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गड़बडी की जांच करने लखनऊ से आई टीम

Fri, 24 Jul 2020 12:22 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2020 12:22 AM IST
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Lucknow team came missing issue cheaq
झांसी। भूमि संरक्षण विभाग में गड़बड़ी की जांच करने लखनऊ से संयुक्त निदेशक की अगुवाई में टीम यहां पहुंची। जांच टीम ने माताटीला प्रखंड पहुंचकर कागजों की पड़ताल की। सभी पक्षों के बयान दर्ज करके टीम लखनऊ वापस लौट गई। जांच टीम को लेकर कृषि महकमे में पूरे दिन चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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भूमि संरक्षण विभाग, माताटीला मंडल के मैदानी योजना ईकाई के भूमि संरक्षण अधिकारी सुधीर कुमार ने कुछ दिन पहले अपने ही उपनिदेशक अजीत सचान पर मानसिक उत्पीड़न, कर्मचारियों को अटैच करने, अनुमोदन करने में विलंब करने जैसे आरोप लगाते हुए सीधे कृषि निदेशालय में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत की जांच के लिए आनन-फानन में अपर कृषि निदेशक जितेंद्र कुमार की अगुवाई में जांच कमेटी गठित कर दी गई। बृहस्पतिवार को अपर कृषि निदेशक जांच करने यहां पहुंचे। सबसे पहले माताटीला मंडल कार्यालय पहुंचकर उन्होंने शिकायतों से संबंधित दस्तावेज तलब किए। कई घंटों तक फाइलों की पड़ताल करने के साथ ही वह कई दस्तावेज अपने साथ भी लेकर गए। दोनों पक्षों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच टीम करीब पांच घंटे तक यहां रही। इस दौरान कृषि विभाग में चर्चाओं का बाजार काफी गर्म रहा।
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कुछ दिन पहले की वसूली की संस्तुति, अब पड़ा गले में फंदा
भूमि संरक्षण अधिकारी सुधीर कुमार की शिकायत पर जिस तेजी से जांच कमेटी गठित हुई उसको लेकर कृषि विभाग में ही अटकलें लगाई जा रही हैं। बता दें, कुछ समय पहले उपनिदेशक अजीत सचान ने भूमि संरक्षण अधिकारी सुधीर कुमार को प.दीनदयाल वर्षा जल संचयन योजना में गड़बड़ी का दोषी ठहराते हुए सुधीर समेत अन्य से लाखों रुपये की वसूली की संस्तुति की थी। चर्चाओं के मुताबिक उसी के बाद भूमि संरक्षण अधिकारी ने निदेशालय में उपनिदेशक के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न करने की शिकायत दर्ज करा दी। मजे की बात यह कि बीएसए की शिकायत पर आनन-फानन में जांच कमेटी गठित होने के साथ ही टीम भी झांसी रवाना कर दी गई जबकि उपनिदेशक जैसे वरिष्ठ अफसर की संस्तुति एक माह से फाइलों में ही अटकी है। महत्वपूर्ण बात यह कि उपनिदेशक की जांच रिपोर्ट लाखों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की ओर साफ इशारा कर रही है लेकिन, इसके बावजूद इस मामले में कार्रवाई आगे ही नहीं बढ़ सकी।
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