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Jhansi News: परीक्षा तक मोबाइल से बनाएं दूरी, 10 मिनट योग भी जरूरी
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झांसी। बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्रों में बैठे डर को निकालने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन ने मंगलवार को ज्ञान स्थली पब्लिक स्कूल में मानसिक स्वास्थ्य पर कार्यशाला कराई। मनोचिकित्सक ने 10वीं, 12वीं के छात्रों से कहा कि मोबाइल की लत लगने से कई नुकसान होते हैं। खासकर परीक्षा तक तो विद्यार्थियों को मोबाइल से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। साथ ही दिन में 10 मिनट योग भी करें।
कार्यशाला में जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि दांत किटकिटाना, जरा सी बात पर झुंझलाकर जवाब देना, नाखून चबाना आदि एंजाइटी (घबराहट) की निशानी है। एंजाइटी का शिकार लोग सीने में दर्द आदि समस्या लेकर आते हैं। जबकि, जांच कराने पर कोई समस्या नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि छात्र परीक्षा को लेकर घबराएं नहीं। जो लोग ज्यादा चिंता करते हैं, उनकी हार्ट बीट बढ़ जाती है। फिर दिमाग काम नहीं करता है। पहले जिन लोगों को एक बार में याद हो जाता था, उन्हें मोबाइल की लत की वजह से वही पढ़ा हुआ दस बार में भी याद नहीं हो पा रहा है। क्योंकि, मोबाइल ने उनकी मानसिक क्षमता को प्रभावित किया है। इस दौरान मनोचिकित्सक से कई छात्र-छात्राओं ने सवाल भी पूछे, जिसका उन्होंने उत्तर दिया। इस दौरान स्कूल प्रबंधक डॉ. आरबी गुप्ता, अर्चना गुप्ता, प्रधानाचार्य अनिल, प्रभा द्विवेदी, एलआर सोनी, आरके सक्सेना, मनोज पुरवार, राजीव सरीन, संजू मिश्रा, सुशील राय मौजूद रहे।
छात्रों को ये टिप्स दिए
- पढ़ाई का आनंद लें। ये तब हो सकेगा, जब आप मन लगाकर पढ़ाई करेंगे।
- पढ़ने के लिए घर पर शांत जगह ढूंढें। दूसरों को दिखाने के लिए सबके बीच और शोरगुल में पढ़नेे से याद नहीं होगा।
- शेड्यूल बनाकर पढ़ाई करें। लगातार दो से तीन घंटे पढ़े।
- छह से सात घंटे जरूर सोएं। सोने से ऐसे केमिकल और हार्मोन निकलते हैं, जो शरीर को आराम पहुंचाते हैं।
- योगा और सांस लेने का व्यायाम करते रहें। ऐसा करने से घबराहट नहीं महसूस होगी।
- रोजाना तीन-चार बादाम खाएं। फास्ट फूड का सेवन करने से बचें।
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कार्यशाला में जिला अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. शिकाफा जाफरीन ने बताया कि दांत किटकिटाना, जरा सी बात पर झुंझलाकर जवाब देना, नाखून चबाना आदि एंजाइटी (घबराहट) की निशानी है। एंजाइटी का शिकार लोग सीने में दर्द आदि समस्या लेकर आते हैं। जबकि, जांच कराने पर कोई समस्या नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि छात्र परीक्षा को लेकर घबराएं नहीं। जो लोग ज्यादा चिंता करते हैं, उनकी हार्ट बीट बढ़ जाती है। फिर दिमाग काम नहीं करता है। पहले जिन लोगों को एक बार में याद हो जाता था, उन्हें मोबाइल की लत की वजह से वही पढ़ा हुआ दस बार में भी याद नहीं हो पा रहा है। क्योंकि, मोबाइल ने उनकी मानसिक क्षमता को प्रभावित किया है। इस दौरान मनोचिकित्सक से कई छात्र-छात्राओं ने सवाल भी पूछे, जिसका उन्होंने उत्तर दिया। इस दौरान स्कूल प्रबंधक डॉ. आरबी गुप्ता, अर्चना गुप्ता, प्रधानाचार्य अनिल, प्रभा द्विवेदी, एलआर सोनी, आरके सक्सेना, मनोज पुरवार, राजीव सरीन, संजू मिश्रा, सुशील राय मौजूद रहे।
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छात्रों को ये टिप्स दिए
- पढ़ाई का आनंद लें। ये तब हो सकेगा, जब आप मन लगाकर पढ़ाई करेंगे।
- पढ़ने के लिए घर पर शांत जगह ढूंढें। दूसरों को दिखाने के लिए सबके बीच और शोरगुल में पढ़नेे से याद नहीं होगा।
- शेड्यूल बनाकर पढ़ाई करें। लगातार दो से तीन घंटे पढ़े।
- छह से सात घंटे जरूर सोएं। सोने से ऐसे केमिकल और हार्मोन निकलते हैं, जो शरीर को आराम पहुंचाते हैं।
- योगा और सांस लेने का व्यायाम करते रहें। ऐसा करने से घबराहट नहीं महसूस होगी।
- रोजाना तीन-चार बादाम खाएं। फास्ट फूड का सेवन करने से बचें।