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झांसी में अचानक बढ़ने लगे लिवर के मरीज, एक महीने में आ रहे 700 से भी ज्यादा
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झांसी। बुंदेलखंड के झांसी और आसपास के जिलों में लिवर के मरीजों की संख्या बड़ी तेजी के साथ बढ़ रही है। दूषित पानी, तला-भुना खाना और अनियमित लाइफ स्टाइल लोगों को लिवर का रोगी बना रहा है। अगर मेडिकल कालेज और प्राइवेट डाक्टरों के यहां इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या को देखा जाए तक एक महीने में करीब 700 से 800 मरीज आ रहे हैं। इनमें चार की हालत गंभीर बनी हुई है।
मेडिकल कॉलेज के आचार्य मेडिसिन प्रोफेसर डॉ. रामबाबू सिंह बताते हैं कि ओपीडी में हर महीने 100 से 130 मरीज लिवर से संबंधित समस्या के पहुंच रहे हैं। वहीं शहर के डॉ. शरद चंद्रा ने बताया कि उनके पास रोज लगभग 20 मरीज प्राइवेट इलाज कराने आ रहे हैं। पुरुषों में लिवर की समस्या होने के पीछे मुख्य कारण शराब का सेवन ही है।
मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोएंटोरोलॉजी विभाग नहीं है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर लिवर के मरीजों का इलाज दे रहे हैं। डॉक्टरों की मानें को अनियमित दिनचर्या, गंदगी में रहना, दूषित पानी, तला-भुना खाना, मोटापा, संक्रमण, रक्त में फैट का बढ़ना, पेट में दर्द या सूजन, थकान, स्किन और आंखों में पीलापन और कब्ज की समस्या से परेशान लोगों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में ध्यान न देने से लिवर की समस्या बढ़ जाती है। झांसी-ललितपुर और आसपास शराब के सेवन से पुरुषों के केस ज्यादा आ रहे हैं। जबकि फास्टफूड पर जोर देने से बच्चों में भी समस्या हो रही है।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में महीने में 100 से अधिक लोग लिवर संबंधी दिक्कत लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी पीने और दूषित पानी से बनाए गए खाने से भी लिवर संबंधी समस्या लोगों में बढ़ रही है। भागदौड़ भरी लाइफ में सही समय पर पौष्टिक खाना खाने की बजाए, चाट-पकौड़े और फास्टफूड से पेट भरना लोगों की आदत बन रही है। देर रात खाना खाने की आदत भी लिवर को नुकसान पहुंचा रही है। इससे लिवर कमजोर हो जाता है। बढ़ा वजन व मोटापा भी परेशानी बन रही है।
फैटी लीवर के केस भी काफी हैं
तली-भुनी चीजें ज्यादा खाना, दूषित पानी और शराब के अधिक सेवन से लोगों का लिवर प्रभावित हो रहा है। हेपेटाइटिस बी और सी से भी मरीज बढ़ रहे हैं। ज्यादा गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती कराया जाता है। पीलिया, सूजन, बुखार के दौरान भी लिवर में समस्या आ जाती है। फैटी लीवर के केस भी काफी हैं। महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान हेपेटाइटिस बी या सी के चलते दिक्कत हो सकती है।
-प्रोफेसर डॉ. रामबाबू, आचार्य मेडिसिन, मेडिकल कॉलेज
बच्चों में हेपेटाइटिस ए के कारण हो जाती है समस्या
बच्चों में भी लीवर की बीमारी देखने में आ रही है। महीने में तीन-चार केस आते हैं। लगातार दूषित पानी पीने और अक्सर फास्ट फूड खाने से लिवर का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। ऐसा बच्चों में हेपेटाइटिस ए की बीमारी के कारण हो जाता है। इसमें पेट दर्द, भूख में कमी, बुखार आदि हो जाता है। यह इलाज से ठीक हो जाता है।
