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एमसीटीएस को प्रभावी बनाएगा कंट्रोल रूम

Sun, 02 Aug 2015 12:25 AM IST
झांसी / ब्यूरो
झांसी / ब्यूरो Updated Sun, 02 Aug 2015 12:25 AM IST
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मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) को और प्रभावी बनाने के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना होगी। स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन के अधिकारियों की आवाज रिकार्ड कर इसमें अपलोड की जाएगी। इसी रिकॉर्डेड आवाज के जरिए वह गर्भवती महिलाओं से समय पर टीकाकरण और जांच कराने की अपील करेंगे। वहीं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां भी तय की जाएंगी।
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मां-बच्चे की स्वास्थ्य कुंडली रखने वाले एमसीटीएस पोर्टल में अभी लाभार्थी की कोई भूमिका नहीं है। कई बार जानकारी नहीं मिल पाने के कारण उन्हें नियमित उपचार नहीं मिल पाता है। वहीं, मैनुअल के मुकाबले एमसीटीएस पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के संबंध में जानकारियां भी कम अपलोड हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने पोर्टल को प्रभावी बनाने के लिए एक कंट्रोल रूम का प्रस्ताव तैयार किया था। अब जिला कार्यक्रम प्रबंधक ऋषिराज सिंह, जिला कम्यूनिटी प्रोसेस प्रबंधक प्रशांत वर्मा और कोमल प्रजापति द्वारा यह ऑटोमेटिक सिस्टम तैयार कर लिया है।
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कंट्रोल रूम में डीएम अनुराग यादव, सीडीओ संजय कुमार व सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव की आवाज रिकॉर्ड कर अपलोड की जाएगी। साथ ही टोल फ्री नंबर भी लिया जा रहा है, जिसके जरिए पोर्टल में रजिस्टर्ड लाभार्थी को फोन किया जाएगा। रिकॉर्डेड आवाज के जरिए अधिकारी लाभार्थी को जांच और टीकाकरण का समय नजदीक आने पर जानकारी देंगे। वहीं, आशा, एएनएम और एमओआईसी की जिम्मेदारियां तय कर समय-समय पर उन्हें भी निर्देशित किया जाता रहेगा। ऐसा माना जा रहा है कि अधिकारियों की बातों के असर से रिजल्ट बेहतर आएंगे। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इसकी लांचिंग हो सकती है।
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यह है एससीटीएस
मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम की स्थापना गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व नियमित स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां व देखभाल के उद्देश्य से की गई है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कराने के बाद डिलेवरी होने तक लगातार उन पर नजर रखते हैं। सिस्टम में नवजात शिशुओं को पांच साल दी जाने वाली सेवाओं का रिकॉर्ड मेंटेन होता है। हाल ही में एमसीटीएस को राष्ट्रीय ई-शासन योजना के तहत मिशन मोड परियोजना के रूप में शामिल किया गया है। देश भर में एमसीटीएस योजना के तहत पंजीकृत महिलाओं की कुल संख्या एक करोड़ के पार पहुंच गई है।

‘डीएम के निर्देशन में इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। काफी हद तक कंट्रोल रूम की तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। जल्द ही इसको लांच कर दिया जाएगा।’
- ऋषिराज सिंह, डीपीएम
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