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जिला अस्पताल में मशीनें खराब, बिना जांच के लौट रहे 100 से ज्यादा मरीज
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झांसी। जिला अस्पताल में बायोकेमिस्ट्री और हार्मोंस एनालाइजर मशीनें खराब होने से 60 से अधिक प्रकार की जांचें नहीं हो पा रही हैं। इस कारण प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीजों को जांच कराने के लिए मजबूरन प्राइवेट पैथलॉजी जाना पड़ रहा है। यहां उन्हें हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज ओपीडी में मरीजों को दिखाने के लिए आते हैं। सबसे ज्यादा भीड़ फिजीशियन ओपीडी में रहती है। लगातार बदल रहे मौसम की वजह से वायरल समेत तमाम बीमारियां लोगों को घेर रही हैं। डॉक्टर भी मरीज की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इलाज करते हैं। वहीं, अस्पताल के पैथलॉजी विभाग में पिछले तीन दिनों से दो अहम मशीनें खराब होने की वजह से जांच व्यवस्था बुरी तरह बिगड़ गई है। अस्पताल में बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और हार्मोंस एनालाइजर से ही सर्वाधिक जांचें होती हैं। ये दोनों मशीनें ही खराब पड़ी हुई हैं। इनसे करीब 60 से अधिक प्रकार की जांचें होती हैं। जिला अस्पताल में सभी जांचें निशुल्क होती हैं लेकिन निजी सेंटरों पर अधिकांश जांचों की कीमत 500 से 800 रुपये है। ऐसे में मरीजों पर काफी आर्थिक भार पड़ रहा है।
ये जांचें हो रहीं
अस्पताल में सीबीसी जांच की मशीन ठीक है। ऐसे में कंप्लीट ब्लड काउंट जांच हो रही है। इसके अलावा टाइफाइड यूरिन और मलेरिया की भी जांच हो रही है।
किस मशीन से कौन सी जांच होती
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन से एलएफटी, केएफटी, लिपिड प्रोफाइल, शुगर समेत 50 से अधिक जांचें होती हैं। इसके अलावा हार्मोंस एनालाइजर में थाइरॉयड, विटामिन डी, विटामिन डी-12, टीएसए आदि जांचें होती हैं।
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बोले मरीज
किडनी और लिवर की जांच कराने आए थे लेकिन मशीन ही खराब मिली। इस कारण जांच नहीं करा पाया। - लक्ष्मण प्रसाद, सीपरी बाजार।
ओपीडी में दिखाने के बाद डॉक्टर ने लिवर और थायरॉयड की जांच कराने को बोला पर मशीन खराब होने से नहीं करा पाई। - शिखा सिंह, हंसारी।
लिवर की जांच नहीं हो पाई। कर्मचारियों ने कहा कि मशीन खराब है। निजी सेंटर पर इसके 500 रुपये मांग रहे हैं। - अंजनी कुशवाहा, डेरी गांव।
तीन दिन पहले भी आई थी तब भी मशीन खराब पड़ी थी। बृहस्पतिवार को फिर खराब मिली। जांच नहीं हो पा रही है। - शहनाज, इलाहाबाद बैंक।
मशीन खराब होने के संबंध में अस्पताल के अधिकारियों से बात की जाएगी। इसका कारण पता लगाकर जल्द से जल्द मशीनों को ठीक कराया जाएगा। - डॉ. विनोद कुमार यादव, जेडी हेल्थ।
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जिला अस्पताल में रोजाना सैकड़ों मरीज ओपीडी में मरीजों को दिखाने के लिए आते हैं। सबसे ज्यादा भीड़ फिजीशियन ओपीडी में रहती है। लगातार बदल रहे मौसम की वजह से वायरल समेत तमाम बीमारियां लोगों को घेर रही हैं। डॉक्टर भी मरीज की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही इलाज करते हैं। वहीं, अस्पताल के पैथलॉजी विभाग में पिछले तीन दिनों से दो अहम मशीनें खराब होने की वजह से जांच व्यवस्था बुरी तरह बिगड़ गई है। अस्पताल में बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर और हार्मोंस एनालाइजर से ही सर्वाधिक जांचें होती हैं। ये दोनों मशीनें ही खराब पड़ी हुई हैं। इनसे करीब 60 से अधिक प्रकार की जांचें होती हैं। जिला अस्पताल में सभी जांचें निशुल्क होती हैं लेकिन निजी सेंटरों पर अधिकांश जांचों की कीमत 500 से 800 रुपये है। ऐसे में मरीजों पर काफी आर्थिक भार पड़ रहा है।
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ये जांचें हो रहीं
अस्पताल में सीबीसी जांच की मशीन ठीक है। ऐसे में कंप्लीट ब्लड काउंट जांच हो रही है। इसके अलावा टाइफाइड यूरिन और मलेरिया की भी जांच हो रही है।
किस मशीन से कौन सी जांच होती
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन से एलएफटी, केएफटी, लिपिड प्रोफाइल, शुगर समेत 50 से अधिक जांचें होती हैं। इसके अलावा हार्मोंस एनालाइजर में थाइरॉयड, विटामिन डी, विटामिन डी-12, टीएसए आदि जांचें होती हैं।
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बोले मरीज
किडनी और लिवर की जांच कराने आए थे लेकिन मशीन ही खराब मिली। इस कारण जांच नहीं करा पाया। - लक्ष्मण प्रसाद, सीपरी बाजार।
ओपीडी में दिखाने के बाद डॉक्टर ने लिवर और थायरॉयड की जांच कराने को बोला पर मशीन खराब होने से नहीं करा पाई। - शिखा सिंह, हंसारी।
लिवर की जांच नहीं हो पाई। कर्मचारियों ने कहा कि मशीन खराब है। निजी सेंटर पर इसके 500 रुपये मांग रहे हैं। - अंजनी कुशवाहा, डेरी गांव।
तीन दिन पहले भी आई थी तब भी मशीन खराब पड़ी थी। बृहस्पतिवार को फिर खराब मिली। जांच नहीं हो पा रही है। - शहनाज, इलाहाबाद बैंक।
मशीन खराब होने के संबंध में अस्पताल के अधिकारियों से बात की जाएगी। इसका कारण पता लगाकर जल्द से जल्द मशीनों को ठीक कराया जाएगा। - डॉ. विनोद कुमार यादव, जेडी हेल्थ।