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पांच जुलाई से आरंभ होगा झांसी-कानपुर ट्रैक के बीच नान इंटरलाकिंग का काम
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झांसी। झांसी-कानपुर ट्रैक के बीच अधूरे पड़े नान इंटरलाकिंग का काम पांच जुलाई से आरंभ होने जा रहा है। इस संबंध में रेलवे अभियंताओं ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस पूरे ट्रैक के तैयार हो जाने के बाद ट्रेनों की न सिर्फ रफ्तार बढ़ जाएगी बल्कि झांसी से कानपुर के बीच का सफर दो घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा।
करीब 205 किमी लंबे इस रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम वर्ष 2018 में पूरा हो जाना था लेकिन, कई अड़चनों के चलते यह काम लगातार पिछड़ता गया। कई रेलखंड के बीच पटरी बिछ गई लेकिन, ब्लॉक न मिल पाने से नान इंटर लाकिंग का काम नहीं हो पाया। रेल अफसरों के मुताबिक मलासा-लालपुर-पामा के बीच 18.5 किमी, ऊसरगांव कालपी चौराहा रेलखंड एवं रसूलपुर-भीमसेन के बीच 17 किमी में काम अधूरा पड़ा हुआ है। इसमेें पामा-रसूलपुर-गोगामऊ-भीमसेन के बीच नॉन इंटर लाकिंग काम कराने के लिए काफी इंतजार के बाद ब्लॉक की इजाजत मिल गई। अब पांच जुलाई से इस सेक्शन पर काम शुरू होने जा रहा है। रेल अभियंताओं ने शुक्रवार को पहुंचकर ट्रैक का जायजा लिया। नान इंटरलाकिंग का यह काम जुलाई में ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सिर्फ मलासा-लालपुर सेक्शन के बीच काम शेष रहा जाएगा। इसके लिए भी ब्लॉक लेना होगा। पूरे सेक्शन पर काम पूरा होने के बाद इस पर गाड़ियों की औसत रफ्तार बढ़ जाएगी। रेल अफसरों के मुताबिक झांसी से कानपुर की दूरी तय करने में अभी चार घंटे का समय लगता है लेकिन, इस ट्रैक के तैयार होने से यह समय घटकर दो घंटे रह जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि इस वर्ष के आखिरी तक पूरे सेक्शन में काम पूरा होने के बाद गाड़ियां भी इस पर चलने लगेंगी। डबल ट्रैक हो जाने से ट्रेनों की औसत रफ्तार में इजाफा होगा।
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करीब 205 किमी लंबे इस रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण का काम वर्ष 2018 में पूरा हो जाना था लेकिन, कई अड़चनों के चलते यह काम लगातार पिछड़ता गया। कई रेलखंड के बीच पटरी बिछ गई लेकिन, ब्लॉक न मिल पाने से नान इंटर लाकिंग का काम नहीं हो पाया। रेल अफसरों के मुताबिक मलासा-लालपुर-पामा के बीच 18.5 किमी, ऊसरगांव कालपी चौराहा रेलखंड एवं रसूलपुर-भीमसेन के बीच 17 किमी में काम अधूरा पड़ा हुआ है। इसमेें पामा-रसूलपुर-गोगामऊ-भीमसेन के बीच नॉन इंटर लाकिंग काम कराने के लिए काफी इंतजार के बाद ब्लॉक की इजाजत मिल गई। अब पांच जुलाई से इस सेक्शन पर काम शुरू होने जा रहा है। रेल अभियंताओं ने शुक्रवार को पहुंचकर ट्रैक का जायजा लिया। नान इंटरलाकिंग का यह काम जुलाई में ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सिर्फ मलासा-लालपुर सेक्शन के बीच काम शेष रहा जाएगा। इसके लिए भी ब्लॉक लेना होगा। पूरे सेक्शन पर काम पूरा होने के बाद इस पर गाड़ियों की औसत रफ्तार बढ़ जाएगी। रेल अफसरों के मुताबिक झांसी से कानपुर की दूरी तय करने में अभी चार घंटे का समय लगता है लेकिन, इस ट्रैक के तैयार होने से यह समय घटकर दो घंटे रह जाएगा। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि इस वर्ष के आखिरी तक पूरे सेक्शन में काम पूरा होने के बाद गाड़ियां भी इस पर चलने लगेंगी। डबल ट्रैक हो जाने से ट्रेनों की औसत रफ्तार में इजाफा होगा।
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