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महाराष्ट्र से आए प्रवासी श्रमिकों से झांसी में बिगड़े हालात
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झांसी। कम आबादी वाला छोटा जनपद मगर कोरोना के मामलों में बड़े-बड़े जिलों को पिछाड़ देने वाले झांसी में महामारी से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जिले में इतनी तेजी से संक्रमण फैलने की पीछे महाराष्ट्र से आए प्रवासी श्रमिकों को आधार माना गया है। झांसी रेलवे स्टेशन से भी महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश आने-जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें गुजरती हैं। ऐसे में यहां से गुजरने वाले यात्री भी संक्रमण को दावत देकर चले गए। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शासन को दी गई जानकारी में यह बात कही गई है।
झांसी में पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस ने तेजी से हमला बोला है। छह अप्रैल को 151, सात को 192, आठ को 182, नौ को 155, 10 को 239, 11 को 362, सोमवार 406 और मंगलवार 462 मरीज को मिलाकर आठ दिनों में ही 2149 मरीज मिले हैं। यही वो समय है, जब प्रवासी मजदूर महाराष्ट्र में लॉकडाउन के डर से झांसी आए या फिर यहां से होते हुए प्रदेश के अन्य जनपदों को लौटे। प्रशासन की तरफ से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में यही दावा किया गया है कि झांसी में कोरोना संक्रमण इस कदर बेकाबू हो जाने के पीछे की सबसे बड़ी वजह प्रवासी श्रमिक ही हैं। इससे पहले भी कोरोना की पहली लहर में गैर राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को ही संक्रमण का सबसे बड़ा श्रोत माना गया था। इस बार भी सही हुआ है। वहीं, इस मामले में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अल्पना बरतारिया का कहना है कि झांसी में कोरोना की जांच काफी ज्यादा हो रही हैं। कोरोना को नियंत्रित भी जांचें बढ़ाकर ही कर सकते हैं, क्योंकि जैसे-जैसे कोरोना संक्रमित पकड़ में आता जाएगा, वैसे-वैसे उसे अस्पताल में भर्ती या फिर घर पर आइसोलेट किया जा सकेगा। उन्होंने माना कि झांसी में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के काफी श्रमिक होकर गुजरे हैं। इसके अलावा इन दोनों राज्यों को जाने वाली अधिकतर ट्रेनें भी झांसी से होकर गुजरती हैं। ऐसे में संक्रमण बढ़ने के पीछे यह भी वजह हैं।
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झांसी में पिछले एक सप्ताह में कोरोना वायरस ने तेजी से हमला बोला है। छह अप्रैल को 151, सात को 192, आठ को 182, नौ को 155, 10 को 239, 11 को 362, सोमवार 406 और मंगलवार 462 मरीज को मिलाकर आठ दिनों में ही 2149 मरीज मिले हैं। यही वो समय है, जब प्रवासी मजदूर महाराष्ट्र में लॉकडाउन के डर से झांसी आए या फिर यहां से होते हुए प्रदेश के अन्य जनपदों को लौटे। प्रशासन की तरफ से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में यही दावा किया गया है कि झांसी में कोरोना संक्रमण इस कदर बेकाबू हो जाने के पीछे की सबसे बड़ी वजह प्रवासी श्रमिक ही हैं। इससे पहले भी कोरोना की पहली लहर में गैर राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को ही संक्रमण का सबसे बड़ा श्रोत माना गया था। इस बार भी सही हुआ है। वहीं, इस मामले में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. अल्पना बरतारिया का कहना है कि झांसी में कोरोना की जांच काफी ज्यादा हो रही हैं। कोरोना को नियंत्रित भी जांचें बढ़ाकर ही कर सकते हैं, क्योंकि जैसे-जैसे कोरोना संक्रमित पकड़ में आता जाएगा, वैसे-वैसे उसे अस्पताल में भर्ती या फिर घर पर आइसोलेट किया जा सकेगा। उन्होंने माना कि झांसी में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के काफी श्रमिक होकर गुजरे हैं। इसके अलावा इन दोनों राज्यों को जाने वाली अधिकतर ट्रेनें भी झांसी से होकर गुजरती हैं। ऐसे में संक्रमण बढ़ने के पीछे यह भी वजह हैं।
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