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गायों के उपचार को नगर निगम ने बढ़ाए कदम
jhansi
Updated Thu, 14 Sep 2017 01:23 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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पशु अस्पताल में जानवरों के उपचार के लिए अब दवाइयाें की दिक्कत नहीं होगी। नगर निगम ने 60 हजार रुपये की दवाइयां मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को सौंप दी हैं। इससे गायों का उपचार सुचारु तरीके से हो सकेगा। अमर उजाला की पहल पर नगर आयुक्त ने पशु चिकित्सालय की मदद की है।
बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा के कारण जानवर छुट्टा घूमते हैं। गोशाला की कमी होने के कारण गायों की स्थिति बहुत खराब है। आम रास्ता, हाइवे और ट्रेन की पटरियों पर गायें अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं। लेकिन, पशु चिकित्सालयों में दवाइयां न होने के कारण गायों का उपचार नहीं हो पा रहा था, जिससे गायों की मौत हो रही थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और 09 सितंबर को खबर प्रकाशित की। इसे नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने संज्ञान में लिया और उन्होंने पशुओं की चिकित्सा के लिए जरूरी बुखार की दवाइयां, पट्टी, मल्हम, एंटीबायोटिक दवाएं, इंजेक्शन, पेन किलर समेत अन्य दवाइयां पशु चिकित्सालय को देने का निर्णय लिया।
बुधवार को नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डा. आरके निरंजन साठ हजार रुपये की दवाइयों की सूची और दवाइयां लेकर विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेंद्र सिंह तोमर के कार्यालय पहुंचे और उन्हें दवाइयां सौंप दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि अब दवा की कमी से पशु बीमार नहीं रहेंगे। स्वयंसेवी संगठनों ने भी गायों के उपचार को दवाइयां दी हैं। इसलिए पर्याप्त दवाइयां हैं। शासन से भी बजट जल्द आने की उम्मीद है।
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बुंदेलखंड में अन्ना प्रथा के कारण जानवर छुट्टा घूमते हैं। गोशाला की कमी होने के कारण गायों की स्थिति बहुत खराब है। आम रास्ता, हाइवे और ट्रेन की पटरियों पर गायें अक्सर दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं। लेकिन, पशु चिकित्सालयों में दवाइयां न होने के कारण गायों का उपचार नहीं हो पा रहा था, जिससे गायों की मौत हो रही थी। अमर उजाला ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और 09 सितंबर को खबर प्रकाशित की। इसे नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने संज्ञान में लिया और उन्होंने पशुओं की चिकित्सा के लिए जरूरी बुखार की दवाइयां, पट्टी, मल्हम, एंटीबायोटिक दवाएं, इंजेक्शन, पेन किलर समेत अन्य दवाइयां पशु चिकित्सालय को देने का निर्णय लिया।
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बुधवार को नगर निगम के पशु चिकित्साधिकारी डा. आरके निरंजन साठ हजार रुपये की दवाइयों की सूची और दवाइयां लेकर विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेंद्र सिंह तोमर के कार्यालय पहुंचे और उन्हें दवाइयां सौंप दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. योगेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि अब दवा की कमी से पशु बीमार नहीं रहेंगे। स्वयंसेवी संगठनों ने भी गायों के उपचार को दवाइयां दी हैं। इसलिए पर्याप्त दवाइयां हैं। शासन से भी बजट जल्द आने की उम्मीद है।
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