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पुलिस के हाथ नहीं आया कुख्यात विनोद जाट

Mon, 20 Jul 2020 12:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2020 12:33 AM IST
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notorious criminal vinod jaat, jhansi police
police - फोटो : police
झांसी। महानगर के सराफा कारोबारी राजू कमरया व उसके साथी राहुल अग्रवाल के अपहरण में शामिल कुख्यात बदमाश विनोद जाट को झांसी पुलिस गिरफ्तार करने में हमेशा नाकामयाब रही। तीन दिन पहले हाथरस में सरेंडर करने के बाद झांसी पुलिस हरकत में आ गई। अपहरणकांड में मुख्य भूमिका निभाने वाले विनोद व उसके गैंग के बारे में कई जानकारियां अब तक अधूरी हैं। हाथरस में सरेंडर के बाद अब पुलिस पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की तैयारी में जुटेगी। पुलिस ने हाथरस पुलिस से भी संपर्क साधा है।
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थाना कोतवाली इलाके से सराफा कारोबारी राजू कमरया और राहुल अग्रवाल छोले का 12 जुलाई 2017 को अपहरण हो गया था। 26 जुलाई की रात यूपी एसटीएफ ने आगरा में बदमाशों से मुठभेड़ के दौरान दोनों व्यापारियों को सकुशल बरामद कर लिया था। लेकिन, कोई भी पुलिस के हाथ नहीं लग सका। अपहरण की वारदात से शहर में सनसनी फैल गई थी। अजय जडेजा व विनोद जाट गैंग का हाथ आने के बाद पुलिस के भी कान खड़े हो गए थे। झांसी पुलिस सभी की तलाश में जुट गई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद हाथरस जिले की पुुलिस ने अपहरण में शामिल हाथरस के मुरसान थाना क्षेत्र के महामोनी गांव का रहने वाला विनोद जाट और उसके साथी लोकेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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गैंग के विनोद, लोकेंद्र व अजय जडेजा झांसी पुलिस के रडार पर तो रहे, लेकिन हाथ कभी नहीं आ सके। पुलिस ने पकड़ने के लिए कई बार आगरा, हाथरस से लेकर कई जिलों में दबिश दी, लेकिन पुलिस के हाथ खाली ही रहे। अब भी पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। इसी बीच तीन दिन पहले नाटकीय तरीके से हाथरस पुलिस को चकमा देकर एक बार फिर विनोद जाट अदालत में सरेंडर करने में कामयाब रहा। इसी तरह, जडेजा को भी पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगी थीं, लेकिन कुछ समय पहले ही साथी अजय जडेजा भी नाटकीय तरीके से ग्वालियर से गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। हाथरस में सरेंडर के बाद जेल भेजे गए विनोद को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी करेगी। झांसी पुलिस ने हाथरस पुलिस से भी संपर्क साधकर जानकारियां खंगाली हैं।
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पूछताछ में पुलिस का छूटा था पसीना
साल 2018 में कोतवाली पुलिस ने एक दिन ही रिमांड पर विनोद जाट को लिया था। कोतवाली लाकर उससे पूछताछ की गई थी, लेकिन उसने ज्यादा मुंह नहीं खोला था। पुलिस को भी पूछताछ करने में पसीने छूट गए थे। घंटों कोतवाली में नाटकीय दौर चलता रहा था। कारोबारी राजू कमरया के सामने भी पूछताछ हुई थी।

सर्विलांस का मास्टर है विनोद जाट
विनोद जाट उर्फ विनोद चौधरी पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। वह पुलिस विभाग में रहने के दौरान सर्विलांस का मास्टर था। उसको अपराध करने व पुलिस से बचने के पूरे तौर तरीके भी आते थे। इसी का फायदा उठाकर वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर भाग निकलता था। वह अजय जडेजा गैंग का सक्रिय सदस्य है। जडेजा गैंग व विनोद जाट का यूपी से लेकर राजस्थान व मध्य प्रदेश में तगड़ा नेटवर्क है।
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