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सुदूर इलाकों तक नहीं पहुंचती नगर निगम की कूड़ा गाड़ी
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झांसी। नगर निगम सीमा में शामिल हुए दर्जनों इलाके की सफाई व्यवस्था अभी भी पुराने अंदाज में चल रही है। यहां नगर निगम की ओर से कूड़ा गाड़ी तक नियमित नहीं भेजी जाती। इस वजह से कई जगह कूड़ा का अंबार लग चुका है। कूड़ा लोगों को बीमार कर रहा है। परेशान लोगों ने शिकायत की लेकिन, इसका कोई नतीजा नहीं निकला। स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम प्रशासन अभी भी इन इलाकों को सतौला मानता है।
फरवरी 2002 में नगर निगम सीमा में शामिल हुए 15 ग्राम सभाओं के लिए अभी तक नगर निगम ने सेनेटाइजेशन प्लान तैयार नहीं किया। नतीजतन इन इलाकों में न नियमित सफाई होती है, न कूड़ा उठवाया जाता है। गढ़ियागांव के कृष्णा कॉलोनी, बुद्घ विहार, अंबेडकर कॉलोनी, तैलया आदि मोहल्लों में कूड़े का अंबार है। गढ़ियागांव में सिर्फ तीन जगह ही डीपी बिंस लगी है। कूड़ा न उठने से यह हमेशा भरी रहती है। इसके आसपास कूड़ा भरा रहता है। गोरैया नगर के मुहाने पर कूड़ा का टीला बनता जा रहा है। अधिकांश इलाकों की सफाई प्राइवेट सफाई कर्मचारियों के भरोसे है। स्थानीय लोगों के मुताबिक निगम सीमा में शामिल होने के बावजूद गंदगी और कूड़ा से मुक्ति नहीं मिली। हर बाहरी इलाके का यही हाल है। बूढ़ा, नगरिया कुआं, सिमरधा, करारी, अंबावाय, परवई गांव, यही हाल सिमरधा, सिमराहा, लहरगिर्द, तालपुरा, भट्टागांव, खिरकपट्टी में भी डीपी बिंस नहीं है। इस वजह से सड़कों पर कूड़ा फेंका जाता है।
रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से हो रहा जानवर पालन
रिहायशी इलाकों मेें जानवर पालन पर कई वर्ष पहले ही रोक लगाई जा चुकी लेकिन, इन इलाकों में धड़ल्ले से जानवर पालन होता है। कृष्णा कॉलोनी, अंबेडकर कॉलोनी, तैलया आदि मोहल्लों में घरों के आसपास जानवर पूरे दिन घूमकर गंदगी फैलाते रहते हैं लेकिन, इनके ऊपर कोई रोक नहीं है। लोगों का कहना है कि सूअरों की गंदगी की वजह से यहां स्ट्रीट फूड की दुकानें नहीं चल पाती हैं। इनकी फैलाई गंदगी से यहां बीमारियां भी फैलती हैं।
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- गंदगी से हम लोग बहुत परेशान है। नगर निगम हमारे मोहल्ले के साथ सौतेला व्यवहार करता है। गंदगी की वजह से बीमारियां भी अकसर फैल जाती हैं
नवीन गौतम
- सफाई के लिए यहां कोई कर्मचारी नहीं आता। घर के पास की नालियां पूरी तरह भरी हुई हैं। सूअर घरों के आसपास घूमते रहते हैं। शिकायत की गई। इसकी सुनवाई नहीं हुई।
श्वेता तिवारी
- रोजाना कूड़ा नहीं उठता। मोहल्ले के मुंहाने पर ही कूड़ा भरा हुआ है। यहां नगर निगम के कर्मचारी नहीं आते हैं।
राहुल
- नगर निगम में शामिल होने के बाद भी यहां की सुविधाओं में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। पूरा इलाका पहले की तरह ही है।
आकृति