-डॉ. ओमशंकर चौरसिया, विभागाध्यक्ष बालरोग मेडिकल कॉलेज
ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
उल्टी, भूख कम लगना, थकावट, दस्त होना, पीलिया, लगातार वजन घटना, शरीर में खुजली, पेट में तरल पदार्थ बनना।
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मेडिकल कॉलेज के आचार्य मेडिसिन प्रोफेसर डॉ. रामबाबू सिंह बताते हैं कि ओपीडी में हर महीने 100 से 130 मरीज लिवर से संबंधित समस्या के पहुंच रहे हैं। वहीं शहर के डॉ. शरद चंद्रा ने बताया कि उनके पास रोज लगभग 20 मरीज प्राइवेट इलाज कराने आ रहे हैं। पुरुषों में लिवर की समस्या होने के पीछे मुख्य कारण शराब का सेवन ही है।
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मेडिकल कॉलेज में गैस्ट्रोएंटोरोलॉजी विभाग नहीं है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर लिवर के मरीजों का इलाज दे रहे हैं। डॉक्टरों की मानें को अनियमित दिनचर्या, गंदगी में रहना, दूषित पानी, तला-भुना खाना, मोटापा, संक्रमण, रक्त में फैट का बढ़ना, पेट में दर्द या सूजन, थकान, स्किन और आंखों में पीलापन और कब्ज की समस्या से परेशान लोगों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में ध्यान न देने से लिवर की समस्या बढ़ जाती है। झांसी-ललितपुर और आसपास शराब के सेवन से पुरुषों के केस ज्यादा आ रहे हैं। जबकि फास्टफूड पर जोर देने से बच्चों में भी समस्या हो रही है।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में महीने में 100 से अधिक लोग लिवर संबंधी दिक्कत लेकर ओपीडी में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि दूषित पानी पीने और दूषित पानी से बनाए गए खाने से भी लिवर संबंधी समस्या लोगों में बढ़ रही है। भागदौड़ भरी लाइफ में सही समय पर पौष्टिक खाना खाने की बजाए, चाट-पकौड़े और फास्टफूड से पेट भरना लोगों की आदत बन रही है। देर रात खाना खाने की आदत भी लिवर को नुकसान पहुंचा रही है। इससे लिवर कमजोर हो जाता है। बढ़ा वजन व मोटापा भी परेशानी बन रही है।
फैटी लीवर के केस भी काफी हैं
तली-भुनी चीजें ज्यादा खाना, दूषित पानी और शराब के अधिक सेवन से लोगों का लिवर प्रभावित हो रहा है। हेपेटाइटिस बी और सी से भी मरीज बढ़ रहे हैं। ज्यादा गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती कराया जाता है। पीलिया, सूजन, बुखार के दौरान भी लिवर में समस्या आ जाती है। फैटी लीवर के केस भी काफी हैं। महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान हेपेटाइटिस बी या सी के चलते दिक्कत हो सकती है।
-प्रोफेसर डॉ. रामबाबू, आचार्य मेडिसिन, मेडिकल कॉलेज
बच्चों में हेपेटाइटिस ए के कारण हो जाती है समस्या
बच्चों में भी लीवर की बीमारी देखने में आ रही है। महीने में तीन-चार केस आते हैं। लगातार दूषित पानी पीने और अक्सर फास्ट फूड खाने से लिवर का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। ऐसा बच्चों में हेपेटाइटिस ए की बीमारी के कारण हो जाता है। इसमें पेट दर्द, भूख में कमी, बुखार आदि हो जाता है। यह इलाज से ठीक हो जाता है।
-डॉ. ओमशंकर चौरसिया, विभागाध्यक्ष बालरोग मेडिकल कॉलेज
ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
उल्टी, भूख कम लगना, थकावट, दस्त होना, पीलिया, लगातार वजन घटना, शरीर में खुजली, पेट में तरल पदार्थ बनना।