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यूपीः लक्ष्मण झूले की तरह मियाद पूरी कर चुके 791 रेलवे पुल, रेलवे का दावा, पूरी तरह सुरक्षित हैं सभी

Tue, 16 Jul 2019 02:13 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 16 Jul 2019 02:13 AM IST
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like laxman jhula 791 Railway Bridge also completed their Tenure
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

ऋषिकेश के लक्ष्मण झूले की तरह रेल मंडल के 791 पुल भी अपनी मियाद पूरी कर चुके हैं। बावजूद इनका प्रयोग रेलवे द्वारा किया जा रहा है। जबकि, उम्र पूरी कर चुके इन पुलों को बंद कर देना चाहिए या फिर इन्हें ढहा कर नए पुल का निर्माण होना चाहिए लेकिन रेलवे ने अभी तक ऐसा कोई प्रस्ताव तैयार नहीं किया है। रेलवे ऐसे पुलों को उपयोग के लिए पूरी तरह सुरक्षित बताया रहा है। 

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रेल मंडल में छोटे-बड़े पुलों की संख्या 2,502 है। इनमें 791 पुल सौ साल पुराने हो चुके हैं। इनमें बीना-आगरा कैंट रेल लाइन पर 309 पुल, झांसी-कानपुर रेल लाइन पर सात पुल, झांसी-मानिकपुर रेल लाइन पर 303, एट-कोंच रेल लाइन पर नौ, धौलपुर छोटी लाइन पर 46 व ग्वालियर-श्योपुर कलां छोटी लाइन पर 117 पुल शामिल हैं। 
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खासकर इसमें माताटीला पर बेतवा नदी पर बना पुल, चंबल नदी पर बने दो पुल, कानपुर रूट पर यमुना नदी पर बने दो पुल, पहूज नदी पर बना पुल, बिजौली में बना पुल शामिल हैं।  आमतौर पर एक पुल की अधिकतम आयु सौ साल मानी जाती है। ऐसे में अपनी उम्र पूरी कर चुके इन पुलों के दोबारा निर्माण की जरूरत महसूस की जाने लगी है लेकिन रेलवे अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस स्थिति में यदि कोई हादसा हो जाता है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? 
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वहीं, रेलवे का इंजीनियरिंग विभाग पुलों की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करने की बात कहता है। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पुलों के रखरखाव पर ब्रिज विभाग की हर समय नजर रहती है। पुलों के बेस की जांच मशीनों से कराई जाती है। आवश्यकता होने पर इनकी मरम्मत कर दी जाती है। उन्होंने दावा किया कि मंडल के सभी पुल सुरक्षित हैं। 

समिति ने तय कर रखी है पुलों की आयु 
रेलवे बोर्ड द्वारा गठित समिति ने रेलवे संपत्तियों की औसत उम्र निर्धारित की है। बड़े पुलों की औसत आयु 40 से 100 साल मानी गई है। इसके अलावा स्टील वर्क्स के ब्र्रिज की 60 साल, मेसोनरी ब्रिज की 100, स्ट्रक्चर स्टील ब्रिज की 60, मेसोनरी एंड सीमेंट कंक्रीट की 65, आरसीसी ब्रिज की 60 व कंक्रीट ब्रिज की औसत उम्र 40 साल तय की गई है। 


ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी 
रेल प्रशासन अब इन पुलों की ड्रोन कैमरे से निगरानी करेगा। शुरुआत में धौलपुर के पास चंबल नदी के दो और कालपी व कानपुर के बीच यमुना नदी के दो पुलों को चुना गया है। इन पुलों का निरीक्षण करने जब भी अधिकारी जाएंगे। वह अपने साथ ड्रोन कैमरा भी ले जाएंगे। निरीक्षण के वक्त ड्रोन कैमरे से पुल का बारीकी से अवलोकन होगा।

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