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कप्तान के आदेश का नहीं दिखा असर

Sat, 02 Apr 2016 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 02 Apr 2016 01:44 AM IST
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no impact of ssp's order
ssp order, jhansi hindi news - फोटो : amar ujala
झांसी। पुलिस कप्तान का हेलमेट को लेकर दिया गया आदेश शुक्रवार को पूरी तरह बेअसर रहा। लोग ही नहीं पुलिस कर्मी भी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से प्रतिबंधित किए गए थानों, पुलिस लाइन व जिला मुख्यालय में आवागमन करते रहे। हैरानी यह है कि कप्तान के आदेश के बारे में थानेदारों को भी जानकारी नहीं है।
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बृहस्पतिवार को पद संभालने के साथ ही एसएसपी मनोज तिवारी ने एसपी सिटी व एसपी देहात को निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों का थानों, पुलिस लाइन व जिला पुलिस कार्यालय में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाए। यह भी कहा कि सबसे पहले निशाने पर पुलिस कर्मी होंगे, उनके हेलमेट नहीं लगाने पर चालान काटे जाएं।
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मगर अफसोस की बात यह है कि कप्तान का आदेश 24 घंटे के अंदर ही हवा-हवाई हो गया। सामान्य नागरिक तो दूर की बात पुलिस कर्मी भी बेखौफ प्रतिबंधित किए गए स्थानों पर आवागमन करते रहे। जब इस आदेश के बाबत कई थानेदारों से बात की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। यही नहीं, अधीनस्थ अधिकारी आदेश का पालन नहीं होने पर अपनी-अपनी सफाई पेश करने लगे।
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एसपी सिटी गरिमा सिंह का कहना है कि एक-दो दिन में आदेश का पालन होगा। चेकिंग करवाई जाएगी, अभियान भी चलेगा। अभी एसएसपी ने आदेश भी जारी नहीं किए हैं। आदेश जारी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। एसपी देहात दिनेश सिंह का कहना है कि आदेश बंद कमरे दिए गए थे। कप्तान आदेश जारी करेंगे तब कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने कहा कि टीआई से पता चला है कि शुक्रवार को मैसेज दिया गया है। रविवार से कार्रवाई की जाएगी।

एसएसपी मनोज तिवारी से बताया कि लखनऊ से लौटने के बाद सोमवार से सख्ती से हेलमेट को लेकर अभियान चलाया जाएगा। थानों, पुलिस कार्यालय व पुलिस लाइन में बिना हेलमेट किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

किसी को ‘एंट्री’, किसी को ‘नो-एंट्री’

झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नो व्हीकल डे पर वाहनों की एंट्री में भेदभाव किया गया। किसी को एंट्री मिली तो किसी को नो-एंट्री। इससे वाहन चालकों में नाराजगी रही।

गौरतलब है कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हर माह की पहली तारीख को नो व्हीकल डे मनाया जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने वाहनों पर पूर्णत: प्रतिबंध न लगाते हुए लोगों से एक दिन कैंपस को ईंधन मुक्त रखने की मांग की है। इस दिवस पर ईंधन वाहनों को स्वेच्छा से जो लोग कैंपस में नहीं लाना चाहते हैं, उनके वाहन विश्वविद्यालय मेन गेट के बाहर खड़े करवाए जाते हैं।

बीते कुछ दिवसों में विश्वविद्यालय के सुरक्षा गार्डों ने जरूरतमंद और गैर जरूरतमंद वाहनों की एंट्री पर पूर्णत: रोक लगा रखी थी लेकिन एक अप्रैल को किसी को एंट्री दी गई तो किसी को नो एंट्री। जिनको एंट्री नहीं मिली उन्होंने खुद को ‘अप्रैल फूल’ बना महसूस किया और सुरक्षा एजेंसी के इस दोहरे रवैये पर आक्रोश जताया।


कुछ वाहन चालक तो सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए मेन गेट से परिसर में दाखिल हुए, वहीं विनती करने वाले जरूरतमंदों की तो किसी ने गिनती में भी नहीं समझा। तेज गर्मी के कारण कैंपस में पैदल चलने से विकलांग, महिलाओं को परेशानी हुई।
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