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मदरसे में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख हड़पे, मुकदमा
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ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत शहर के मोहल्ला आजादपुरा निवासी एक व्यक्ति से मदरसे में नौकरी लगवाने के नाम पर पांच लाख रुपये हड़पने में झांसी के एक मदरसा संचालक के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
मोहल्ला आजादचौक, नदीपुरा निवासी मौलाना हाफिज मोहम्मद जाविर पुत्र साकिर हुसैन ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह अपनी नौकरी के लिए लोगों से बात कर रहा था तो वर्ष 2007 में जमील अहमद से जान पहचान हो गयी, तो उन्होंने बताया कि वह अजीज फातिमा अरेबिक कॉलेज खैलार व अन्य कई जगह अलग-अलग नाम से मदरसे चलाता है। उसका मदरसा अजीज फातिमा जल्द ही सरकारी तौर पर एडिड हो जाएगा। सरकार से एक टीचर को 40-50 हजार रुपये सरकारी तौर पर वेतन मिलेगा। लेकिन मदरसा बोर्ड लखनऊ में कुछ पैसा जमा करना होता है, कुछ पैसे वह रखते हैं। छह लाख रूपये में नौकरी पक्की। तब उसने वर्ष 2008 में एक लाख रुपये और उसके बाद हाजी अब्दुल गनी व मास्टर अनीस बेग के साथ जाकर दो लाख रुपये नगद जमील को उसके घर स्थित सर सैयद नद नगरा प्रेम नगर झांसी में दिये। इसके बाद उसने अपनी पत्नी का जेवर बेचकर झांसी जाकर दो लाख रुपये नगद दिये। काफी समय बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो उसने स्वयं कई बार फोन पर और खैलार मदरसे पर जाकर अपने पैसे मांगे तो टाल मटौल करते रहे और फिर ऑफिस गया तो उसने धमकी दी कि यहां मत आना। अगर किसी को मालूम पड़ा तो एक रुपया नहीं देगा। इसके बाद जब वह 20 नवंबर 2020 को जब वह एक शादी में झांसी निकाय पढ़ने आया था तो रात में जमील रास्ते में मिल गया और रुपये मांगे तो उसने धमकी दी कि यदि अब झांसी रुपये मांगने आये तो वापस नहीं जा पाओगे। पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मदरसा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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मोहल्ला आजादचौक, नदीपुरा निवासी मौलाना हाफिज मोहम्मद जाविर पुत्र साकिर हुसैन ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह अपनी नौकरी के लिए लोगों से बात कर रहा था तो वर्ष 2007 में जमील अहमद से जान पहचान हो गयी, तो उन्होंने बताया कि वह अजीज फातिमा अरेबिक कॉलेज खैलार व अन्य कई जगह अलग-अलग नाम से मदरसे चलाता है। उसका मदरसा अजीज फातिमा जल्द ही सरकारी तौर पर एडिड हो जाएगा। सरकार से एक टीचर को 40-50 हजार रुपये सरकारी तौर पर वेतन मिलेगा। लेकिन मदरसा बोर्ड लखनऊ में कुछ पैसा जमा करना होता है, कुछ पैसे वह रखते हैं। छह लाख रूपये में नौकरी पक्की। तब उसने वर्ष 2008 में एक लाख रुपये और उसके बाद हाजी अब्दुल गनी व मास्टर अनीस बेग के साथ जाकर दो लाख रुपये नगद जमील को उसके घर स्थित सर सैयद नद नगरा प्रेम नगर झांसी में दिये। इसके बाद उसने अपनी पत्नी का जेवर बेचकर झांसी जाकर दो लाख रुपये नगद दिये। काफी समय बाद भी जब नौकरी नहीं लगी तो उसने स्वयं कई बार फोन पर और खैलार मदरसे पर जाकर अपने पैसे मांगे तो टाल मटौल करते रहे और फिर ऑफिस गया तो उसने धमकी दी कि यहां मत आना। अगर किसी को मालूम पड़ा तो एक रुपया नहीं देगा। इसके बाद जब वह 20 नवंबर 2020 को जब वह एक शादी में झांसी निकाय पढ़ने आया था तो रात में जमील रास्ते में मिल गया और रुपये मांगे तो उसने धमकी दी कि यदि अब झांसी रुपये मांगने आये तो वापस नहीं जा पाओगे। पीड़ित की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मदरसा संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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