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माताटीला का पानी, दे रहा परेशानी
Wed, 05 Jun 2019 01:34 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Wed, 05 Jun 2019 01:34 AM IST
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- फोटो : amarujala
माताटीला बांध का जलस्तर गिरने से बबीना जलशोधन केंद्र पर तलहटी का बेहद गंदा कच्चा पानी पहुंच रहा है। इससे पानी को साफ करने वाले फिल्टर बेल्ट बार- बार चोक हो रहे हैं। पानी को साफ (बेक वॉश) करने में दोगुना वक्त लग रहा है। इस कारण शहर को पूर्ण क्षमता के साथ पानी नहीं मिल पा रहा है। सोमवार की रात टंकियां न भरने से कई क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच सका। सिविल लाइन टंकी से जुड़े क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी।
माताटीला बांध से झांसी महानगर, बबीना, तालबेहट आदि आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति होती है। बांध सेे सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने और बिजली की टर्बाइन चलने से जलस्तर लगातार घट रहा है। इस कारण बांध का जलस्तर 1008 से घटकर 987 फीट पर पहुंच गया है। चूंकि, बबीना आने वाली 11 हजार करोड़ लीटर (110 एमएलडी) और 4.0 करोड़ लीटर (40 एमएलडी) क्षमता कच्चे पानी की पाइप लाइनों के सीपी टैंक माताटीला बांध पर बने हैं। सीपी टैंक (कॉन्सटेंट प्रेशर टैंक) में पानी बांध के निचली सतह से लिया जाता है। 994 फीट तक जल निगम को बिना पंपिंग के पानी मिल जाता है। इससे कम जलस्तर होने पर पंपिंग कर कच्चा पानी लेना पड़ता है। पिछले एक महीने से जल निगम को पंपिंग कर ही कच्चा पानी लेना पड़ रहा है। चूंकि, सिंचाई विभाग राजघाट बांध से पर्याप्त पानी लिए बिना ही माताटीला बांध का जलस्तर कम करता जा रहा है, इससे जल निगम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
इधर, सोमवार से माताटीला बांध से गंदा पानी आने के कारण उसकी सफाई में वक्त लग रहा है। आम दिनों में जहां सफाई में 10 से 12 एमएलडी पानी लगता था। इन दिनों यह पानी 20 एमएलडी तक लग रहा है। इधर, पानी का प्रेशर कम होने से शहर में कम मात्रा में पानी पहुंचना शुरू हो गया। इससे सिविल लाइन टंकी में पानी नहीं पहुंच सका। इससे सीपरी बाजार, सिविल लाइन, इलाइट, ऑफीसर्स कॉलोनी, नगर निगम, सेवाराम ऑयल और आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे तक जलापूर्ति नहीं हो सकी। अन्य टंकियों तक भी पानी कम पहुंचा, इससे संबंधित क्षेत्रों को आधे से पौन घंटे ही जलापूर्ति मिल सकी।
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माताटीला बांध से गंदा पानी मिलने से उसे साफ करने में वक्त लग रहा है। इससे पूर्ण क्षमता के साथ पानी देना संभव नहीं हो पा रहा है। पानी की कमी न पड़े, इसके प्रयास पूरे किए जा रहे हैं। - आरके त्रिपाठी, उपखंड अधिकारी बबीना जल शोधन केंद्र।
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माताटीला बांध से झांसी महानगर, बबीना, तालबेहट आदि आसपास के क्षेत्रों की जलापूर्ति होती है। बांध सेे सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने और बिजली की टर्बाइन चलने से जलस्तर लगातार घट रहा है। इस कारण बांध का जलस्तर 1008 से घटकर 987 फीट पर पहुंच गया है। चूंकि, बबीना आने वाली 11 हजार करोड़ लीटर (110 एमएलडी) और 4.0 करोड़ लीटर (40 एमएलडी) क्षमता कच्चे पानी की पाइप लाइनों के सीपी टैंक माताटीला बांध पर बने हैं। सीपी टैंक (कॉन्सटेंट प्रेशर टैंक) में पानी बांध के निचली सतह से लिया जाता है। 994 फीट तक जल निगम को बिना पंपिंग के पानी मिल जाता है। इससे कम जलस्तर होने पर पंपिंग कर कच्चा पानी लेना पड़ता है। पिछले एक महीने से जल निगम को पंपिंग कर ही कच्चा पानी लेना पड़ रहा है। चूंकि, सिंचाई विभाग राजघाट बांध से पर्याप्त पानी लिए बिना ही माताटीला बांध का जलस्तर कम करता जा रहा है, इससे जल निगम की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
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इधर, सोमवार से माताटीला बांध से गंदा पानी आने के कारण उसकी सफाई में वक्त लग रहा है। आम दिनों में जहां सफाई में 10 से 12 एमएलडी पानी लगता था। इन दिनों यह पानी 20 एमएलडी तक लग रहा है। इधर, पानी का प्रेशर कम होने से शहर में कम मात्रा में पानी पहुंचना शुरू हो गया। इससे सिविल लाइन टंकी में पानी नहीं पहुंच सका। इससे सीपरी बाजार, सिविल लाइन, इलाइट, ऑफीसर्स कॉलोनी, नगर निगम, सेवाराम ऑयल और आसपास के क्षेत्रों में 24 घंटे तक जलापूर्ति नहीं हो सकी। अन्य टंकियों तक भी पानी कम पहुंचा, इससे संबंधित क्षेत्रों को आधे से पौन घंटे ही जलापूर्ति मिल सकी।
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माताटीला बांध से गंदा पानी मिलने से उसे साफ करने में वक्त लग रहा है। इससे पूर्ण क्षमता के साथ पानी देना संभव नहीं हो पा रहा है। पानी की कमी न पड़े, इसके प्रयास पूरे किए जा रहे हैं। - आरके त्रिपाठी, उपखंड अधिकारी बबीना जल शोधन केंद्र।