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औषधीय पौधों की खेती कर कमा सकते हैं लाखों
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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय विश्वविद्यालय में उद्यानिकी और वानिकी विभाग की तरफ से प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को औषधीय पौधों के बारे में जानकारी दी गई। कृषि विज्ञानियों ने कहा कि औषधीय पौधों की खेती कर किसान लाखों रुपये कमा सकते हैं।
प्रदर्शनी में वैज्ञानिकों ने बताया कि बुंदेलखंड की मिट्टी औषधीय और सगंधीय पौधों के लिए उपयुक्त है। यहां के किसान अश्वगंधा, सफेद मूसली, अजवाइन, लेमन ग्रास आदि की खेती से लाखों रुपये कमा सकते हैं। एक फायदा यह भी है कि इन्हें मेंड़ों पर लगाकर किसान खेतों में दूसरी फसल भी उगा सकते हैं।
डीन उद्यानिकी एवं वानिकी विभाग डॉ. एके पांडेय ने बताया इसकी खेती से किसान लाखों रुपये कमाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. मनमोहन जे डोबरियाल ने किसानों को इसकी व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि किसान इसे घर की छतों पर गमलों में भी उगा सकते हैं। डॉ. पंकज लवानिया ने सतावरी, तुलसी, एलोवेरा, ब्राह्मी एवं गिलोय के रोपण द्वारा प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने की बात कही। डॉ. एएस काले ने जड़ी- बूटियों की जानकारी दी। कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने सभी को बधाई दी। संचालन डॉ. गरिमा गुप्ता ने किया।
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प्रदर्शनी में वैज्ञानिकों ने बताया कि बुंदेलखंड की मिट्टी औषधीय और सगंधीय पौधों के लिए उपयुक्त है। यहां के किसान अश्वगंधा, सफेद मूसली, अजवाइन, लेमन ग्रास आदि की खेती से लाखों रुपये कमा सकते हैं। एक फायदा यह भी है कि इन्हें मेंड़ों पर लगाकर किसान खेतों में दूसरी फसल भी उगा सकते हैं।
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डीन उद्यानिकी एवं वानिकी विभाग डॉ. एके पांडेय ने बताया इसकी खेती से किसान लाखों रुपये कमाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. मनमोहन जे डोबरियाल ने किसानों को इसकी व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि किसान इसे घर की छतों पर गमलों में भी उगा सकते हैं। डॉ. पंकज लवानिया ने सतावरी, तुलसी, एलोवेरा, ब्राह्मी एवं गिलोय के रोपण द्वारा प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने की बात कही। डॉ. एएस काले ने जड़ी- बूटियों की जानकारी दी। कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने सभी को बधाई दी। संचालन डॉ. गरिमा गुप्ता ने किया।
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