{"_id":"5e3332f58ebc3e77ea3d33d1","slug":"murari-murder-jhansi-news-jhs158811956","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाइयों को गांव से निकलते ही मच गया था शोर.. रोको..पुलिस के पास तक जाने नहीं चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाइयों को गांव से निकलते ही मच गया था शोर.. रोको..पुलिस के पास तक जाने नहीं चाहिए
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झांसी। नीरज और विवेक जैसे ही गांव से पुलिस चौकी जाने को निकले तभी शोर मच गया था। गांव में भी दूसरे पक्ष ने इन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन तेज रफ्तार बाइक से दोनों निकल गए। बाद में गांव से रोहित उर्फ छोटू को फोन करके बताया गया कि दोनों भाई पुलिस के पास जा रहे हैं। रोहित जो झांसी में एक डाक्टर की गाड़ी चलाता है वह चिकित्सक की कार को लेकर गांव के लिए निकल गया। रास्ते में घटना को अंजाम दे डाला। बताया जाता है कि जिस क्रेटा से बाइक में टक्कर मारी गई थी उसकी रफ्तार 100 से भी अधिक थी।
अगर गांव वालों की मानें तो सुबह को केबल डालने को लेकर जो नीरज और विवेक से दूसरे पक्ष का विवाद हुआ था उसमें रोहित उर्फ छोटू शामिल नहीं था। रोहित झांसी में ही था। बताया जाता है कि रोहित काफी समय से ड्राइवरी कर रहा है और उसकी बड़े लोगों के साथ पहचान भी है लिहाजा परिवार वालों ने उसे फोन करके बताया था कि वह लोग शिकायत करने पुलिस के पास जा रहे हैं। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि रोहित को इसलिए फोन किया गया था कि वह दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कर देगा। रोहित डाक्टर की क्रेटा कार लेकर झांसी से निकला था और गांव के पास बांध के करीब दोनों भाई सामने से आते हुए नजर आ गए तो उसने कार बाइक पर चढ़ा दी। कार की रफ्तार तेज थी और बाइक भी स्पीड में थी लिहाजा टक्कर जबरदस्त हुई। दोनों बांध के पास गिर गए। जब तक परिवार वाले पहुंचे काफी खून बह चुका था। कुछ देर बाद दोनों भाइयों की मौत हो गई। नीरज और विवेक के परिवार वालों ने बताया कि दोनों को दबंगों ने बुरी तरह से पीटा था। गांव वालों ने किसी तरह से बचाया। बाद में तय हुआ कि पुलिस से शिकायत की जाए। दोनों पुलिस चौकी जाने की कहकर घर से निकले थे। गांव में भी उन्हें रोकने की कोशिश की गई।
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अगर गांव वालों की मानें तो सुबह को केबल डालने को लेकर जो नीरज और विवेक से दूसरे पक्ष का विवाद हुआ था उसमें रोहित उर्फ छोटू शामिल नहीं था। रोहित झांसी में ही था। बताया जाता है कि रोहित काफी समय से ड्राइवरी कर रहा है और उसकी बड़े लोगों के साथ पहचान भी है लिहाजा परिवार वालों ने उसे फोन करके बताया था कि वह लोग शिकायत करने पुलिस के पास जा रहे हैं। कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि रोहित को इसलिए फोन किया गया था कि वह दोनों को समझा-बुझाकर मामला शांत कर देगा। रोहित डाक्टर की क्रेटा कार लेकर झांसी से निकला था और गांव के पास बांध के करीब दोनों भाई सामने से आते हुए नजर आ गए तो उसने कार बाइक पर चढ़ा दी। कार की रफ्तार तेज थी और बाइक भी स्पीड में थी लिहाजा टक्कर जबरदस्त हुई। दोनों बांध के पास गिर गए। जब तक परिवार वाले पहुंचे काफी खून बह चुका था। कुछ देर बाद दोनों भाइयों की मौत हो गई। नीरज और विवेक के परिवार वालों ने बताया कि दोनों को दबंगों ने बुरी तरह से पीटा था। गांव वालों ने किसी तरह से बचाया। बाद में तय हुआ कि पुलिस से शिकायत की जाए। दोनों पुलिस चौकी जाने की कहकर घर से निकले थे। गांव में भी उन्हें रोकने की कोशिश की गई।
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