{"_id":"66e3610594555be819095574","slug":"now-you-can-complete-bed-by-paying-a-fine-of-five-thousand-rupees-jhansi-news-c-11-jhs1002-391415-2024-09-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: अब पांच हजार रुपये अर्थदंड देकर पूरी कर सकेंगे बीएड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: अब पांच हजार रुपये अर्थदंड देकर पूरी कर सकेंगे बीएड
विज्ञापन
कुलपति की अध्यक्षता में बीयू परीक्षा समिति ने लिया फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शिक्षा सत्र 2022-23 तक तीन वर्ष में बीएड पूरी करने से वंचित छात्र-छात्राएं अब पांच हजार रुपये अर्थदंड देकर डिग्री पूरी कर सकेंगे। खास बात यह है कि इसके बाद बुंदेलखंड विवि किसी को भी अनुमति नहीं देगा। ये फैसला बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड विवि परीक्षा समिति की कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुआ।
बीयू के प्रशासनिक भवन सभागार में हुई परीक्षा समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि काफी विद्यार्थी तीन वर्ष में बीएड पूरी नहीं कर सके हैं और नियमानुसार इससे ज्यादा समय नहीं दिया जा सकता है। यदि एक मौका दिया जाए तो पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। हर बिंदुओं पर चर्चा करने के बाद फैसला लिया कि शिक्षा सत्र 2022-23 तक जिनकी बीएड पूरी नहीं हुई है, उन्हें अंतिम मौका मिलेगा मगर इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी को पांच हजार रुपये बतौर अर्थदंड देना होगा, तभी पढ़ाई पूरी होगी।
परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि इस फैसले से काफी विद्यार्थियों को अपनी बीएड की पढ़ाई पूरी करने का मौका मिलेगा। चूंकि परीक्षा समिति ने एकबार के लिए फैसला लिया है, इसलिए दोबारा किसी को भी अनुमति नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शिक्षा सत्र 2022-23 तक तीन वर्ष में बीएड पूरी करने से वंचित छात्र-छात्राएं अब पांच हजार रुपये अर्थदंड देकर डिग्री पूरी कर सकेंगे। खास बात यह है कि इसके बाद बुंदेलखंड विवि किसी को भी अनुमति नहीं देगा। ये फैसला बृहस्पतिवार को बुंदेलखंड विवि परीक्षा समिति की कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में हुआ।
बीयू के प्रशासनिक भवन सभागार में हुई परीक्षा समिति की बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि काफी विद्यार्थी तीन वर्ष में बीएड पूरी नहीं कर सके हैं और नियमानुसार इससे ज्यादा समय नहीं दिया जा सकता है। यदि एक मौका दिया जाए तो पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। हर बिंदुओं पर चर्चा करने के बाद फैसला लिया कि शिक्षा सत्र 2022-23 तक जिनकी बीएड पूरी नहीं हुई है, उन्हें अंतिम मौका मिलेगा मगर इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी को पांच हजार रुपये बतौर अर्थदंड देना होगा, तभी पढ़ाई पूरी होगी।
विज्ञापन
परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि इस फैसले से काफी विद्यार्थियों को अपनी बीएड की पढ़ाई पूरी करने का मौका मिलेगा। चूंकि परीक्षा समिति ने एकबार के लिए फैसला लिया है, इसलिए दोबारा किसी को भी अनुमति नहीं मिलेगी।
विज्ञापन