झांसी। देश की आजादी के लिए हुए आंदोलनों में वीरांगना लक्ष्मीबाई की नगरी झांसी के क्रांतिकारियों की हमेशा बड़ी भागीदारी रही है। इनके नाम महारानी लक्ष्मीबाई पार्क में बने शहीद स्तंभ पर अंकित हैं, लेकिन इनमें से कई नाम आज रंग रोगन के अभाव में पढ़ने में ही नहीं आ रहे हैं। कई बार पार्क का कायाकल्प हुआ, लेकिन देश के अमर सपूतों के नामों पर रंग-रोगन तक नहीं हुआ।
लक्ष्मीबाई पार्क में बने इस शहीद स्तंभ का लोकार्पण उत्तर प्रदेश स्वतंत्रता सेनानी कल्याण संस्थान एवं नगर पालिका परिषद झांसी के तत्वावधान में सन 1999 में हुआ था। इसमें 180 से भी अधिक क्रांतिकारियों के नाम अंकित हैं, जिन्होंने शस्त्र क्रांति और अहिंसक आंदोलनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें मास्टर रुद्रनारायण सिंह, कुंज बिहारी लाल शिवानी, शेर खां, मुरलीधर अग्रवाल, शंकरराव मलकापुरकर, रूस्तम सैटिन जी, पिस्ता देवी, हल्की बाई, सावित्री भागवत, प्रकाशवती, ,रामेश्वर प्रसाद शर्मा, कुंवर बहादुर सुनार, पंचम लाल जैन, रामसेवक रावत, रामगोपाल शास्त्री आदि नाम अंकित हैं, लेकिन रंग रोगन के अभाव में और नगर निगम की अनदेखी के कारण इनमें से कई नाम पढ़ने में नहीं आ रहे हैं। मामले में महापौर रामतीर्थ सिंघल का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। जल्द रंग-रोगन कराया जाएगा।