झांसी। मंगलवार को आंसुओं के जन सैलाब के बीच सेना के मेजर अंकित बुद्धराजा का सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान सेना के अफसर, जनप्रतिनिधियों के अलावा भारी संख्या में जन सामान्य के लोग भी मौजूद रहे।
राजगढ़ की एल्डिको कॉलोनी निवासी बीएचईएल के सेवानिवृत्त कर्मचारी विजय कुमार बुद्धराजा के पुत्र अंकित बुद्धराजा सेना में मेजर थे। उनकी पोस्टिंग कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग में थी। वहां वे पत्नी और दो पालतू कुत्तों के साथ रहते थे। शनिवार - रविवार की दरम्यानी रात तकरीबन ढाई बजे उनके घर में आग लग गई। अंकित ने पत्नी और एक कुत्ते को सकुशल बाहर निकाल लिया। दूसरे कुत्ते को बचाने के लिए फिर से वह घर में दाखिल हो गए। मशक्कत के बाद कुत्ते को तो वे बाहर निकालने में सफल रहे, परंतु खुद आग की लपटों से घिर गए। 90 फीसदी झुलसने से उनकी मौत हो गई। मंगलवार को सेना उनका पार्थिव शरीर उनके घर लेकर आई। यहां से अंतिम यात्रा बिजौली मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई। इस दौरान रास्ते का यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया था। सड़क के दोनों ओर लोग अंतिम दर्शन के इंतजार में खड़े हुए थे। मुक्तिधाम पर भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। यहां मेजर अंकित बुद्धराज को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान नगर विधायक रवि शर्मा, सेना व प्रशासन के अधिकारी तथा भारी संख्या में जन सामान्य के लोग मौजूद रहे।