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सुनो विधायक जी...ताश खेलने और मसाला खाने के लिए नहीं चुना था जनता ने
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झांसी। एक विधायक सदन में गुटका खाते नजर आए थे तो एक मोबाइल पर ताश खेलते दिखे थे। इनका वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं को भूलकर विधायक अपने शौक पूरा कर रहे हैं। बुंदेलखंड वालों को गर्व होता जब सदन में खड़े होकर समस्याएं उठाते। जनता के हक की आवाज बुलंद करते।
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को निषेध किए जाने का कानून सदन में ही बना था। लेकिन, अब उसी सदन में उसके बनाए गए कानून को रौंद दिया गया। प्रदेश की विधानसभा की महत्वपूर्ण कार्यवाही के दौरान सदर विधायक रवि शर्मा बेधड़क गुटका खाते नजर आए। जबकि, वरिष्ठ सदस्य होने के नाते कई बार उनके हाथ विधानसभा की कार्यवाही के संचालन की कमान आ चुकी है, तब वे अन्य सदस्यों को सदन की मर्यादा का ध्यान रखने की नसीहत देते भी नजर आए। लेकिन, ये मर्यादित आचरण अपने ऊपर लागू करना भूल गए। जबकि, महोबा से भाजपा विधायक राकेश गोस्वामी रवि से भी दो कदम आगे निकले। एक ओर जहां प्रदेश की जनता की निगाहें विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी हुईं थीं, तब वे सदन में बैठकर मोबाइल पर गेम खेल रहे थे।
अब लोगों में अपने नुमाइंदों के प्रति निराशा का भाव पैदा हो गया है। इतना ही नहीं, इन दोनों विधायकों ने अपने अमर्यादित आचरण के जरिये विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का भी मौका दिया है।
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सत्र के दौरान सदन का हर मिनट कीमती होता है। इसका उपयोग विधायकों को अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने में करना चाहिए। लेकिन, विधायक इसका ख्याल नहीं रख रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
- डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद
विधायकों को अपने पद की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। सदन हो या सदन के बाहर, जनप्रतिनिधि का आचरण ऐसा होना चाहिए, जिससे आम जनमानस फॉलो करे। इसका ख्याल रखना चाहिए।
- प्रदीप जैन, पूर्व मंत्री
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध का कानून सदन में ही बनाया गया और वहीं इसे तोड़ा जा रहा है। हालांकि, इस भूल पर विधायक ने खेद जताया है। उम्मीद है कि इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी।
- प्रणय श्रीवास्तव, पूर्व सचिव - जिला अधिवक्ता संघ
सदन की कार्यवाही पर जनता की निगाहें टिकी रहती हैं। ऐसे में विधायिका के सदस्यों का आचरण मर्यादित होना चाहिए। हालांकि, विधायकों ने अपनी गलती मानी है। उम्मीद है कि दुबारा से इस तरह के मामले सामने नहीं आएंगे।
- डा. आरबी मौर्य, असिस्टेंट प्रोफेसर (राजनीति विज्ञान) बीकेडी
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सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को निषेध किए जाने का कानून सदन में ही बना था। लेकिन, अब उसी सदन में उसके बनाए गए कानून को रौंद दिया गया। प्रदेश की विधानसभा की महत्वपूर्ण कार्यवाही के दौरान सदर विधायक रवि शर्मा बेधड़क गुटका खाते नजर आए। जबकि, वरिष्ठ सदस्य होने के नाते कई बार उनके हाथ विधानसभा की कार्यवाही के संचालन की कमान आ चुकी है, तब वे अन्य सदस्यों को सदन की मर्यादा का ध्यान रखने की नसीहत देते भी नजर आए। लेकिन, ये मर्यादित आचरण अपने ऊपर लागू करना भूल गए। जबकि, महोबा से भाजपा विधायक राकेश गोस्वामी रवि से भी दो कदम आगे निकले। एक ओर जहां प्रदेश की जनता की निगाहें विधानसभा की कार्यवाही पर टिकी हुईं थीं, तब वे सदन में बैठकर मोबाइल पर गेम खेल रहे थे।
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अब लोगों में अपने नुमाइंदों के प्रति निराशा का भाव पैदा हो गया है। इतना ही नहीं, इन दोनों विधायकों ने अपने अमर्यादित आचरण के जरिये विपक्षी दलों को सरकार को घेरने का भी मौका दिया है।
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सत्र के दौरान सदन का हर मिनट कीमती होता है। इसका उपयोग विधायकों को अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने में करना चाहिए। लेकिन, विधायक इसका ख्याल नहीं रख रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
- डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद
विधायकों को अपने पद की मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। सदन हो या सदन के बाहर, जनप्रतिनिधि का आचरण ऐसा होना चाहिए, जिससे आम जनमानस फॉलो करे। इसका ख्याल रखना चाहिए।
- प्रदीप जैन, पूर्व मंत्री
सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध का कानून सदन में ही बनाया गया और वहीं इसे तोड़ा जा रहा है। हालांकि, इस भूल पर विधायक ने खेद जताया है। उम्मीद है कि इसकी पुनरावृत्ति नहीं होगी।
- प्रणय श्रीवास्तव, पूर्व सचिव - जिला अधिवक्ता संघ
सदन की कार्यवाही पर जनता की निगाहें टिकी रहती हैं। ऐसे में विधायिका के सदस्यों का आचरण मर्यादित होना चाहिए। हालांकि, विधायकों ने अपनी गलती मानी है। उम्मीद है कि दुबारा से इस तरह के मामले सामने नहीं आएंगे।
- डा. आरबी मौर्य, असिस्टेंट प्रोफेसर (राजनीति विज्ञान) बीकेडी