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12 साल बाद फ्लाईओवर की जगह बनेगा चौराहा
Mon, 21 Jan 2019 12:08 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Mon, 21 Jan 2019 12:08 AM IST
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- फोटो : demo
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कानपुर रोड को ग्वालियर रोड होते हुए शिवपुरी रोड से जोड़ने वाली फोरलेन पर बारह साल बाद फ्लाईओवर की जगह चौराहा बनेगा। सेना की आपत्ति की वजह से यह काम अधूरा पड़ा हुआ था। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा चौराहे की ड्राइंग तैयार की जा रही है। जल्द काम शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर फोरलेन सड़क परियोजना के अंतर्गत ग्वालियर रोड पर सूती मिल के आगे फ्लाईओवर बनाया जाना था। ये फ्लाईओवर कानपुर रोड को सीधे शिवपुरी रोड से जोड़ने के लिए बनाया जाना था। ताकी, कानपुर की ओर से आने वाली गाड़ियां बगैर शहर में प्रवेश किए सीधे शिवपुरी रोड पर प्रवेश कर जाएं। फ्लाईओवर का निर्माण 2004 में शुरू हुआ था, लेकिन इससे पहले कि काम पूरा हो पाता, सेना ने आपत्ति लगा दी थी। सेना की ओर से तर्क दिया गया था कि नजदीक में ही सेना की हवाई पट्टी है, फ्लाईओवर बन जाने से हवाई जहाजों को उड़ान में दिक्कत हो सकती है। इसके बाद 13 अक्तूबर 2006 को बंद कर दिया गया। तभी से फ्लाईओवर अधूरा पड़ा हुआ है। सड़क अधूरी पड़ी होने की वजह से वाहनों को लगभग दो किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। भारी वाहनों के लगातार आवागमन की वजह से ग्वालियर रोड पर शिवानी ढाबे के पास से फ्लाईओवर की जगह वाले मार्ग तक अक्सर जाम के हालात बन जाते हैं। इसके अलावा दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।
हालांकि, एनएचएआई की ओर से सेना की आपत्ति हटवाने के लिए तमाम प्रयास किए गए, परंतु बात नहीं बन पाई। ऐसे में फ्लाईओवर की जगह चौराहा बनाने का फैसला लिया गया है। इसकी ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। तीन-चार महीने के भीतर काम शुरू करने की योजना है।
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फ्लाईओवर की जगह चौराहा बनाने की मुख्यालय से स्वीकृति मिल चुकी है। इसकी ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द काम शुरू होगा।
- राजीव पाठक, परियोजना प्रबंधक - एनएचएआई
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ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर फोरलेन सड़क परियोजना के अंतर्गत ग्वालियर रोड पर सूती मिल के आगे फ्लाईओवर बनाया जाना था। ये फ्लाईओवर कानपुर रोड को सीधे शिवपुरी रोड से जोड़ने के लिए बनाया जाना था। ताकी, कानपुर की ओर से आने वाली गाड़ियां बगैर शहर में प्रवेश किए सीधे शिवपुरी रोड पर प्रवेश कर जाएं। फ्लाईओवर का निर्माण 2004 में शुरू हुआ था, लेकिन इससे पहले कि काम पूरा हो पाता, सेना ने आपत्ति लगा दी थी। सेना की ओर से तर्क दिया गया था कि नजदीक में ही सेना की हवाई पट्टी है, फ्लाईओवर बन जाने से हवाई जहाजों को उड़ान में दिक्कत हो सकती है। इसके बाद 13 अक्तूबर 2006 को बंद कर दिया गया। तभी से फ्लाईओवर अधूरा पड़ा हुआ है। सड़क अधूरी पड़ी होने की वजह से वाहनों को लगभग दो किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। भारी वाहनों के लगातार आवागमन की वजह से ग्वालियर रोड पर शिवानी ढाबे के पास से फ्लाईओवर की जगह वाले मार्ग तक अक्सर जाम के हालात बन जाते हैं। इसके अलावा दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।
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हालांकि, एनएचएआई की ओर से सेना की आपत्ति हटवाने के लिए तमाम प्रयास किए गए, परंतु बात नहीं बन पाई। ऐसे में फ्लाईओवर की जगह चौराहा बनाने का फैसला लिया गया है। इसकी ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। तीन-चार महीने के भीतर काम शुरू करने की योजना है।
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फ्लाईओवर की जगह चौराहा बनाने की मुख्यालय से स्वीकृति मिल चुकी है। इसकी ड्राइंग और एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। जल्द काम शुरू होगा।
- राजीव पाठक, परियोजना प्रबंधक - एनएचएआई