{"_id":"58222a164f1c1b067fb39241","slug":"note-changing-wandering-stuck-on-atm","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोट बदलने को भटके, एटीएम पर अटके ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोट बदलने को भटके, एटीएम पर अटके
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2016 01:10 AM IST
विज्ञापन
old note news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच सौ और एक हजार के नोट अमान्य घोषित किये जाने के बाद पूरे जिले में हडकंप मच गया। नोट बदलने के लिए पेट्रोल पंप, एटीएम और बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। हालात यह थे कि कुछ एटीएम बंद हो गए तो कई से पांच सौ के नोट निकल रहे थे। दो पेट्रोलपंपों संचालकों ने यह कहकर पेट्रोल-डीजल देने से मना कर दिया कि मशीन खराब है। कुछ पेट्रोलपंपों में ईंधन की सप्लाई देर रात तक होती रही। देर रात तक लोग नोट चलाने के लिए भटकते रहे। इस दौरान अमर उजाला टीम ने पूरे शहर का जायजा लिया। जैसा जहां देखा, प्रस्तुत है-
पेट्रोल पंप
रात 8.55 बजे ग्वालियर रोड स्थित हाजी एंड संस पेट्रोल पंप पर भीड़ लगी थी। हर कोई पेट्रोल के बदले पांच सौ और हजार का नोट दे रहा था। देखते ही देखते पेट्रोल पंप में सौ और पचास के नोट खत्म हो गए। तब लोगों को मजबूरी में पांच सौ और एक हजार का पेट्रोल भरवाना पड़ा। रात 9.30 बजे इलाइट चौराहे के पास बुंदेलखंड पेट्रोल पंप में मशीन खराब होने की बात कहकर पेट्रोल देने से मना कर दिया। 9.50 बजे सीपरी रोड स्थित प्रमोद पंप पर लंबी कतारें लगी थीं। लोग पांच सौ और एक हजार का पेट्रोल भरवा रहे थे। पेट्रोल पंप संचालकों के पास फुटकर रुपये खत्म हो चुके थे। रात 10 बजे स्टेशन रोड स्थित ऊर्जा पेट्रोल पंप में मशीन खराब होने बात कहकर पेट्रोल देने से मना कर दिया। लोगों ने हंगामा भी किया।
एटीएम से तो पांच सौ नोट ही निकले
रात 9 बजे मिशन कंपाउंड स्थित पीएनबी का एटीएम बंद हो गया। रुपये ही खत्म हो चुके थे। 9.10 बजे सीएमओ आफिस के सामने पीएनबी के एटीएम पर भारी भीड़ जुटी रही। लेकिन एटीएम से पांच सौ के ही नोट निकल रहे थे। इस कारण लोग निराश हुए। रात 9.15 बजे ग्वालियर रोड स्थित आईडीबीआई और आंध्रा बैंक के एटीएम का भी यही हाल था। रात 9.45 पर इलाइट चौराहा स्थित पीएबी का एटीएम बंद था, जबकि देना बैंक का एटीएम खुला था, लेकिन वहां भी पांच सौ के ही नोट निकल रहे थे।
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर और भोजनालय में तो चल गए
रात 10.15 बजे इलाइट चौराहे के पास स्थित गीता भोजनालय में देर रात तक एक हजार और पांच सौ के नोट स्वीकार किए जा रहे थे। वहीं पर सुधा मेडिकल स्टोर भी में भीड़ थी। वहां भी पांच सौ से नोट आसानी से स्वीकार किए जा रहे थे। बस अड्डे और स्टेशन के टिकट काउंटरों पर भी पांच सौ के नोट लिए जा रहे थे। निजी अस्पतालों में भी हजार और पांच सौ के नोट से इनकार नहीं किया गया।
इनकी दिक्कतें भी जानिए
घूम चुके हैं चार एटीएम
जेब में सिर्फ सत्तर रुपये हैं। न्यूज सुनी तो एटीएम की ओर भाग लेकिन चार एटीएम हो कर आया हूं। हर जगह पांच सौ के नोट ही निकल रहे हैं। रुपये निकाल भी लें तो लेगा कौन। दो दिन का खर्चा कैसे चलेगा इसकी समस्या हो रही है।
स्वतंत्र सिंह, छात्र
मिशन कंपाउंड
पेट्रोल नहंी मिल रहा
पेट्रोल लेने के लिए दो पंपों पर गया था। वहां पांच सौ के नोट न लेने पड़ें, इसलिए मशीन खराब बता रहे हैं। समस्या हो रही है कि यदि और दिन भी पेट्रोल पंप बंद रहे तो गाड़ी कैसे चलाउंगा।
सनोज कुमार वर्मा, हाइड्रिल कालोनी
पांच सौ के नोट नहीं ले रहे
