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झांसी के लिए बिजली का संकट मोचक ग्रिड सर्किट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Oct 2016 12:35 AM IST
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eletricity jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी।
ललितपुर बजाज पावर प्लांट से आगरा पावर ग्रिड लाइन को सप्लाई शुरू होने के बाद अब झांसी की भी बिजली आपूर्ति सुधरी है। पारीछा से झांसी आने वाला सर्किट फेल हो भी गया तो बजाज ग्रिड लाइन के जरिए झांसी को बिजली सप्लाई की जाएगी। एक तरह से यह लाइन अब संकट मोचक का काम करेगी। लोड बढ़ने पर भी बिजली की कटौती ज्यादा नहीं होगी।
महानगर से अठारह किलोमीटर दूर पारीछा थर्मल पावर हाउस में 250- 250 मेगावाट की दो, 210 -210 मेगावाट की दो व 110 - 110 मेगावाट की दो इकाइयों से विद्युत उत्पादन होता है। जनपद में स्थापित यह प्लांट दस शहरों को रोशन करने के बराबर बिजली उत्पन्न करता है। यहां की बिजली दक्षिणांचल ग्रिड लाइन को दी जाती है। पारीछा से आने वाले 132 केवी के दो सर्किटों की मदद से झांसी व ललितपुर को बिजली दी जाती है। अभी एक सर्किट फेल होने पर ही झांसी व ललितपुर की बिजली तुरंत ही पटरी से उतर जाती है। हंसारी स्थित पावर हाउस में लगे ट्रांसफार्मर पर ही नगर और आसपास क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति टिकी हुई है। इस कारण यह पावर हाउस ओवरलोड रहता है। इस कारण लोड बढ़ने पर बिजली की अघोषित कटौती की जाती है।
अब ऐसा कम होगा। झांसी की विद्युत समस्या के निदान के लिए ललितपुर के चिगलऊआ में 1980 मेगावाट (660 मेगावाट की तीन इकाइयां) में से दो इकाइयों को चालू कर दिया गया है। यहां बनने वाली बिजली को दो अक्तूबर से 765 केवीए के एक सर्किट की मदद से आगरा (दक्षिणांचल पावर ग्रिड) लाइन में दौड़ना शुरू कर दिया गया है। अभी 765 केवीए के दूसरे सर्किट को बनाने का का तेजी से चल रहा है। दूसरी लाइन के बनने के बाद ही बजाज प्लांट की तीसरी इकाई से जनरेशन शुरू हो सकेगा। ग्रिड लाइन में करंट दौड़ने के साथ ही बड़ागांव के दुनारा तक डाली गई 220 केवीए हाइटेंशन लाइन में करंट दौड़ना शुरू हो गया है। ऐसा होने से अब झांसी को पारीछा के साथ ही बजाज पावर प्लांट से बिजली मिलना शुरू हो गया है। अगर अब एक जगह का सर्किट फेल हो भी जाए तो दूसरी जगह से बिजली लेकर आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने में परेशानी नहीं आएगी। विद्युत ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता एस एस कुशवाहा ने बताया कि झांसी जनपद को अब ओवर लोडिंग और सर्किट फेल होने पर अघोषित कटौती की समस्या नहीं होगी।
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दिसंबर तक दूसरी ग्रिड लाइन भी
पावर ग्रिड कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड ललितपुर बजाज पावर प्लांट से दूसरी 765 केवीए पावर ग्रिड लाइन को बनाने का काम कर रहा है। यह काम दिसंबर 2016 के आखिर तक पूरा हो जाएगा। दूसरी ग्रिड लाइन के चालू होते ही बजाज पावर प्लांट की तीनों इकाइयां पूर्ण क्षमता से उत्पादन करने लगेगी। मालूम हो कि 765 केवीए की एक लाइन में 1000 मेगावाट तक का ही करंट दौड़ाया जा सकता है।
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ललितपुर बजाज पावर प्लांट से आगरा पावर ग्रिड लाइन को सप्लाई शुरू होने के बाद अब झांसी की भी बिजली आपूर्ति सुधरी है। पारीछा से झांसी आने वाला सर्किट फेल हो भी गया तो बजाज ग्रिड लाइन के जरिए झांसी को बिजली सप्लाई की जाएगी। एक तरह से यह लाइन अब संकट मोचक का काम करेगी। लोड बढ़ने पर भी बिजली की कटौती ज्यादा नहीं होगी।
महानगर से अठारह किलोमीटर दूर पारीछा थर्मल पावर हाउस में 250- 250 मेगावाट की दो, 210 -210 मेगावाट की दो व 110 - 110 मेगावाट की दो इकाइयों से विद्युत उत्पादन होता है। जनपद में स्थापित यह प्लांट दस शहरों को रोशन करने के बराबर बिजली उत्पन्न करता है। यहां की बिजली दक्षिणांचल ग्रिड लाइन को दी जाती है। पारीछा से आने वाले 132 केवी के दो सर्किटों की मदद से झांसी व ललितपुर को बिजली दी जाती है। अभी एक सर्किट फेल होने पर ही झांसी व ललितपुर की बिजली तुरंत ही पटरी से उतर जाती है। हंसारी स्थित पावर हाउस में लगे ट्रांसफार्मर पर ही नगर और आसपास क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति टिकी हुई है। इस कारण यह पावर हाउस ओवरलोड रहता है। इस कारण लोड बढ़ने पर बिजली की अघोषित कटौती की जाती है।
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अब ऐसा कम होगा। झांसी की विद्युत समस्या के निदान के लिए ललितपुर के चिगलऊआ में 1980 मेगावाट (660 मेगावाट की तीन इकाइयां) में से दो इकाइयों को चालू कर दिया गया है। यहां बनने वाली बिजली को दो अक्तूबर से 765 केवीए के एक सर्किट की मदद से आगरा (दक्षिणांचल पावर ग्रिड) लाइन में दौड़ना शुरू कर दिया गया है। अभी 765 केवीए के दूसरे सर्किट को बनाने का का तेजी से चल रहा है। दूसरी लाइन के बनने के बाद ही बजाज प्लांट की तीसरी इकाई से जनरेशन शुरू हो सकेगा। ग्रिड लाइन में करंट दौड़ने के साथ ही बड़ागांव के दुनारा तक डाली गई 220 केवीए हाइटेंशन लाइन में करंट दौड़ना शुरू हो गया है। ऐसा होने से अब झांसी को पारीछा के साथ ही बजाज पावर प्लांट से बिजली मिलना शुरू हो गया है। अगर अब एक जगह का सर्किट फेल हो भी जाए तो दूसरी जगह से बिजली लेकर आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने में परेशानी नहीं आएगी। विद्युत ट्रांसमिशन के अधिशासी अभियंता एस एस कुशवाहा ने बताया कि झांसी जनपद को अब ओवर लोडिंग और सर्किट फेल होने पर अघोषित कटौती की समस्या नहीं होगी।
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दिसंबर तक दूसरी ग्रिड लाइन भी
पावर ग्रिड कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड ललितपुर बजाज पावर प्लांट से दूसरी 765 केवीए पावर ग्रिड लाइन को बनाने का काम कर रहा है। यह काम दिसंबर 2016 के आखिर तक पूरा हो जाएगा। दूसरी ग्रिड लाइन के चालू होते ही बजाज पावर प्लांट की तीनों इकाइयां पूर्ण क्षमता से उत्पादन करने लगेगी। मालूम हो कि 765 केवीए की एक लाइन में 1000 मेगावाट तक का ही करंट दौड़ाया जा सकता है।