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अब सफाई कर्मचारी तय करेगा डॉक्टरों व कर्मचारियों की ड्यूटी
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सफाई कर्मचारी तय करेगा डॉक्टरों की डयूटी खबर के साथ सीएमएस द्वारा जारी किया गया अदेश
झांसी। जिला महिला अस्पताल में एक नया कारनामा सामने आया है। अस्पताल की सीएमएस द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार ठेके पर कार्यरत एक सफाई सुपरवाइजर को अस्पताल में स्थापित कोविड हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों की ड्यूटी तय करने का निर्देश दिया गया है। जिसके चलते अस्पताल प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
गौरतलब हो कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को दी गई है। सफाई व्यवस्था को नियमित व दुरुस्त रखने के लिए कंपनी द्वारा अस्पताल में दो सुपरवाइजर सहित 13 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। अस्पताल की ओटी, लेबर रूम, वार्ड, चिकित्सकों के चैंबर, शौचालयों सहित अस्पताल परिसर की नियमित सफाई का जिम्मा सफाई कर्मचारियों के कंधों पर ही है। इसके एवज में अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगभग ढाई लाख रुपये प्रतिमाह निजी कंपनी को अदा किया जाता है लेकिन अस्पताल की सीएमएस ने एक लिखित आदेश जारी किया है। आदेश में निजी कंपनी के सफाई सुपरवाइजर इमरान को अस्पताल का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दर्शाया गया है व कोविड हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों की ड्यूटी तय करने के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं एक अन्य पत्र में एक महिला सफाई कर्मचारी को वार्ड आया का दर्जा दिया गया है। सीएमएस का आदेश अस्पताल के कर्मचारियों में चर्चा का विषय है।
किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी लगाने का मुझे पूरा अधिकार है। आवश्यकताओं को देखते हुए सफाई सुपरवाइजर को कर्मचारियाें की ड्यूटी तय करने का आदेश दिया है। - डॉ. वसुधा अग्रवाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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सीएमएस द्वारा जारी आदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी सफाई सुपरवाइजर इमरान को लगाने का आदेश दिया गया है। - गौरव सक्सेना, अस्पताल मैनेजर
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गौरतलब हो कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी एक निजी कंपनी को दी गई है। सफाई व्यवस्था को नियमित व दुरुस्त रखने के लिए कंपनी द्वारा अस्पताल में दो सुपरवाइजर सहित 13 कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है। अस्पताल की ओटी, लेबर रूम, वार्ड, चिकित्सकों के चैंबर, शौचालयों सहित अस्पताल परिसर की नियमित सफाई का जिम्मा सफाई कर्मचारियों के कंधों पर ही है। इसके एवज में अस्पताल प्रबंधन द्वारा लगभग ढाई लाख रुपये प्रतिमाह निजी कंपनी को अदा किया जाता है लेकिन अस्पताल की सीएमएस ने एक लिखित आदेश जारी किया है। आदेश में निजी कंपनी के सफाई सुपरवाइजर इमरान को अस्पताल का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दर्शाया गया है व कोविड हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों की ड्यूटी तय करने के लिए निर्देशित किया गया है। वहीं एक अन्य पत्र में एक महिला सफाई कर्मचारी को वार्ड आया का दर्जा दिया गया है। सीएमएस का आदेश अस्पताल के कर्मचारियों में चर्चा का विषय है।
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किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी लगाने का मुझे पूरा अधिकार है। आवश्यकताओं को देखते हुए सफाई सुपरवाइजर को कर्मचारियाें की ड्यूटी तय करने का आदेश दिया है। - डॉ. वसुधा अग्रवाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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सीएमएस द्वारा जारी आदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की ड्यूटी सफाई सुपरवाइजर इमरान को लगाने का आदेश दिया गया है। - गौरव सक्सेना, अस्पताल मैनेजर