थे। उनकी उम्र करीब 30 वर्ष थी और उनकी आय से ही पूरे परिवार का भरण पोषण होता था। पति की आय सालाना 75,000 रुपये से भी कम थी इसलिए प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना का लाभार्थी था।
उन्होंने छह फरवरी 2017 को द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम के लिए आवेदन किया। जवाब में कंपनी ने बताया कि राजकुमार के पास कोई टिकट जीआरपी को प्राप्त नहीं हुआ था अत: कृषक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली और क्लेम देने से इंकार कर दिया। इस पर पीड़िता ने वाद दायर किया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजय कृष्ण सिंह और सदस्य डॉ. कपिलनाथ श्रंगीऋषि ने कंपनी को बीमाकृत राशि पांच लाख रुपये वाद दाखिल करने की तिथि से आठ प्रतिशत ब्याज दर से और वाद व्यय में खर्च हुए नौ हजार रुपये देने का आदेश सुनाया। यह राशि कंपनी को दो माह के अंदर याची को प्रदान करने का आदेश दिया। साथ ही फैसला सुनाया कि दो माह के अंदर यदि राशि प्रदान नहीं की जाती है तो कंपनी को उसके बाद 12 प्रतिशत के ब्याज दर से उक्त राशि देय होगी।
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झांसी। ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले कृषक सीपरी बाजार के अंबाबाय निवासी राजकुमार की ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। उसकी पत्नी ने प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया पर कंपनी ने घटना को आत्महत्या दर्शाकर कर कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। पत्नी ने कोर्ट में वाद दायर किया यहां स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजय कृष्ण सिंह ने पांच लाख का क्लेम मय आठ प्रतिशत ब्याज दर से देने का फैसला सुनाया।
सीपरी बाजार के अंबाबाय निवासी राखी ने कोर्ट में वाद दायर कर बताया कि तीन नवंबर 2016 को उसके पति राजकुमार की मौत अंबाबाय क्राॅसिंग में हो गई थी। राखी ने बताया कि पति के नाम कृषक भूमि है और वह कृषि कार्य करते थे। उनकी उम्र करीब 30 वर्ष थी और उनकी आय से ही पूरे परिवार का भरण पोषण होता था। पति की आय सालाना 75,000 रुपये से भी कम थी इसलिए प्रधानमंत्री कृषक बीमा योजना का लाभार्थी था।
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उन्होंने छह फरवरी 2017 को द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी में क्लेम के लिए आवेदन किया। जवाब में कंपनी ने बताया कि राजकुमार के पास कोई टिकट जीआरपी को प्राप्त नहीं हुआ था अत: कृषक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली और क्लेम देने से इंकार कर दिया। इस पर पीड़िता ने वाद दायर किया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष विजय कृष्ण सिंह और सदस्य डॉ. कपिलनाथ श्रंगीऋषि ने कंपनी को बीमाकृत राशि पांच लाख रुपये वाद दाखिल करने की तिथि से आठ प्रतिशत ब्याज दर से और वाद व्यय में खर्च हुए नौ हजार रुपये देने का आदेश सुनाया। यह राशि कंपनी को दो माह के अंदर याची को प्रदान करने का आदेश दिया। साथ ही फैसला सुनाया कि दो माह के अंदर यदि राशि प्रदान नहीं की जाती है तो कंपनी को उसके बाद 12 प्रतिशत के ब्याज दर से उक्त राशि देय होगी।
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