फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   MLAs engaged in persuading the rhetoric as soon as the elections come

चुनाव आते ही रूठों को मनाने में जुटे विधायक

Mon, 23 Aug 2021 01:18 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Aug 2021 01:18 AM IST
विज्ञापन
MLAs engaged in persuading the rhetoric as soon as the elections come
झांसी। विधानसभा चुनाव के नजदीक आने के साथ-साथ विधायकों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। गली-मुहल्लों के नुक्कड़ों और शहर के चौराहों पर उनकी मौजूदगी नजर आने लगी है। इसके साथ जनता के इन नुमाइंदों ने रूठों को मनाने का काम भी शुरू कर दिया है। खासतौर पर निधि के अभाव में विधायक जनता से किए गए विकास के कई वादे पूरे नहीं कर पाए। ऐसे में नाराज चल रहे लोगों को वो मनाने में जुटे हुए हैं।
विज्ञापन

कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से सरकार की ओर से साल 2020 में विधायक निधि निलंबित कर दी थी। हालांकि, इस साल निधि जारी की गई है, लेकिन विधायकों के हिस्से में आई इस निधि का ज्यादातर हिस्सा अस्पतालों व ऑक्सीजन प्लांट बनवाने में खर्च हो गया है। निधि की कमी विधायकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। दरअसल, विधायक निधि का ज्यादातर हिस्सा आबादी के बीच की सड़कों व नालियों के निर्माण, बिजली के खंभे लगवाने आदि पर खर्च होता है। निधि आने के भरोसे पर विधायक कई इलाकों के लोगों से ये काम कराने का वादा कर चुके थे, लेकिन पिछले साल निधि मिली नहीं और इस बार जो आई वो स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी पर खर्च हो गई। ऐसे में विधायक कई काम नहीं करा पाए। इस पर लोग उनसे रूठ गए। चुनाव नजदीक आने के साथ ही विधायकों ने अपना ध्यान इस ओर लगा दिया है। रूठों को मनाया जा रहा है और अन्य सरकारी मदों से छूटे हुए काम कराने की कोशिशें की जा रही हैं। विधायक इस काम में कितने सफल हो पाते हैं, ये आना वाला वक्त ही बताएगा।
विज्ञापन

विधायक निधि और कोरोना महामारी की वजह से विकास प्रभावित तो हुआ है, लेकिन थमा नहीं है। अब हालात सामान्य होने पर एक बार फिर से विकास का पहिया अपनी रफ्तार से घूमने लगा है। विधायक निधि की कमी की वजह से जो काम नहीं हो पाए, उन्हें नगर निगम व अन्य विभागों के माध्यम से पूरा कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- रवि शर्मा, सदर विधायक
कोरोना महामारी की वजह से पिछले साल निधि निलंबित हो गई थी और अब निधि का ज्यादातर हिस्सा स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी पर खर्च हो गया है। हालांकि, ये भी जनता के ही काम आएगा। इसके अलावा निधि की कमी की वजह से जो काम नहीं हो पाए, उन्हें अन्य सरकारी मदों के माध्यम से पूरा कराया जा रहा है।
- राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक
महामारी के दौरान में पैदा हुआ हालातों से जनता भी पूरी तरह से वाकिफ है। विपरीत परिस्थितियों के बाद भी सरकार की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी गई। एक साल विधायक निधि भले ही निलंबित रही, लेकिन अन्य विभागों के जरिये काम कराए जाते रहे। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी की दिशा में बड़ा काम हुआ।

- जवाहर लाल राजपूत, गरौठा विधायक
विकास निधि का ज्यादातर हिस्सा जन सहूलियतों के विकास पर खर्च होता है। एक साल निधि निलंबित होने की वजह से शुरू में काम प्रभावित हुए, लेकिन बाद में उन सभी कामों को अन्य योजनाओं के माध्यम से कराया गया। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों आईसीयू और ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधा बड़ी उपलब्धि है।
- बिहारी लाल आर्य, मऊरानीपुर विधायक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed