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इधर भी देखो साहब, पहाड़ी के पीछे, खंती के नीचे कहां-कहां धड़ल्ले से बिक रही शराब
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झांसी। रायबरेली के महाराजगंज में हाल ही में कच्ची शराब पीने से दस लोग अपनी जान गवां चुके हैं। कइयों की हालत गंभीर बनी हुई है। झांसी में तो कभी भी इस तरह का हादसा हो सकता है। यहां कहीं पहाड़ी के पीछे तो कहीं खंती के नीचे कच्ची शराब के अड्डे जमे हैं। चुनाव के दौरान इसकी संभावनाएं और भी बढ़ गई हैं। कई प्रत्याशी हवा का रुख अपनी ओर मोड़ने के लिए शराब का सहारा लेते हैं। झांसी महानगर हो या सुदूर ग्रामीण क्षेत्र, जगह-जगह खुलेआम कच्ची शराब के अड्डे संचालित किए जा रहे हैं, कार्रवाई के नाम पर कागजी खानापूर्ति ज्यादा होती है, जिससे ये अड्डे बेधड़क संचालित हो रहे हैं।
विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही सख्ती बढ़ा दी गई है। सड़क पर उतरीं टीमें लगातार जांच में जुटी हुईं हैं। लेकिन, कच्ची शराब बेचने वालों की सेहत पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा है। उनका धंधा बदस्तूर जारी है। शराब बनाने की भट्टियां भी धधक रही हैं और एक सैकड़ा से अधिक जगहों पर खुलेआम बिक्री भी खूब हो रही है। हालांकि, आबकारी विभाग की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है। लेकिन, ये कागजी ही साबित हो रही है। पकड़े जाने वालों पर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है।
इसमें ज्यादातर मामलों में पकड़े जाने वाले लोग उसी दिन ही छूट जाते हैं और फिर से उसी धंधे में लौट जाते हैं। विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ने के साथ-साथ शराब की मांग भी बढ़ गई है। बावजूद, कच्ची शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के कोई सख्त उपाय नहीं किए जा रहे हैं। शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने महानगर के चार अलग-अलग क्षेत्रों का भ्रमण कर पड़ताल की, जिसमें शराब की बेरोकटोक बिक्री होते पाई गई।
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शाम 04 बजे: कांशीराम पार्क पीछे खंती में बालकों को धंधे पर लगा रहे
अमर उजाला की टीम शाम चार बजे सीपरी बाजार मसीहागंज स्थित कांशीराम पार्क के पीछे खंती में पहुंची। यहां एक महिला शराब रखकर बैठी हुई थी, जिसके साथ लगभग 13 साल का एक बालक भी था। थोड़ी सी दूरी पर चार-पांच नशेबाज झुंड बनाकर बैठे हुए थे। बालक इन लोगों का तक शराब पहुंचाने का काम कर रहा था। सभी बगैर किसी खौफ के अपने-अपने काम में जुटे हुए थे।
शाम 4.30 बजे: ग्वालियर रोड पहाड़ी के पीछे पटरी किनारे बैठते हैं तमाम नशेबाज
यहां दो महिलाएं धड़ल्ले से शराब की बिक्री कर रहीं थीं। पास में ही रेल की पटरी के किनारे सात-आठ नशेबाज बैठकर इत्मीनान से शराब पीने में जुटे हुए थे। अमर उजाला की टीम के पहुंचे ही महिलाओं ने अपने पास रखी शराब को कपड़े से ढक दिया और शांत बैठ गईं। जबकि, नशेबाजों की हरकत में कोई बदलाव नहीं आया और वे बेफिक्री से शराब पीने में जुटे रहे।
शाम 05 बजे: गणेश चौराहा से ग्वालियर रोड पर पुराना अड्डा
गणेश चौराहा से ग्वालियर रोड अटल चौक की ओर से जाने वाली सड़क के किनारे कच्ची शराब का पुराना अड्डा है। पहले और अब में अंतर सिर्फ इतना आया है कि पहले यहां खुलेआम सड़क किनारे शराब की बिक्री होती थी, अब झाड़ियों के पीछे छुपकर शराब बेची जाती है। अमर उजाला की टीम को देखकर शराब बेच रही महिला सकपका गई और कुछ देर तक बिक्री बंद किए रही। टीम के निकलते ही काम फिर शुरू हो गया।
शाम 5.15 बजे: उन्नाव गेट रेलवे क्रॉसिंग पर महिला बेच रही शराब
बालाजी रोड पर पड़ने वाली उन्नाव गेट रेलवे क्रॉसिंग के पास एक महिला शराब की बिक्री कर रही थी। उसके साथ एक छोटी बच्ची भी थी। पास में ही एक नमकीन की दुकान सजी हुई थी, जिसके इर्दगिर्द छह-सात शराबी जमा थे। सब कुछ खुलेआम चल रहा था। अमर उजाला की टीम को देखकर महिला ने शराब की बोरी को कपड़े से छुपा लिया, जबकि नमकीन विक्रेता के इशारे पर शराबी कुछ देर के लिए यहां-वहां हो लिए।
