{"_id":"5ab7fb3e4f1c1b92778b761c","slug":"mhanagr-me-bnege","type":"story","status":"publish","title_hn":"महानगर में बनेंगे गुलाबी शौचालय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महानगर में बनेंगे गुलाबी शौचालय
amarujala
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:10 AM IST
विज्ञापन
toilets, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महानगर में महिलाओं के लिए ‘गुलाबी शौचालय’ बनेंगे। पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप से बनने वाले इन शौचालयों में सेनेटरी नेपकिन की सुविधा रहेगी।
महानगर में साठ वार्ड हैं, ये सभी खुले में शौचमुक्त घोषित हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी भी कई लोग लोटा लेकर जाते हैं। खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए दो अक्तूबर 2018 तक का समय है। महिलाओं के लिए शौचालय तो बनाए ही जा रहे हैं, पर कुछ शौचालय ऐसे बनाए जाएंगे, जो मॉडल होंगे। इन शौचालयों की गुलाबी रंग से पुताई कराई जाएगी। इसमें महिलाओं के साथ आने वाले दुधमुंहे बच्चों को फीडिंग की व्यवस्था रहेगी। इसका मकसद यह है कि महिलाएं निश्चिंत होकर यहां आएं। शौचालय में सेनेटरी नेपकिन बदलने की सुविधा मिलेगी। सेनेटरी पेड वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी, जहां महिलाएं पुराने पैड को डस्टबिन में डाल सकेेंगी और उन्हें इस्तेमाल के लिए नया पैड मुहैया कराया जाएगा।
यह शौचालय अपने आप में मॉडल के तौर पर बनाए जाएंगे, ताकि सेनेटरी पैड के प्रति महिलाएं जागरूक हों। क्योंकि, अभी भी बहुत सी महिलाएं सेनटरी नैपकिन के स्थान पर पुराना या गंदा कपड़ा इस्तेमाल करती हैं, जिससे महिलाओं को कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं।
महापौर रामतीर्थ सिंघल ने बताया कि गुलाबी शौचालय के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी और इनका निर्माण पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप के आधार पर होगा। तीन-चार महीने में शौचालय निर्माण करने का काम शुरू हो जाएगा। इन शौचालयों की देखरेख महिला कर्मचारी करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
महानगर में साठ वार्ड हैं, ये सभी खुले में शौचमुक्त घोषित हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी भी कई लोग लोटा लेकर जाते हैं। खुले में शौच पर रोक लगाने के लिए दो अक्तूबर 2018 तक का समय है। महिलाओं के लिए शौचालय तो बनाए ही जा रहे हैं, पर कुछ शौचालय ऐसे बनाए जाएंगे, जो मॉडल होंगे। इन शौचालयों की गुलाबी रंग से पुताई कराई जाएगी। इसमें महिलाओं के साथ आने वाले दुधमुंहे बच्चों को फीडिंग की व्यवस्था रहेगी। इसका मकसद यह है कि महिलाएं निश्चिंत होकर यहां आएं। शौचालय में सेनेटरी नेपकिन बदलने की सुविधा मिलेगी। सेनेटरी पेड वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी, जहां महिलाएं पुराने पैड को डस्टबिन में डाल सकेेंगी और उन्हें इस्तेमाल के लिए नया पैड मुहैया कराया जाएगा।
यह शौचालय अपने आप में मॉडल के तौर पर बनाए जाएंगे, ताकि सेनेटरी पैड के प्रति महिलाएं जागरूक हों। क्योंकि, अभी भी बहुत सी महिलाएं सेनटरी नैपकिन के स्थान पर पुराना या गंदा कपड़ा इस्तेमाल करती हैं, जिससे महिलाओं को कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं।
विज्ञापन
महापौर रामतीर्थ सिंघल ने बताया कि गुलाबी शौचालय के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी और इनका निर्माण पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप के आधार पर होगा। तीन-चार महीने में शौचालय निर्माण करने का काम शुरू हो जाएगा। इन शौचालयों की देखरेख महिला कर्मचारी करेंगी।
विज्ञापन