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Jhansi News: आरोग्य मंदिरों में लटके रहे ताले, बैरंग लौटे मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन (ललितपुर)। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्रों का उच्चीकरण कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। लेकिन, सोमवार को तीन केंद्रों पर ताला लटका मिला। मरीज निराश होकर घर लौट गए।
विकास खंड महरौनी में 11 उप स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया गया है। सोमवार को छपरट पंचायत के गगनियों गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सुबह नौ बजे ताला लटका मिला। ग्रामीणों ने बताया कि आरोग्य मंदिर का ताला खुलता ही नहीं है। दवा के लिए मजबूरन सीएचसी महरौनी जाना पड़ता है।
सुबह 9.45 बजे भैरा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर भी ताला लटका हुआ था। आसपास के लोगों ने बताया कि कभी कभी यह खुलता है। अपराह्न 11 बजे पड़वा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर देखा तो मुख्य गेट का ताला तो खुला था पर अंदर ताला लटका हुआ था।
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वाक्सः-
आरोग्य मंदिर में यह मिलती है सुविधा : यहां सामान्य टेस्ट के साथ डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच की सुविधा है। साथ ही ओपीडी एवं टेली मेडिसिन द्वारा डॉक्टर से परामर्श के अलावा गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल स्वास्थ्य एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग आदि सेवाएं दी जाती हैं। इन केंद्रों पर पर्याप्त दवाएं, स्वास्थ्यकर्मी, जांच की व्यवस्था और बुनियादी स्वास्थ्य संरचना का इंतजाम किया गया है। बाकायदा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
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वर्जन
इन सभी का वेतन पहले से रुका हुआ है। इसके बाद भी आरोग्य मंदिर के संचालन में कोताही बरती जा रही है तो सबसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। डॉ. सिद्धार्थ जैन, चिकित्साधीक्षक, सीएचसी, महरौनी
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सिलावन (ललितपुर)। गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्रों का उच्चीकरण कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। लेकिन, सोमवार को तीन केंद्रों पर ताला लटका मिला। मरीज निराश होकर घर लौट गए।
विकास खंड महरौनी में 11 उप स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया गया है। सोमवार को छपरट पंचायत के गगनियों गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सुबह नौ बजे ताला लटका मिला। ग्रामीणों ने बताया कि आरोग्य मंदिर का ताला खुलता ही नहीं है। दवा के लिए मजबूरन सीएचसी महरौनी जाना पड़ता है।
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सुबह 9.45 बजे भैरा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर भी ताला लटका हुआ था। आसपास के लोगों ने बताया कि कभी कभी यह खुलता है। अपराह्न 11 बजे पड़वा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर देखा तो मुख्य गेट का ताला तो खुला था पर अंदर ताला लटका हुआ था।
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आरोग्य मंदिर में यह मिलती है सुविधा : यहां सामान्य टेस्ट के साथ डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों की शुरुआती जांच की सुविधा है। साथ ही ओपीडी एवं टेली मेडिसिन द्वारा डॉक्टर से परामर्श के अलावा गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल स्वास्थ्य एवं किशोरावस्था स्वास्थ्य देखभाल, परिवार नियोजन, गर्भ निरोधक सेवाएं एवं अन्य प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग आदि सेवाएं दी जाती हैं। इन केंद्रों पर पर्याप्त दवाएं, स्वास्थ्यकर्मी, जांच की व्यवस्था और बुनियादी स्वास्थ्य संरचना का इंतजाम किया गया है। बाकायदा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
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इन सभी का वेतन पहले से रुका हुआ है। इसके बाद भी आरोग्य मंदिर के संचालन में कोताही बरती जा रही है तो सबसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। डॉ. सिद्धार्थ जैन, चिकित्साधीक्षक, सीएचसी, महरौनी