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सालों से गाड़ी चलाने वाले भी ड्राइविंग टेस्ट में हो रहे हैं फेल
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सालों से गाड़ी चलाने वाले भी ड्राइविंग टेस्ट में हो रहे हैं फेल
झांसी। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा ली जा रही परीक्षा में पिछले एक माह के दरम्यान तीस फीसदी से अधिक आवेदक फेल हो चुके हैं। इनमें तमाम ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पिछले कई सालों से गाड़ियां चला रहे हैं। कई उच्च शिक्षित लोग भी पास होने के लिए जरूरी अंक हासिल नहीं कर पा रहे हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा आवेदकों का ऑनलाइन टेस्ट लिया जा रहा है। इस टेस्ट में आवेदक से 15 सवाल पूछे जाते हैं। प्रत्येक सवाल का उत्तर देने के लिए 30 सेकेंड का समय निर्धारित होता है। ये अवधि गुजरने के बाद प्रश्न स्क्रीन से गायब हो जाता है और अपने आप नया सवाल आ जाता है। पास होने के लिए 15 में से नौ सवालों का सही जवाब देना जरूरी होता है। पिछले एक माह के दरम्यान 478 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट दिया, लेकिन इनमें से 322 ही सफल हो सके। 156 आवेदकों का ड्राइविंग का ज्ञान बेहद कम पाया गया, जिसके आधार पर उन्हें फेल कर दिया गया था। फेल होने वालों में ऐसे कई लोग रहे जो सालों से बगैर लाइसेंस के दुपहिया व चार पहिया वाहन सड़कों पर दौड़ाते आ रहे हैं। इसके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर जैसे पेशेवर भी इस परीक्षा को पास नहीं कर पाए। हालांकि, फेल होने वालों को 50 रुपये शुल्क अदा करने के बाद दुबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाता है। विदित हो कि ऑनलाइन टेस्ट में ज्यादातर सवाल सड़क के संकेतों से जुड़े होते हैं। लेकिन, इनकी सही पहचान न होने की वजह से लोग सही उत्तर नहीं दे पाते हैं।
आईआरएडी में दर्ज होगा दुर्घटनाओं का डाटा
झांसी। सड़क दुर्घटनाओं का ब्योरा इकट्ठा करने के लिए इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा (आईआरएडी) तैयार किया जा रहा है। इसमें परिवहन विभाग के अलावा पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग को भी जोड़ा जाएगा। दुर्घटना से जुड़ी सूचना सभी को इस पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। पोर्टल पर दुर्घटना की सूचना दर्ज होने के बाद उसके कारण तलाशे जाएंगे। एक ही स्थान पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, तो इसमें सड़क की खामी खोजकर उसे दुरुस्त किया जाएगा। दुर्घटना नियंत्रण के लिए कहां पुलिस की ज्यादा आवश्यकता है और स्वास्थ्य विभाग को कहां सक्रिय रहना है, ये भी पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं के जरिये तय किया जाएगा।
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ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट में सड़क संकेतों से जुड़े सामान्य प्रश्न पूछे जाते हैं। बेहतर हो कि टेस्ट से पहले आवेदक इसके बारे में जानकारी हासिल कर लें। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ा डाटा एक स्थान पर रखने के लिए आईआरएडी पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिये दुर्घटना नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे।
- सत्येंद्र कुमार, एआरटीओ
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झांसी। ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा ली जा रही परीक्षा में पिछले एक माह के दरम्यान तीस फीसदी से अधिक आवेदक फेल हो चुके हैं। इनमें तमाम ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पिछले कई सालों से गाड़ियां चला रहे हैं। कई उच्च शिक्षित लोग भी पास होने के लिए जरूरी अंक हासिल नहीं कर पा रहे हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन विभाग द्वारा आवेदकों का ऑनलाइन टेस्ट लिया जा रहा है। इस टेस्ट में आवेदक से 15 सवाल पूछे जाते हैं। प्रत्येक सवाल का उत्तर देने के लिए 30 सेकेंड का समय निर्धारित होता है। ये अवधि गुजरने के बाद प्रश्न स्क्रीन से गायब हो जाता है और अपने आप नया सवाल आ जाता है। पास होने के लिए 15 में से नौ सवालों का सही जवाब देना जरूरी होता है। पिछले एक माह के दरम्यान 478 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट दिया, लेकिन इनमें से 322 ही सफल हो सके। 156 आवेदकों का ड्राइविंग का ज्ञान बेहद कम पाया गया, जिसके आधार पर उन्हें फेल कर दिया गया था। फेल होने वालों में ऐसे कई लोग रहे जो सालों से बगैर लाइसेंस के दुपहिया व चार पहिया वाहन सड़कों पर दौड़ाते आ रहे हैं। इसके अलावा डॉक्टर, इंजीनियर जैसे पेशेवर भी इस परीक्षा को पास नहीं कर पाए। हालांकि, फेल होने वालों को 50 रुपये शुल्क अदा करने के बाद दुबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाता है। विदित हो कि ऑनलाइन टेस्ट में ज्यादातर सवाल सड़क के संकेतों से जुड़े होते हैं। लेकिन, इनकी सही पहचान न होने की वजह से लोग सही उत्तर नहीं दे पाते हैं।
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आईआरएडी में दर्ज होगा दुर्घटनाओं का डाटा
झांसी। सड़क दुर्घटनाओं का ब्योरा इकट्ठा करने के लिए इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटा (आईआरएडी) तैयार किया जा रहा है। इसमें परिवहन विभाग के अलावा पुलिस, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग को भी जोड़ा जाएगा। दुर्घटना से जुड़ी सूचना सभी को इस पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। पोर्टल पर दुर्घटना की सूचना दर्ज होने के बाद उसके कारण तलाशे जाएंगे। एक ही स्थान पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, तो इसमें सड़क की खामी खोजकर उसे दुरुस्त किया जाएगा। दुर्घटना नियंत्रण के लिए कहां पुलिस की ज्यादा आवश्यकता है और स्वास्थ्य विभाग को कहां सक्रिय रहना है, ये भी पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं के जरिये तय किया जाएगा।
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ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट में सड़क संकेतों से जुड़े सामान्य प्रश्न पूछे जाते हैं। बेहतर हो कि टेस्ट से पहले आवेदक इसके बारे में जानकारी हासिल कर लें। वहीं, सड़क दुर्घटनाओं से जुड़ा डाटा एक स्थान पर रखने के लिए आईआरएडी पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिये दुर्घटना नियंत्रण के उपाय किए जाएंगे।
- सत्येंद्र कुमार, एआरटीओ