यूपी: थाना प्रभारी पर हमला करने वाला पुलिस मुठभेड़ में ढेर
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शनिवार को रात करीब नौ बजे मोंठ प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह चौहान पर बमरौली बाईपास तिराहा के पास हमला किया गया था। आरोप लगाया था कि हमलावरों ने गोली चलाई। इसके वे बाद इंस्पेक्टर की कार लूट ले गए। घायल इंस्पेक्टर को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। इस मामले में देर रात एरच के करगुवां निवासी विपिन, पुष्पेंद्र व रविंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। बताया कि 29 सितंबर को बालू से भरा ट्रक बंद किए जाने के विरोध में इंस्पेक्टर पर हमला किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों की घेराबंदी की।
एसएसपी डॉ.ओपी सिंह के अनुसार गुरसराय क्षेत्र में रात करीब 2.30 बजे फरीदा गांव के पास सड़क पर कार आती दिखी। पुलिस ने कार को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कार सवारों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब मेें पुलिस ने भी गोली चलाई, जो पुष्पेंद्र के सिर में जा लगी। मौका पाकर दोन साथी भाग निकले। पुलिस टीम पुष्पेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां उसे मृत घोेषित कर दिया गया। पुलिस ने कार से तमंचे, कारतूस व मोबाइल बरामद किए हैं। शव का मेडिकल कालेज में पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने शव सुपुर्दगी में लेने के बाद मेडिकल कॉलेज के सामने जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, देर शाम पुलिस टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी रहीं।
राज्यसभा सांसद ने करार दिया फर्जी एनकाउंटर
वहीं इस एनकाउंटर को राज्यसभा सांसद डॉ चंद्रपाल सिंह यादव ने फर्जी करार दिया है। उन्होंने कहा कि पेशबंदी में पुष्पेंद्र को फंसाकर पुलिस ने उसकी हत्या की है। इस प्रकरण में उन्होंने जांच कराकर पुलिस पर एफआईआर की मांग की। पुलिस द्वरा बताई जा रही कहानी पूरी तरह झूठी है।
उन्होंने कहा की मोठ पुलिस ने पुष्पेंद्र का ट्रक पकड़ा था, जिसे छोड़ने के लिए लेनदेन की बात चल रही थी, इसी को लेकर कल कहा-सुनी हुई थी। कार लेकर भागने वाली बात भी गलत है। रास्ते में कई थाने पड़ते हैं, ऐसे में उसे क्यों नहीं रोका गया।