अवैध शराब की बिक्री और निर्माण रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रायबरेली जैसा हादसा यहां न हो इसके लिए मुखबिर सक्रिय कर दिए हैं। प्रशासन पूरी सक्रियता दिखा रहा है। शराब माफियाओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
- प्रमोद कुमार गोयल, जिला आबकारी अधिकारी
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विधानसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही सख्ती बढ़ा दी गई है। सड़क पर उतरीं टीमें लगातार जांच में जुटी हुईं हैं। लेकिन, कच्ची शराब बेचने वालों की सेहत पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ा है। उनका धंधा बदस्तूर जारी है। शराब बनाने की भट्टियां भी धधक रही हैं और एक सैकड़ा से अधिक जगहों पर खुलेआम बिक्री भी खूब हो रही है। हालांकि, आबकारी विभाग की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है। लेकिन, ये कागजी ही साबित हो रही है। पकड़े जाने वालों पर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है।
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इसमें ज्यादातर मामलों में पकड़े जाने वाले लोग उसी दिन ही छूट जाते हैं और फिर से उसी धंधे में लौट जाते हैं। विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ने के साथ-साथ शराब की मांग भी बढ़ गई है। बावजूद, कच्ची शराब की बिक्री पर अंकुश लगाने के कोई सख्त उपाय नहीं किए जा रहे हैं। शुक्रवार को ‘अमर उजाला’ की टीम ने महानगर के चार अलग-अलग क्षेत्रों का भ्रमण कर पड़ताल की, जिसमें शराब की बेरोकटोक बिक्री होते पाई गई।
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शाम 04 बजे: कांशीराम पार्क पीछे खंती में बालकों को धंधे पर लगा रहे
अमर उजाला की टीम शाम चार बजे सीपरी बाजार मसीहागंज स्थित कांशीराम पार्क के पीछे खंती में पहुंची। यहां एक महिला शराब रखकर बैठी हुई थी, जिसके साथ लगभग 13 साल का एक बालक भी था। थोड़ी सी दूरी पर चार-पांच नशेबाज झुंड बनाकर बैठे हुए थे। बालक इन लोगों का तक शराब पहुंचाने का काम कर रहा था। सभी बगैर किसी खौफ के अपने-अपने काम में जुटे हुए थे।
शाम 4.30 बजे: ग्वालियर रोड पहाड़ी के पीछे पटरी किनारे बैठते हैं तमाम नशेबाज
यहां दो महिलाएं धड़ल्ले से शराब की बिक्री कर रहीं थीं। पास में ही रेल की पटरी के किनारे सात-आठ नशेबाज बैठकर इत्मीनान से शराब पीने में जुटे हुए थे। अमर उजाला की टीम के पहुंचे ही महिलाओं ने अपने पास रखी शराब को कपड़े से ढक दिया और शांत बैठ गईं। जबकि, नशेबाजों की हरकत में कोई बदलाव नहीं आया और वे बेफिक्री से शराब पीने में जुटे रहे।
शाम 05 बजे: गणेश चौराहा से ग्वालियर रोड पर पुराना अड्डा
गणेश चौराहा से ग्वालियर रोड अटल चौक की ओर से जाने वाली सड़क के किनारे कच्ची शराब का पुराना अड्डा है। पहले और अब में अंतर सिर्फ इतना आया है कि पहले यहां खुलेआम सड़क किनारे शराब की बिक्री होती थी, अब झाड़ियों के पीछे छुपकर शराब बेची जाती है। अमर उजाला की टीम को देखकर शराब बेच रही महिला सकपका गई और कुछ देर तक बिक्री बंद किए रही। टीम के निकलते ही काम फिर शुरू हो गया।
शाम 5.15 बजे: उन्नाव गेट रेलवे क्रॉसिंग पर महिला बेच रही शराब
बालाजी रोड पर पड़ने वाली उन्नाव गेट रेलवे क्रॉसिंग के पास एक महिला शराब की बिक्री कर रही थी। उसके साथ एक छोटी बच्ची भी थी। पास में ही एक नमकीन की दुकान सजी हुई थी, जिसके इर्दगिर्द छह-सात शराबी जमा थे। सब कुछ खुलेआम चल रहा था। अमर उजाला की टीम को देखकर महिला ने शराब की बोरी को कपड़े से छुपा लिया, जबकि नमकीन विक्रेता के इशारे पर शराबी कुछ देर के लिए यहां-वहां हो लिए।
अवैध शराब की बिक्री और निर्माण रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रायबरेली जैसा हादसा यहां न हो इसके लिए मुखबिर सक्रिय कर दिए हैं। प्रशासन पूरी सक्रियता दिखा रहा है। शराब माफियाओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
- प्रमोद कुमार गोयल, जिला आबकारी अधिकारी