फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Mother's Milk Bank slipped from Medical College, now it will be built in Women's Hospital

Jhansi News: मेडिकल कॉलेज से फिसला मदर मिल्क बैंक, अब महिला अस्पताल में बनेगा

Sun, 19 Jul 2026 02:38 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Sun, 19 Jul 2026 02:38 AM IST
विज्ञापन
Mother's Milk Bank slipped from Medical College, now it will be built in Women's Hospital
झांसी। मेडिकल कॉलेज का बाल रोग विभाग डेढ़ वर्ष से मदर मिल्क बैंक की योजना ही बना रहा है। वहीं, जिला महिला अस्पताल में अगस्त के मध्य तक बैंक बन जाएगा। खास यह है कि यूनिसेफ की टीम स्थान का चयन कर चुकी है, जबकि मेडिकल कॉलेज प्रशासन समुचित स्थान तक नहीं दिखा सका।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज में वर्तमान समय में 10 बेड की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) चल रही है और करीब 45 बेड की नई एसएनसीयू लगभग बनकर तैयार हो गई है। हैरानी तो यह है कि मेडिकल कॉलेज में अभी तक मदर मिल्क बैंक नहीं है, जिसकी वजह से चिंताजनक हालत में भर्ती शिशुओं को मां का दूध पिलाने को लेकर काफी दिक्कत होती है। यदि कोई माता अस्पताल में भर्ती है, तो बच्चे को बाजार का दूध पिलाना मजबूरी होती है। कॉलेज प्रशासन इस समस्या को बखूबी जानता है। यही वजह है कि डेढ़ वर्ष से मदर मिल्क बैंक बनाने की सिर्फ योजना ही बन रही है।
विज्ञापन

विगत दिनों जिला महिला चिकित्सालय में प्रदेश स्तरीय यूनिसेफ की मातृ-शिशु कंसल्टेंट टीम आई। टीम ने एसएनसीयू एवं प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया। टीम ने शिशुओं की स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता परखी। इस दौरान ही एसएनसीयू के बगल में मदर मिल्क बैंक बनाने के लिए स्थान चिह्नित किया। सीएमएस डॉ. राजनारायण ने बताया कि यूनिसेफ की टीम अगस्त तक मदर मिल्क बैंक बनाने का भरोसा दे गई है। वहीं, यूनिसेफ की टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची। टीम को जिम्मेदार मदर मिल्क बैंक के लिए समुचित स्थान नहीं दिखा सके। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी ने बताया कि यूनिसेफ की टीम आई थी, जिसे मदर मिल्क बैंक के लिए स्थान दिखा दिया है। टीम कोई संतोषजनक जवाब देकर नहीं गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह खास है मदर मिल्क बैंक में
शिशु को जन्म देने वाली माता का दूध संरक्षित किया जाता है। इसके लिए डीप फ्रीजर और अन्य मशीनें होती हैं। -20 डिग्री पर दूध को संरक्षित करके दो हफ्ते तक इस्तेमाल किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed