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Jhansi News: रविवार को जांच केंद्रों पर पड़े रहते ताले, इमरजेंसी में नहीं होते खून का सैंपल लेने वाले

Mon, 24 Apr 2023 01:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Apr 2023 01:09 AM IST
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Locks lying on the test centers on Sunday, there are no blood sample takers in emergency
झांसी। छुट्टी का दिन होने की वजह से रविवार को सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं भी आराम फरमाती जैसी नजर आती हैं। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजी से लेकर पैथोलॉजी केंद्र तक में ताला लटका ही रहता है। यहां तक कि शासनादेश के बावजूद इमरजेंसी तक में खून की जांच के लिए सैंपल नहीं लिया जाता है। मरीजों से स्टाफ कह देता है कि आज छुट्टी है। कल आना।
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जिला अस्पताल में मरीजों को मिलने वालीं स्वास्थ्य सुविधाओं की रविवार को अमर उजाला ने पड़ताल की। जिला अस्पताल में एक्सरे, अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद पड़ा हुआ था। क्षेत्रीय निदान केंद्र में पैथोलॉजी केंद्र पर भी ताला लटक रहा था। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि रविवार को स्टाफ की छुट्टी होने की वजह से ये केंद्र खोलने का नियम नहीं है। मगर अस्पताल की इमरजेंसी में भी मरीजों की खून की जांच के लिए सैंपल नहीं लिए जा रहे थे। जबकि, पूर्व में जारी शासनादेश में साफ निर्देश दिए गए हैं कि इमजरेंसी में 24 घंटे जांच के नमूने लिए जाएंगे। वहीं, रविवार को अस्पताल से कई मरीजों को कुछ दवाएं देकर बिना जांच के नमूने लिए ही ये कहते हुए लौटा दिया गया कि सोमवार को जांच कराने आना। बताया गया कि यहां पर खून का नमूना लेने के लिए स्टाफ की तैनाती नहीं की जाती है और न ही यहां पर सैंपल रखने के लिए कोई व्यवस्था की गई है।
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मेडिकल कॉलेज: निजी एंबुलेंस की एंट्री फिर शुरू, एक्सरे मशीन खराब
मेडिकल कॉलेज में निजी एंबुलेंस की एंट्री एक बार फिर शुरू हो गई है। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि ये एंबुलेंस सिर्फ मरीज को छोड़ने और ले जाने के लिए ही नहीं आतीं। बल्कि, इमरजेंसी के बाहर भी खड़ी रहती हैं। रविवार को ओपीडी बंद होने के कारण तीन-चार एंबुलेंस इमरजेंसी के आसपास ही खड़ी हुई थीं। इनमें कोई भी मरीज नहीं था। जैसे ही कैमरे का फ्लैश चमकना शुरू हुआ, वैसे ही चालक मौके से भाग खड़े हुए। इसके अलावा इमरजेंसी में जगह-जगह एक्सरे जांच होने का नोटिस तो चस्पा है मगर यहां पर जांच नहीं होती है। क्योंकि, पिछले एक महीने से ज्यादा समय से एक्सरे मशीन ही खराब पड़ी हुई। इमरजेंसी के कई बेड के गद्दे फट गए हैं। इससे मरीजों को लेटने में असुविधा होती है। इमरजेंसी में पीछे की तरफ गैलरी में मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड तो डाल दिए गए हैं मगर यहां पर पंखे न होने से रोगी गर्मी में बिलबिलाते रहते हैं।
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ये बोले मरीज
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जिला अस्पताल में अपनी बेटी को दिखाने के लिए 19 अप्रैल को आई थी। दो घंटे बाद नंबर आया। जब तक डॉक्टर ने जांच लिखी, तब तक पैथोलॉजी स्टाफ ने सैंपल लेने बंद कर दिए। रविवार को पैथोलॉजी बंद थीं। इमरजेंसी में भी खून के सैंपल नहीं लिए गए। - अर्चना, बीएचईएल।

अपनी बेटी को दिखाने के लिए आया हूं। उसे दो-तीन दिन से बुखार बना हुआ है। इमरजेंसी में ईएमओ ने दवा तो लिख दी। कहा कि खून की जांच होने के बाद आगे इलाज चलेगा। आज रविवार को पैथोलॉजी बंद रहती है। इसलिए सोमवार को जांच कराने आना। - महमूद, ईसाईटोला।

वर्जन..
रविवार को एक्सरे, अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी केंद्र खोलने का नियम नहीं है। जो भी गंभीर मरीज आता है, उसे रविवार को भर्ती किया जाता है। डॉक्टर आकर उन्हें देखते हैं। सोमवार को जांच कराई जाती है। - डॉ. पीके कटियार, सीएमएस, जिला अस्पताल।



इमरजेंसी की व्यवस्था पहले से काफी सुधर चुकी है। खराब पड़ी एक्सरे मशीन को सुधरवाने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही मशीन ठीक हो जाएगी। - डॉ. सचिन माहुर, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज।
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