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खेत का एक टुकड़ा भी नहीं नाम, हासिल कर ली 64 बोरी खाद
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झांसी। जिले में खाद के लिए मची मारामारी की बीच दो लोग ऐसे सामने आए हैं, जिनके नाम जमीन का एक टुकड़ा भी दर्ज नहीं है। बावजूद, उन्होंने 64 बोरी खाद हासिल कर ली। जिलाधिकारी द्वारा कराई गई जांच में इसका खुलासा हुआ है। अब इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
खाद के लिए पिछले एक महीने से मारामारी की स्थिति बनी हुई है। खाद वितरण केंद्रों पर सुबह से लेकर देर शाम तक किसानों की भीड़ जमा रहती है। आए दिन हंगामा भी होता है। जबकि, लक्ष्य 31 मीट्रिक टन के सापेक्ष जिले में 33 मीट्रिक टन खाद वितरित की जा चुकी है। बावजूद, किल्लत दूर नहीं हुई है। माना जा रहा है कि यहां से खाद आसपास के मध्य प्रदेश के इलाकों में ले जाई जा रही है। इसकी पड़ताल के लिए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जांच के निर्देश दिए थे, जिसके तहत सबसे ज्यादा खाद लेने वाले जिले के 100 लोगों को चिह्नित किया गया था। जांच में इनमें से दो लोग ऐसे पाए गए, जिन्होंने तथ्यों को छुपाकर खाद हासिल कर ली। रक्सा के एक खाद विक्रेता ने एक किसान को 34 बोरी खाद उपलब्ध कराई, जबकि जांच में खाद लेने वाला व्यक्ति जमीन से जुड़े प्रपत्र नहीं दिखा सका। वहीं, समथर के एक खाद विक्रेता ने एक व्यक्ति को 30 बोरी खाद दी। जांच में उसके पास भी जमीन के कागजात नहीं मिले। बाद में बताया गया कि उसके पिता के नाम 12 एकड़ जमीन है। जबकि, नियमानुसार एक एकड़ जमीन पर एक बोरी खाद देने का ही प्रावधान है। अब इन दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
गलत ढंग से खाद हासिल करने वाले दोनों लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम व फर्टिलाइजर कंट्रोल एक्ट ऑर्डर के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। जिले में खाद की कोई किल्लत नहीं है। लक्ष्य से अधिक खाद का वितरण किया जा चुका है।
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- रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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खाद के लिए पिछले एक महीने से मारामारी की स्थिति बनी हुई है। खाद वितरण केंद्रों पर सुबह से लेकर देर शाम तक किसानों की भीड़ जमा रहती है। आए दिन हंगामा भी होता है। जबकि, लक्ष्य 31 मीट्रिक टन के सापेक्ष जिले में 33 मीट्रिक टन खाद वितरित की जा चुकी है। बावजूद, किल्लत दूर नहीं हुई है। माना जा रहा है कि यहां से खाद आसपास के मध्य प्रदेश के इलाकों में ले जाई जा रही है। इसकी पड़ताल के लिए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने जांच के निर्देश दिए थे, जिसके तहत सबसे ज्यादा खाद लेने वाले जिले के 100 लोगों को चिह्नित किया गया था। जांच में इनमें से दो लोग ऐसे पाए गए, जिन्होंने तथ्यों को छुपाकर खाद हासिल कर ली। रक्सा के एक खाद विक्रेता ने एक किसान को 34 बोरी खाद उपलब्ध कराई, जबकि जांच में खाद लेने वाला व्यक्ति जमीन से जुड़े प्रपत्र नहीं दिखा सका। वहीं, समथर के एक खाद विक्रेता ने एक व्यक्ति को 30 बोरी खाद दी। जांच में उसके पास भी जमीन के कागजात नहीं मिले। बाद में बताया गया कि उसके पिता के नाम 12 एकड़ जमीन है। जबकि, नियमानुसार एक एकड़ जमीन पर एक बोरी खाद देने का ही प्रावधान है। अब इन दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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गलत ढंग से खाद हासिल करने वाले दोनों लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम व फर्टिलाइजर कंट्रोल एक्ट ऑर्डर के तहत एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। जिले में खाद की कोई किल्लत नहीं है। लक्ष्य से अधिक खाद का वितरण किया जा चुका है।
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- रविंद्र कुमार, जिलाधिकारी