{"_id":"5ddc27898ebc3e54fa4b6383","slug":"medical-collage-established-in-lalitpur-jhansi-news-jhs153408362","type":"story","status":"publish","title_hn":"ललितपुर के मेडिकल कॉलेज को केंद्र की हरी झंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ललितपुर के मेडिकल कॉलेज को केंद्र की हरी झंडी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। ललितपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दिखा दी है। साथ ही इसके लिए निर्माण एजेंसी भी तय कर दी गई है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है।
लोगों को आसानी से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए प्रदेश सरकार राज्य में 14 नये मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही है। इसी के तहत ललितपुर में भी मेडिकल कॉलेज खोला जा रहा है। इसके लिए जिला अस्पताल को उच्चीकृत किया जा रहा है। साथ ही अलग से 23 एकड़ जमीन भी अधिग्रहीत की गई है। नये बनने जा रहे मेडिकल कालेज में पांच सौ बेड की व्यवस्था रहेगी। इसके निर्माण पर लगभग तीन अरब पच्चीस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका साठ फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार देगी, जबकि बाकी 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूर किया जा चुका है। प्रदेश शासन ने फाइल केंद्र को भेजी थी। लेकिन, अब केंद्र सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है। निगम द्वारा डीपीआर तैयार करने का काम शुरू किया जा चुका है।
राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक मुकेश सिंघल ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही अन्य औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। इसी वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लोगों को आसानी से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, इसके लिए प्रदेश सरकार राज्य में 14 नये मेडिकल कॉलेज खोलने जा रही है। इसी के तहत ललितपुर में भी मेडिकल कॉलेज खोला जा रहा है। इसके लिए जिला अस्पताल को उच्चीकृत किया जा रहा है। साथ ही अलग से 23 एकड़ जमीन भी अधिग्रहीत की गई है। नये बनने जा रहे मेडिकल कालेज में पांच सौ बेड की व्यवस्था रहेगी। इसके निर्माण पर लगभग तीन अरब पच्चीस करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका साठ फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार देगी, जबकि बाकी 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। प्रदेश सरकार द्वारा इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूर किया जा चुका है। प्रदेश शासन ने फाइल केंद्र को भेजी थी। लेकिन, अब केंद्र सरकार ने भी मंजूरी दे दी है। निर्माण की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई है। निगम द्वारा डीपीआर तैयार करने का काम शुरू किया जा चुका है।
विज्ञापन
राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक मुकेश सिंघल ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही अन्य औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। इसी वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है।
विज्ञापन