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दोहरे हत्याकांड की पैरवी में चली गई नदीम की जान

Thu, 06 Feb 2020 01:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2020 01:57 AM IST
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nadeem murder in dubble murder prosecution
nadeem murder in dubble murder prosecution
झांसी। थाना सदर बाजार क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर नदीम अली की हत्या ने छह साल पहले हुए दोहरे हत्याकांड की यादें ताजा कर दीं। दोहरे हत्याकांड की पैरवी के चलते नदीम को मौत के घाट उतार देने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि घटना को अंजाम देकर आरोपी मोहसिन व सानू भाग निकले। पुलिस दोनों की गिरफ्तार में जुट गई है। गिरफ्तारी होने के बाद ही घटना की असली बात सामने आएगी। फिलहाल घटना के बाद से ही इलाके में दहशत फैली हुई है।
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25 अप्रैल 2014 को थाना सदर बाजार के परदसी मोहल्ला में रहने वालीं शहनाज व उसके पुत्र बाबू की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना में मृतकों के रिश्तेदार अहसान, इद्दी, बसीम, इदरीस व अहमद पर हत्या की एफआईआर दर्ज कर सभी को जेल भेज दिया था। इस मामले में मृतका शहनाज के बहनोई नदीम अली ने अदालत तक पुरजोर पैरवी कर पांचों को वर्ष 2017 में आजीवन कारावास की सजा दिलाई थी। पांचों को सजा होने के बाद यहीं से पुन: बड़ी रंजिश दोनों परिवारों के बीच पनपने लगी थी। बीच-बीच में समझौते के प्रयास चले, लेकिन बात नहीं बन सकी। लगातार नदीम पैरवी करता रहा, इसका नतीजा यह रहा कि किसी को भी अदालत से जमानत नहीं मिल सकी। रंजिश लगातर बढ़ने लगी।
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आरोप है कि मंगलवार की रात नदीम अली एक मित्र के घर से लौट रहा था, तभी पहले से ही घात लगाए मोहसिन व सानू ने घेरकर तमंचे से गोली मारी। आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्रित होकर पहुंचे, तब घटना की जानकारी मिली। खबर मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस खून से लथपथ हालत में नदीम को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही सीओ सिटी संग्राम सिंह, सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार गौतम दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें जुटी रहीं, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आ सके।
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बोलेरो गाड़ी को बताया फसाद की जड़
मृतक शहनाज के बड़े पुत्र सलमान ने बताया कि दोनों परिवारों में किसी तरह की कोई रंजिश नहीं थी। 25 अप्रैल 2014 को घटना से एक सप्ताह पहले सलमान ने नई बोलेरो गाड़ी खरीद थी। जो आरोपियों को रास नहीं आई। इसी को लेकर खुन्नस रखने लगे। खुन्नस के चलते विवाद के बाद मां व भाई की गोली मारकर पांचों आरोपियों ने हत्या कर दी थी।
3 फरवरी को को भी हुई थी कहासुनी
मृतक की पत्नी नसरीन ने बताया कि लंबे समय से इस मामले में राजीनामा का प्रयास चल रहा था, लेकिन बात नहीं बन रही थी। आरोप है कि 3 फरवरी को पांचों आरोपी तारीख पर अदालत आए थे। अदालत के बाहर पांचों आरोपियों से आमना-सामना हुआ था। जहां राजीनामा न करने को लेकर कहासुनी भी हुई थी। पत्नी का कहना है कि पांचोें आरोपियों ने ही मोहसिन व सानू से ही उसके पति की हत्या कराई है।
पत्नी बेचती है सब्जी
मृतक की पत्नी नसरीन इलाके में ही सब्जी की दुकान खोले है। पति नदीम कुछ नहीं करता था। पत्नी ही सब्जी बेचकर घर का गुजर बसर करती है। नदीम के तीन लड़कियां व एक लड़का है।
2009 में खुली थी हिस्ट्रीशीट
पुलिस के अनुसार मृतक नदीम इलाके का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर सदर बाजार थानेे में 13 मामले दर्ज हैं। वर्ष 2002 में हत्या के मामले में भी नदीम जेल जा चुका था।

दस दिन छावनी में तब्दील रहा था इलाका
छह साल पहले हुई मां बेटे की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। लोग इस दोहरे हत्याकांड को भी भूल चुके थे। मंगलवार रात हुई घटना के बाद पुन: लोगों के मन में छह साल पुरानी घटना की यादें ताजा हो गईं। उस घटना के बाद दस दिन तक पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा था।
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