{"_id":"62b75cae7db11c6fe64a4887","slug":"now-the-land-registered-in-the-name-of-the-governor-has-also-been-occupied-jhansi-news-jhs2235723112","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब राज्यपाल के नाम दर्ज जमीन पर भी हो गया कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब राज्यपाल के नाम दर्ज जमीन पर भी हो गया कब्जा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। सरकारी व निजी भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर शासन-प्रशासन के सख्त रुख के बाद भी भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि मौजा नयागांव में राज्यपाल के नाम दर्ज 0.218 हेक्टेअर जमीन पर भी कब्जा कर लिया गया है। यह जमीन 2013 में महामहिम के नाम दर्ज की गई थी। मामला संज्ञान में आने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। राजस्व विभाग ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
जीवनशाह निवासी नासिर खान ने साल 2001 में लगभग दो हेक्टेअर जमीन मौजा नयागांव में अपने दो बेटों के नाम से खरीदी थी। साल 2013 में सिंचाई विभाग द्वारा सिमरधा बांध के उच्चीकरण के लिए इस जमीन में से 0.218 हेक्टेअर जमीन मांगी गई थी। इस पर नासिर खान ने बेटों से पावर ऑफ अटॉर्नी हासिल कर जमीन का छह मार्च 2013 को बैनामा कर दिया था। राज्यपाल की पावर ऑफ अटॉर्नी पर बैनामा सिंचाई विभाग को किया गया था। जबकि, राजस्व अभिलेखों में जमीन राज्यपाल के नाम दर्ज की गई थी। इसके एवज में सिंचाई विभाग की ओर से नासिर खान को तेरह लाख रुपये से अधिक की धनराशि का चेक के जरिये भुगतान किया गया था। लेकिन, अब इस जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। इसकी शिकायत नई बस्ती निवासी उमाशंकर यादव ने प्रशासन से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीपरी बाजार निवासी एक व्यक्ति ने ये जमीन कब्जा ली है।
मामला सामने आने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। राजस्व विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार तक ये पूरी कर ली जाएगी। राज्यपाल के नाम दर्ज जमीन पर अवैध कब्जा पाए जाने पर उसे जमींदोज किया जाएगा।
विज्ञापन
शिकायत प्राप्त होने के बाद से इसकी जांच शुरू कर दी गई है, जो सोमवार तक पूरी कर ली जाएगी। अवैध रूप से कब्जा पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- सान्या छाबड़ा, उप जिलाधिकारी (सदर)
विज्ञापन
जीवनशाह निवासी नासिर खान ने साल 2001 में लगभग दो हेक्टेअर जमीन मौजा नयागांव में अपने दो बेटों के नाम से खरीदी थी। साल 2013 में सिंचाई विभाग द्वारा सिमरधा बांध के उच्चीकरण के लिए इस जमीन में से 0.218 हेक्टेअर जमीन मांगी गई थी। इस पर नासिर खान ने बेटों से पावर ऑफ अटॉर्नी हासिल कर जमीन का छह मार्च 2013 को बैनामा कर दिया था। राज्यपाल की पावर ऑफ अटॉर्नी पर बैनामा सिंचाई विभाग को किया गया था। जबकि, राजस्व अभिलेखों में जमीन राज्यपाल के नाम दर्ज की गई थी। इसके एवज में सिंचाई विभाग की ओर से नासिर खान को तेरह लाख रुपये से अधिक की धनराशि का चेक के जरिये भुगतान किया गया था। लेकिन, अब इस जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। इसकी शिकायत नई बस्ती निवासी उमाशंकर यादव ने प्रशासन से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीपरी बाजार निवासी एक व्यक्ति ने ये जमीन कब्जा ली है।
विज्ञापन
मामला सामने आने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। राजस्व विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार तक ये पूरी कर ली जाएगी। राज्यपाल के नाम दर्ज जमीन पर अवैध कब्जा पाए जाने पर उसे जमींदोज किया जाएगा।
विज्ञापन
शिकायत प्राप्त होने के बाद से इसकी जांच शुरू कर दी गई है, जो सोमवार तक पूरी कर ली जाएगी। अवैध रूप से कब्जा पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- सान्या छाबड़ा, उप जिलाधिकारी (सदर)