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झांसी के किले में आने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे मोदी

Fri, 19 Nov 2021 01:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 01:36 AM IST
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Modi will be the first prime minister to visit Jhansi fort
झांसी। नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जो 1857 के संग्राम के साक्षी रहे किले में आएंगे। पीएम के स्वागत में यहां अभूतपूर्व तैयारियां की गईं हैं, जिससे 400 साल पुरानी इतिहास की यह महत्वपूर्ण धरोहर नई नजर आने लगी है। किले के भीतर का कोना-कोना संवारा गया है। जबकि, बाहर बड़े बदलाव नजर आने लगे हैं।
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झांसी के किले का निर्माण ओरछा के बुंदेला राजा वीर सिंह जूदेव ने सन 1613 से 119 के बीच कराया था। तब झांसी ओरछा राज्य का हिस्सा हुआ करता था और इसे बलवंत नगर के नाम से जाना जाता था। बंगरा नामक पहाड़ी पर निर्मित इस किले पर बुंदेला राजाओं के बाद मुगलों का आधिपत्य रहा। इसके बाद लगभग ढाई सौ सालों तक मराठाओं ने इस पर शासन किया। मराठा शासनकाल में ही स्वराज्य के लिए महारानी लक्ष्मीबाई की अगुवाई 1857 में छेड़े गए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का ये किला साक्षी रहा।
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देश की आजादी के बाद नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं, जो झांसी के किले में आ रहे हैं। वे शाम पांच बजे झांसी पहुंचेंगे और सबसे पहले किले में जाएंगे। यहां वे उस स्थान पर जाएंगे, जहां से 1857 के संग्राम में रानी ने घोड़े पर सवार होकर छलांग लगाई थी। इसके अलावा किले के मुख्य बुर्ज पर भी पीएम जाएंगे और यहां से रानी के झांसी को निहारेंगे। किले में रानी की गौरवगाथा पर आधारित लाइट एंड साउंड शो भी पीएम देखेंगे।
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प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर किले में अभूतपूर्व तैयारियां की गईं हैं। आज की पीढ़ी ने किले को बनते हुए तो नहीं देखा है, बदलते हुए देखने का अवसर जरूर हासिल हुआ है। किले का कोना-कोना चमका दिया गया है। इमारत के जर्जर हिस्सों की मरम्मत कर उसे उसका मूल स्वरूप दे दिया गया है। किले के भीतर स्थित रानी के पंच महल को भी चमका दिया गया है। किले के भीतर और बाहर नई सड़कें बना दी गईं हैं। दीवारों पर लगी काई को भी साफ किया गया है। अंदर कई हिस्सों में चमगादड़ों के जमावड़े की वजह से दुर्गंध आती थी, ये कमी भी दूर कर दी गई है। झांसी के किले के भीतर बुंदेलखंड के प्रमुख स्थलों की जानकारी देते हुए बड़े-बडे चित्र लगाए गए हैं। जबकि, मुख्यद्वार के बाहर बुंदेलखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र रमतूला के आकार का गेट बनाया गया है। अंदर और बाहर लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। अंधेरे में किला रंगबिरंगी रोशनी से सराबोर नजर आएगा।
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