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पानी ने रोका एंबुलेंस का रास्ता: झांसी में बच्ची की मौत से हड़कंप, गांव पहुंची डॉक्टर की टीम
Thu, 15 Aug 2024 04:36 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: अनुज कुमार
Updated Thu, 15 Aug 2024 04:36 PM IST
सार
झांसी में बच्ची की मौत के बाद यहां डॉक्टर के द्वार सभी बच्चों को दवा वितरित की गई। ग्राम पंचायत भारोंन के मजरा भड़याबारा के सहरिया आदिवासी बच्ची की मौत हो गई थी।
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डॉक्टर द्वारा सभी बच्चों को दवा वितरित की
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बड़ी खबर ग्राम पंचायत भारोंन के मजरा भड़याबारा के सहरिया आदिवासी की 12वर्ष लड़की की अस्पताल न पहुंचने से मौत हो गई। प्रियंका को देर रात से उल्टी होने लगी थी। सुबह एंबुलेंस को बुलाया गया। परिजन प्रियंका को लेकर अस्पताल के लिए निकले। लेकिन देर रात से अधिक बारिश होने के कारण एंबुलेंस नाला नहीं निकल पाई।
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बताया गया जिस एंबुलेंस में लड़की को अस्पताल लाया जा रहा था। वह एंबुलेंस अमौखेड़ा के पास नाला से नहीं निकल सकी। काफी देर तक एंबुलेंस के स्टाप ने पानी कम होने का इंतजार किया। इस बीच लड़की की हालत नाजुक होती गई। तभी परिजनों ने धौरा अस्पताल दिखाने को ले जाने लगे। उसी समय लड़की ने दम तोड़ दिया।
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प्रियंका के पिता का नाम लक्ष्मण है और माता का नाम सुमन है। यह मध्य प्रदेश के खिमलाशा के पास नमेठी गांव के निवासी हैं। लक्ष्मण भड़यावारा अपनी बहन के घर रहता था। वह मजदूरी और खेतों की रखवाली का काम करता था। उसकी एक प्रियंका लड़की उम्र 12 वर्ष थी जिसको देर रात से उल्टी दस्त होने से मौत हुई है।
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