ऊर्जा पेट्रोल पंप पर देर से खड़े हैं। यहां पर पांच सौ का नोट ही नहीं ले रहे हैं। पेट्रोल देने से मना कर दिया, मशीन खराब बता रहे हैं। गाड़ी में थोड़ा सा पेट्रोल ही है कैसे काम चलेगा। सरकार ने पेट्रोल पंपों पर नोट चलने की घोषणा की है, लेकिन यह लोग नहीं ले रहे हैं।
रणवीर सिंह
जो भी दवा लेने आ रहा है उससे पांच सौ और हजार के स्वीकार कर रहे हैं। जब तक सौ, पचास और दस के नोट हैं, देंगे। नहीं होंगे तो कहां से देंगे। सरकार ने मेडिकल स्टोर पर नोट चलने की बात कही है तो मानना ही पड़ेगा। एकदम से निर्णय लिए जाने से समस्या तो हो ही रही है।
आलोक गुप्ता, दवा व्यवसायी
विज्ञापन
पेट्रोल पंप
रात 8.55 बजे ग्वालियर रोड स्थित हाजी एंड संस पेट्रोल पंप पर भीड़ लगी थी। हर कोई पेट्रोल के बदले पांच सौ और हजार का नोट दे रहा था। देखते ही देखते पेट्रोल पंप में सौ और पचास के नोट खत्म हो गए। तब लोगों को मजबूरी में पांच सौ और एक हजार का पेट्रोल भरवाना पड़ा। रात 9.30 बजे इलाइट चौराहे के पास बुंदेलखंड पेट्रोल पंप में मशीन खराब होने की बात कहकर पेट्रोल देने से मना कर दिया। 9.50 बजे सीपरी रोड स्थित प्रमोद पंप पर लंबी कतारें लगी थीं। लोग पांच सौ और एक हजार का पेट्रोल भरवा रहे थे। पेट्रोल पंप संचालकों के पास फुटकर रुपये खत्म हो चुके थे। रात 10 बजे स्टेशन रोड स्थित ऊर्जा पेट्रोल पंप में मशीन खराब होने बात कहकर पेट्रोल देने से मना कर दिया। लोगों ने हंगामा भी किया।
विज्ञापन
एटीएम से तो पांच सौ नोट ही निकले
रात 9 बजे मिशन कंपाउंड स्थित पीएनबी का एटीएम बंद हो गया। रुपये ही खत्म हो चुके थे। 9.10 बजे सीएमओ आफिस के सामने पीएनबी के एटीएम पर भारी भीड़ जुटी रही। लेकिन एटीएम से पांच सौ के ही नोट निकल रहे थे। इस कारण लोग निराश हुए। रात 9.15 बजे ग्वालियर रोड स्थित आईडीबीआई और आंध्रा बैंक के एटीएम का भी यही हाल था। रात 9.45 पर इलाइट चौराहा स्थित पीएबी का एटीएम बंद था, जबकि देना बैंक का एटीएम खुला था, लेकिन वहां भी पांच सौ के ही नोट निकल रहे थे।
विज्ञापन
मेडिकल स्टोर और भोजनालय में तो चल गए
रात 10.15 बजे इलाइट चौराहे के पास स्थित गीता भोजनालय में देर रात तक एक हजार और पांच सौ के नोट स्वीकार किए जा रहे थे। वहीं पर सुधा मेडिकल स्टोर भी में भीड़ थी। वहां भी पांच सौ से नोट आसानी से स्वीकार किए जा रहे थे। बस अड्डे और स्टेशन के टिकट काउंटरों पर भी पांच सौ के नोट लिए जा रहे थे। निजी अस्पतालों में भी हजार और पांच सौ के नोट से इनकार नहीं किया गया।
इनकी दिक्कतें भी जानिए
घूम चुके हैं चार एटीएम
जेब में सिर्फ सत्तर रुपये हैं। न्यूज सुनी तो एटीएम की ओर भाग लेकिन चार एटीएम हो कर आया हूं। हर जगह पांच सौ के नोट ही निकल रहे हैं। रुपये निकाल भी लें तो लेगा कौन। दो दिन का खर्चा कैसे चलेगा इसकी समस्या हो रही है।
स्वतंत्र सिंह, छात्र
मिशन कंपाउंड
पेट्रोल नहंी मिल रहा
पेट्रोल लेने के लिए दो पंपों पर गया था। वहां पांच सौ के नोट न लेने पड़ें, इसलिए मशीन खराब बता रहे हैं। समस्या हो रही है कि यदि और दिन भी पेट्रोल पंप बंद रहे तो गाड़ी कैसे चलाउंगा।
सनोज कुमार वर्मा, हाइड्रिल कालोनी
पांच सौ के नोट नहीं ले रहे
ऊर्जा पेट्रोल पंप पर देर से खड़े हैं। यहां पर पांच सौ का नोट ही नहीं ले रहे हैं। पेट्रोल देने से मना कर दिया, मशीन खराब बता रहे हैं। गाड़ी में थोड़ा सा पेट्रोल ही है कैसे काम चलेगा। सरकार ने पेट्रोल पंपों पर नोट चलने की घोषणा की है, लेकिन यह लोग नहीं ले रहे हैं।
रणवीर सिंह
जो भी दवा लेने आ रहा है उससे पांच सौ और हजार के स्वीकार कर रहे हैं। जब तक सौ, पचास और दस के नोट हैं, देंगे। नहीं होंगे तो कहां से देंगे। सरकार ने मेडिकल स्टोर पर नोट चलने की बात कही है तो मानना ही पड़ेगा। एकदम से निर्णय लिए जाने से समस्या तो हो ही रही है।
आलोक गुप्ता, दवा व्यवसायी