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ऑनलाइन निरस्त होंगे वाणिज्य कर पंजीयन
Jhansi
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:26 AM IST
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compani
- फोटो : demo
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वाणिज्य कर विभाग अब नोटिस की जगह बोगस फर्मों (नाम के लिए पंजीयन कराने वाले) के पंजीयन ऑनलाइन निरस्त कर देगा। विभाग ने ऑनलाइन पंजीयन निरस्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी है। झांसी जोन में अप्रैल माह से बोगस फर्मों का निरस्तीकरण शुरू होगा।
एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू हुआ था। वैट में झांसी जोन के सात जिलों (झांसी, ललितपुर, उरई जालौन, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा) में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 31 हजार थी, जो जीएसटी में बढ़कर 50 हजार पहुंच गई है। विभाग ने उन कारोबारियों की सूची बनाना शुरू कर दी है, जो पिछले छह महीने से एक साल से रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। साथ ही अब ऐसी फर्मों को नोटिस नहीं भेजा जाएगा। विभाग ने जीएसटी पोर्टल पर ही अब ऑनलाइन पंजीयन निरस्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी है, जिसे लागू भी कर दिया गया है।
ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) एसएस मिश्रा ने बताया कि छह महीने से अधिक समय से जिन कारोबारियों ने रिटर्न दाखिल नहीं किए हैं, उनके पंजीयन अप्रैल से ऑनलाइन निरस्त किए जाएंगे। प्रमाणिक रूप से करावंचन (टैक्स चोरी) में लिप्त पाए जाने पर भी फर्म का पंजीयन निरस्त होगा।
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इनसेट :::
ज्यादातर हैं ठेेकेदारों की फर्में
वाणिज्य कर विभाग ने अभी तक जिन फर्मों के चिह्नित किया है, उनमें अधिकांश ने जीएसटी में पंजीकरण ठेकेदारी के लिए हैं। दरअसल, बड़ी संख्या में लोग ठेकेदारी करने के लिए विभाग में रजिस्ट्रेशन कराके पंजीयन तो ले लेते हैं, लेकिन काम न मिलने पर वे तिमाही और सालाना रिटर्न दाखिल नहीं करते। इस कारण विभाग को ऐसी फर्मों के रजिस्ट्रेशन निरस्त करने पड़ते हैं।
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एक जुलाई 2017 से जीएसटी लागू हुआ था। वैट में झांसी जोन के सात जिलों (झांसी, ललितपुर, उरई जालौन, महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा) में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या 31 हजार थी, जो जीएसटी में बढ़कर 50 हजार पहुंच गई है। विभाग ने उन कारोबारियों की सूची बनाना शुरू कर दी है, जो पिछले छह महीने से एक साल से रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। साथ ही अब ऐसी फर्मों को नोटिस नहीं भेजा जाएगा। विभाग ने जीएसटी पोर्टल पर ही अब ऑनलाइन पंजीयन निरस्त करने की व्यवस्था शुरू कर दी है, जिसे लागू भी कर दिया गया है।
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ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) एसएस मिश्रा ने बताया कि छह महीने से अधिक समय से जिन कारोबारियों ने रिटर्न दाखिल नहीं किए हैं, उनके पंजीयन अप्रैल से ऑनलाइन निरस्त किए जाएंगे। प्रमाणिक रूप से करावंचन (टैक्स चोरी) में लिप्त पाए जाने पर भी फर्म का पंजीयन निरस्त होगा।
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ज्यादातर हैं ठेेकेदारों की फर्में
वाणिज्य कर विभाग ने अभी तक जिन फर्मों के चिह्नित किया है, उनमें अधिकांश ने जीएसटी में पंजीकरण ठेकेदारी के लिए हैं। दरअसल, बड़ी संख्या में लोग ठेकेदारी करने के लिए विभाग में रजिस्ट्रेशन कराके पंजीयन तो ले लेते हैं, लेकिन काम न मिलने पर वे तिमाही और सालाना रिटर्न दाखिल नहीं करते। इस कारण विभाग को ऐसी फर्मों के रजिस्ट्रेशन निरस्त करने पड़ते हैं।