{"_id":"632cb7d6ef9cac1e517bc26e","slug":"medicine-26-lack-jhansi-news-jhs22935421","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी मेडिकल कालेज को दवाएं सप्लाई करने में कारपोरेशन फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी मेडिकल कालेज को दवाएं सप्लाई करने में कारपोरेशन फेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की ओर से यूपी मेडिकल कारपोरेशन को तीन साल पहले दवाओं के लिए 1.31 करोड़ रुपये दिए गए थे। मगर आज तक 26 लाख रुपये की दवाओं की आपूर्ति कारपोरेशन की ओर से नहीं की जा सकी है।
मेडिकल कॉलेज को 80 फीसदी दवाओं की खरीद कारपोरेशन से ही करने के निर्देश हैं। जबकि, 20 फीसदी लोकल खरीद कर सकते हैं। मगर यूपी मेडिकल कारपोरेशन से दवाओं की सप्लाई बुरी तरह चरमराई हुई है। हाल ये है कि कॉलेज की ओर से किसी दवा की 15 हजार टेबलेट की मांग भेजी जाती है तो दो हजार की सप्लाई हो पाती है। बताया गया कि जो दवाएं मिलती हैं, वो झांसी में बने कारपोरेशन के वेयर हाउस से ही सप्लाई होती हैं। लखनऊ से कोरोना काल में सिर्फ रेमडेसिवीर इंजेक्शन की सप्लाई हुई थी। उसके बाद से अब तक कोई दवा नहीं मिल पाई है।
कारपोरेशन को दवाओं के लिए 1.31 करोड़ रुपये 2019 में दिए गए थे। जिसमें से 26 लाख रुपये की दवाएं अभी मिलनी बाकी हैं। कॉलेज की तरफ से लगातार दवाओं की डिमांड भेजी जाती है। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज को 80 फीसदी दवाओं की खरीद कारपोरेशन से ही करने के निर्देश हैं। जबकि, 20 फीसदी लोकल खरीद कर सकते हैं। मगर यूपी मेडिकल कारपोरेशन से दवाओं की सप्लाई बुरी तरह चरमराई हुई है। हाल ये है कि कॉलेज की ओर से किसी दवा की 15 हजार टेबलेट की मांग भेजी जाती है तो दो हजार की सप्लाई हो पाती है। बताया गया कि जो दवाएं मिलती हैं, वो झांसी में बने कारपोरेशन के वेयर हाउस से ही सप्लाई होती हैं। लखनऊ से कोरोना काल में सिर्फ रेमडेसिवीर इंजेक्शन की सप्लाई हुई थी। उसके बाद से अब तक कोई दवा नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन
कारपोरेशन को दवाओं के लिए 1.31 करोड़ रुपये 2019 में दिए गए थे। जिसमें से 26 लाख रुपये की दवाएं अभी मिलनी बाकी हैं। कॉलेज की तरफ से लगातार दवाओं की डिमांड भेजी जाती है। - डॉ. सचिन माहुर, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन