झाड़ फूंक में गई नई दुल्हन की जान: झांसी में नवविवाहिता ने खुद को लगाई आग, अस्पताल में हुई मौत
शादी के एक माह बाद नवविवाहिता ने आग लगाकर जान दी। परिजनों के मुताबिक, ऊपरी चक्कर में फंसकर आग लगा ली। इलाज के दौरान महिला ने अस्पताल में दमतोड़ दिया।
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झांसी। शादी के एक माह बाद विवाहिता ने आग लगा ली। गंभीर हाल में उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। चार दिन तक चले उपचार के बाद बुधवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि विवाहिता भूत-प्रेत पर विश्वास करती थी। उपचार के दौरान उसने बताया कि उनकी बातों पर आकर उसने खुद को आग के हवाले करने की बात बताई थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
टहरौली के पिपरा गांव निवासी शिवानी (19) की शादी 25 जून को भटपुरा गांव के नवल किशोर अहिरवार से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, पिछले कई साल से शिवानी की तबीयत खराब रहती थी। परिजन तांत्रिकों के चक्कर में पड़ गए। कई तांत्रिकों ने शिवानी पर ऊपरी फेर बताया। तांत्रिक ने शिवानी की शादी कराने की सलाह दी लेकिन, शादी के बाद भी उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ।
पति नवल किशोर के मुताबिक, 22 जुलाई की सुबह शिवानी खाना बनाने के बाद बर्तन धो रही थी। उसी दौरान बाहर बरामदे के पास उसने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा ली। आग लगने पर वह गली की तरफ दौड़ पड़ी। उसे आग का गोला बना देख पति समेत आसपास के लोगों ने किसी तरह आग बुझाई। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां बर्न वार्ड में उसे भर्ती कर लिया गया। लेकिन, वह करीब पचास फीसदी झुलस चुकी थी।
मां-बाप का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
उपचार के चौथे दिन शिवानी की मौत हो जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शिवानी के मां कौशल्या रोते हुए अचेत हो गई। पति नवल किशोर परिवार का इकलौता पुत्र है। उसके मां-बाप की करीब दो साल पहले मौत हो चुकी। बहन राजकुमारी की शादी कर चुका। इसके बाद से वह दादी कुंवर बाई के साथ रहता है। जीविको पार्जन के लिए गांव में ही वह प्राइवेट काम करता है।