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स्लाटर हाउस निर्माण में मनमानी, मिलेगा नोटिस

Wed, 24 May 2017 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 24 May 2017 01:19 AM IST
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Noticeable for arbitrariness in building slater house
स्लाटर हाउस - फोटो : demo
भगवंतपुरा में निर्माणाधीन स्लाटर हाउस को झांसी विकास प्राधिकरण नोटिस जारी करेगा। स्लाटर हाउस बनाने वाले ने मानचित्र स्वीकृत तो कराया, लेकिन मनमाने तरीके से निर्माण कर दिया। मंडलायुक्त अमित गुप्ता के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने जेडीए अफसरों की खिंचाई की और नोटिस देने के निर्देश दिए।
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शहर में जानवरों का मांस बेचने पर प्रतिबंध लगा है। इस कारण भैंसा अथवा बकरा काटने की अनुमति नहीं है। भगवंतपुरा में ‘अलमर्जिया एग्रो फूड’ संस्था की ओर से स्लाटर हाउस का निर्माण कराया गया है। यहां 300 बड़े और 300 छोटे पशुओं को काटे जाने हैं। नर भैंसा की संख्या बढ़ाने के लिए यहां काफरियरिंग तथा पशु बीडिंग सेंटर की स्थापना भी होनी है। यहीं से नगर निकायों को मांस की आपूर्ति की योजना है। स्लाटर हाउस के संचालन की अनुमति उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दे दी है। लेकिन, केंद्रीय भूमिगत जल प्राधिकरण जल संसाधन एवं नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय से पानी के उपयोग के लिए अनुमति नहीं मिली है। वहीं, जांच में सामने आया कि स्लाटर हाउस के निर्माण के लिए पास कराए गए नक्शे के विपरीत इमारत बनाई गई है। इसके अलावा कई अन्य खामियां मिलीं। इस पर मंडलायुक्त ने जेडीए अफसरों की खिंचाई करते हुए ‘अलमर्जिया एग्रो फूड’ संस्था और इससे जुड़े लोगों को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं।
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दतिया शिफ्ट हो रहा कारोबार
झांसी में बकरा और भैंसा के काटने पर लगे प्रतिबंध का असर है कि मांस का कारोबार या तो मध्य प्रदेश के दतिया जिला में शिफ्ट होता जा रहा है या फिर चोरी छिपे चल रहा है। चोरी छिपे कारोबार करने में मांस व्यापारी अपने रिस्क पर काम कर रहे हैं।
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शासन के निर्देशों का इंतजार
जब तक स्लाटर हाउस नहीं होगा, तब तक शहर में बकरा अथवा भैंसा काटने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। शासन के निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है। यदि कोई नई गाइड लाइन आती है, तो उसके अनुरूप काम किया जाएगा। बकरा काटने के लिए कमेलों का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है।
- डा. आरके निरंजन, पशु चिकित्सा अधिकारी
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