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अमर उजाला अभियान शिक्षा: मोबाइल छोड़ने को राजी नहीं बच्चे, क्लास रूम में चला रहे चुपके-चुपके
Sat, 30 Apr 2022 11:36 PM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 11:36 PM IST
सार
बच्चे मोबाइल गेम, एक्शन मूवी आदि देखकर आक्रामक और आक्रोशित हो गए हैं। यह समस्या अधिकांश 11-14 वर्ष के बच्चों में देखने को मिल रही है।
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अमर उजाला अभियान शिक्षा
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
कोरोना काल में आनलाइन क्लास के लिए बच्चों के हाथ में आया मोबाइल अब अपनी आदत में शामिल हो गया है। बच्चे स्कूल में भी मोबाइल लेकर जाने लगे हैं। इतना ही नहीं क्लासरूम में भी चुपके-चुपके मोबाइल देखते बच्चे पकड़े जा चुके हैं। स्कूल वाले मोबाइल लाने से मना कर रहे हैं। गार्जियन भी डांट रहे हैं लेकिन बच्चे हैं कि मोबाइल छोड़ने के लिए ही तैयार नहीं हैं।
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गत दो वर्षों से बच्चे अपने घरों से ही ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ रहे थे। इस सत्र से सरकार ने ऑनलाइन क्लासेज को बंद करने का आदेश जारी किया था। जिसके बाद से स्कूल बच्चों की उपस्थिति से चहकने लगे हैं। जब बच्चे स्कूल आए तो उनके बर्ताव में कई बदलाव देखने को मिले। बच्चे मोबाइल गेम, एक्शन मूवी आदि देखकर आक्रामक और आक्रोशित हो गए हैं। यह समस्या अधिकांश 11-14 वर्ष के बच्चों में देखने को मिल रही है।
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वहीं छोटी कक्षा के बच्चे तो नमस्ते और गुड मार्निंग तक बोलना भूल गए थे। छोटे बच्चों के साथ शिक्षकों को मेहनत ज्यादा करनी पड़ी है। हालांकि अब बच्चों की पढ़ाई और अनुशासन धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगा है। बच्चों की लिखावट में भी सुधार होने लगा है, याद करने की क्षमता भी बच्चों की बढ़ रही है। जबकि शिक्षकों ने बताया कि बच्चों की मोबाइल की आदत अभी भी नहीं छूट रही है। कुछ बच्चे बैग में छिपाकर मोबाइल लाते हैं।
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चिड़चिड़े हो गए बच्चे
11 से 14 साल के बच्चे चिड़चिडे़ हो गए हैं। कहीं न कहीं मोबाइल, एक्शन मूवी, गेम्स आदि से बच्चोें के बर्ताव में बदलाव आया है। - डॉ. रश्मि शुक्ला, चेयर पर्सन, शैमफोर्ड स्कूल
पढ़ना भूल गए बच्चे
स्कूल आए बच्चों से जब किताब पढ़वाई गई तो उनसे पढ़ा ही नहीं जा रहा था। बच्चों की मोबाइल की आदत अभी भी नहीं छूट रही। अभिभावकों की तरफ से भी बच्चों को सहयोग नहीं मिल पा रहा। इसलिए हमने सभी अभिभावकों की काउंसलिंग कराने का फैसला किया है। - डॉ. प्रीति खत्री, प्रधानाचार्य, शीयरवुड स्कूल