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पुरानी योजनाएं अधूरी, नई की तैयारी पूरी

Thu, 27 Apr 2017 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 27 Apr 2017 12:49 AM IST
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Old plans  incomplete, new preparations complete
park - फोटो : demo
ठंडे बस्ते में पड़ी पुरानी योजनाओं को पूरा करने पर नगर निगम भले ही ध्यान न दे, लेकिन नई योजनाओं को पूरी शिद्दत से तैयार किया जा रहा है। करीब दो साल पहले किले की तलहटी में बने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क और डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क को किला रोड पर अंडर पास से जोड़ने की योजना बनाई गई थी, जो आज तक पूरी नहीं हुई। वहीं अब शहर के चार पार्र्कों को पीपीपी मॉडल से विकसित करने की योजना तैयार हो गई है।
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राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त पार्क और डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क को किला रोड पर अंडर पास के माध्यम से जोड़ा जाना है, ताकि मैथिलीशरण गुप्त पार्क में घूमने आने वाले लोग बिना सड़क पार किए डा. वृंदावन वर्मा पार्क में जा सकें। इसका फायदा यह होगा कि सुनसान रहने वाला डा. वृंदावन वर्मा पार्क भी गुलजार हो जाएगा। लेकिन, अंडरपास बनाने की योजना अभी तक अधर में लटकी है। पुरातत्व विभाग से इसकी अनुमति नहीं मिली है और नगर निगम ने भी अनुमति के लिए सक्रियता नहीं दिखाई है। यही नहीं, मसीहा गंज स्थित मान्यवर कांशीराम पार्क बने चार साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक इसका विधिवत उद्घाटन नहीं हो सका है। अब हालत यह है कि पार्क में लाइटें नहीं जलती हैं और रखरखाव भी नहीं है। इसके अलावा दतिया गेट बाहर स्थित गुलाम गौस खां पार्क अधूरा पड़ा है। इस पार्क  की जमीन पर कुछ लोगों ने मालिकाना हक का दावा किया था। मामला अदालत में चला जाने के बाद से पार्क का निर्माण कार्य रोेक दिया गया था। चार साल हो गए, लेकिन तब से पार्क आधा-अधूरा पड़ा है।
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अब नगर निगम शहर के चार पार्कों को संवारने में जुटा है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर इन पार्कों का विकास होगा। रिलायंस जिओ ने जब शहर में 4-जी केबल नेटवर्क डालने का काम शुरू किया था, तब नगर निगम और कंपनी के बीच करार हुआ था कि कंपनी चार पार्कों को विकसित करेगी। करीब दो साल पहले हुए कांट्रेक्ट को अब पूरा दिया जाएगा। कंपनी और नगर निगम के बीच सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने अंतिम सहमति दे दी है। कंपनी नदंनपुरा स्थित तात्या टोपे पार्क व गौरीशंकर पार्क, मसीहागंज साहनी विहार कॉलोनी स्थित साहनी विहार पार्क और शिवाजी नगर स्थित सुभाष चंद्र बोस पार्क को विकसित करेगी। यह काम छह माह में पूरा करना होगा।
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झूले और फिसलपट्टी लगेंगी
नए विकसित होने वाले सभी पार्कों में बच्चों की अधिक से अधिक भीड़ हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। पार्कों में फिसलपट्टी व झूले लगाए जाएंगे। इसके अलावा बैठने के लिए बेंच और कुर्सियां होंगी। आकर्षक लाइटिंग और सुबह की सैर करने के लिए फुटपाथ बनाए जाएंगे।

योजना एक, टेंडर में शर्तें अलग-अलग
अटल नवीनीकरण एवं शहरी रूपांतरण मिशन (अमृत) योजना के अंतर्गत शहर में छह पार्क विकसित किए जाने हैं। पहले चरण में लहरगिर्द में गैस गोदाम के पास का पार्क, किला रोड पर डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क और गरियागांव में पार्क विकसित होंगे। इनके टेंडर निकाले गए हैं। टेंडर में जो शर्तें दी गई हैं, उसमें ठेकेदारों से दस प्रशित सिक्योरिटी मनी जमा करने का कहा गया है। जबकि, अमृत योजना के अंतर्गत ही बांदा में पार्क का निर्माण होना है। इसके टेंडर में ठेकेदारों को दो प्रतिशत सिक्योरिटी मनी जमा करने को कहा गया है। एक योजना के टेंडर में अलग-अलग जिले में अलग-अलग शर्तें होने के कारण ठेकेदार परेशान हैं कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि नियमों में अंतर है।


छह महीने में विकसित होंगे पार्क
कंपनी को पार्क विकसित करने के लिए छह महीने की अवधि दी गई है। पार्क पीपीपी मॉडल पर विकसित होंगे। डा. वृंदावन लाल वर्मा पार्क  का काम भी जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने सिक्योरिटी मनी अलग-अलग जमा कराए जाने के मामले भी नियमावली के अधीन है। संभवत: बांदा में नियमावली पर ध्यान नहीं दिया गया है।
एके शर्मा, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
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