पूरी सड़क उखड़ी पड़ी हुई है। तीन महीने पहले पाइप लाइन बिछाई गई। आज तक पानी की आपूर्ति आरंभ नहीं हुई। शिकायत पर भी कोई यहां नहीं आता।
- पंकज
कई बार सड़क बनवाने की बात कही। इसकी मिट्टी उड़कर घर तक चली आती है। पीने का पानी भी हैडपंप से लेना पड़ता है। शिकायत करने का कोई फायदा नहीं होता
प्रेमवती साहू
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फरवरी 2002 में नगर निगम सीमा में शामिल हुए 15 ग्राम सभाओं के लिए अभी तक नगर निगम ने सेनेटाइजेशन प्लान तैयार नहीं किया। नतीजतन इन इलाकों में न नियमित सफाई होती है, न कूड़ा उठवाया जाता है। गढ़ियागांव के कृष्णा कॉलोनी, बुद्घ विहार, अंबेडकर कॉलोनी, तैलया आदि मोहल्लों में कूड़े का अंबार है। गढ़ियागांव में सिर्फ तीन जगह ही डीपी बिंस लगी है। कूड़ा न उठने से यह हमेशा भरी रहती है। इसके आसपास कूड़ा भरा रहता है। गोरैया नगर के मुहाने पर कूड़ा का टीला बनता जा रहा है। अधिकांश इलाकों की सफाई प्राइवेट सफाई कर्मचारियों के भरोसे है। स्थानीय लोगों के मुताबिक निगम सीमा में शामिल होने के बावजूद गंदगी और कूड़ा से मुक्ति नहीं मिली। हर बाहरी इलाके का यही हाल है। बूढ़ा, नगरिया कुआं, सिमरधा, करारी, अंबावाय, परवई गांव, यही हाल सिमरधा, सिमराहा, लहरगिर्द, तालपुरा, भट्टागांव, खिरकपट्टी में भी डीपी बिंस नहीं है। इस वजह से सड़कों पर कूड़ा फेंका जाता है।
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रिहायशी इलाकों में धड़ल्ले से हो रहा जानवर पालन
रिहायशी इलाकों मेें जानवर पालन पर कई वर्ष पहले ही रोक लगाई जा चुकी लेकिन, इन इलाकों में धड़ल्ले से जानवर पालन होता है। कृष्णा कॉलोनी, अंबेडकर कॉलोनी, तैलया आदि मोहल्लों में घरों के आसपास जानवर पूरे दिन घूमकर गंदगी फैलाते रहते हैं लेकिन, इनके ऊपर कोई रोक नहीं है। लोगों का कहना है कि सूअरों की गंदगी की वजह से यहां स्ट्रीट फूड की दुकानें नहीं चल पाती हैं। इनकी फैलाई गंदगी से यहां बीमारियां भी फैलती हैं।
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- गंदगी से हम लोग बहुत परेशान है। नगर निगम हमारे मोहल्ले के साथ सौतेला व्यवहार करता है। गंदगी की वजह से बीमारियां भी अकसर फैल जाती हैं
नवीन गौतम
- सफाई के लिए यहां कोई कर्मचारी नहीं आता। घर के पास की नालियां पूरी तरह भरी हुई हैं। सूअर घरों के आसपास घूमते रहते हैं। शिकायत की गई। इसकी सुनवाई नहीं हुई।
श्वेता तिवारी
- रोजाना कूड़ा नहीं उठता। मोहल्ले के मुंहाने पर ही कूड़ा भरा हुआ है। यहां नगर निगम के कर्मचारी नहीं आते हैं।
राहुल
- नगर निगम में शामिल होने के बाद भी यहां की सुविधाओं में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई। पूरा इलाका पहले की तरह ही है।
आकृति
पूरी सड़क उखड़ी पड़ी हुई है। तीन महीने पहले पाइप लाइन बिछाई गई। आज तक पानी की आपूर्ति आरंभ नहीं हुई। शिकायत पर भी कोई यहां नहीं आता।
- पंकज
कई बार सड़क बनवाने की बात कही। इसकी मिट्टी उड़कर घर तक चली आती है। पीने का पानी भी हैडपंप से लेना पड़ता है। शिकायत करने का कोई फायदा नहीं होता
प्रेमवती साहू