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हत्या में आजीवन कारावास की सजा
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Life imprisonment in murder
हत्या में आजीवन कारावास की सजा
झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या एक संजय कुमार मलिक की अदालत में हत्या का आरोप सिद्ध होने पर एक अभियुक्त को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार दोहरे के अनुसार विगत 26 अप्रैल 2015 को चिरगांव थाने में दी तहरीर मेें ग्राम बरल निवासी मन्नूलाल ने बताया था कि 25 अप्रैल 2015 की रात करीब साढ़े आठ बजे उनका पुत्र मिथुन राजपूत (24) अपने साथी दीपक कुमार के साथ खाना खाने कुचबदिया बाबा मंदिर के पास विक्रम ढाबा पर गया था। दोनों ने खाना खाया। उसी समय रवींद्र कुमार उर्फ रवि अपनी मोटरसाइकिल से वहां पहुंच गया। एक युवती को लेकर रवि उनके पुत्र के साथ झगड़ा करने लगा। ढाबा मालिक बृज बिहारी व अन्य लोगों ने बीच बचाव किया। इसी बीच रवि ने पिस्टल निकाली और उनके पुत्र के सीने पर दो फायर कर दिए। गोली लगने से उनका पुत्र जमीन पर गिर गया। 108 नंबर एंबुलेंस से ढाबा मालिक व अन्य लोग उनके पुत्र को लेकर मेडिकल कॉलेज आ गए। यहां चिकित्सकों ने उनके पुत्र को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर उक्त अभियुक्त को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय संख्या एक संजय कुमार मलिक की अदालत में हत्या का आरोप सिद्ध होने पर एक अभियुक्त को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार दोहरे के अनुसार विगत 26 अप्रैल 2015 को चिरगांव थाने में दी तहरीर मेें ग्राम बरल निवासी मन्नूलाल ने बताया था कि 25 अप्रैल 2015 की रात करीब साढ़े आठ बजे उनका पुत्र मिथुन राजपूत (24) अपने साथी दीपक कुमार के साथ खाना खाने कुचबदिया बाबा मंदिर के पास विक्रम ढाबा पर गया था। दोनों ने खाना खाया। उसी समय रवींद्र कुमार उर्फ रवि अपनी मोटरसाइकिल से वहां पहुंच गया। एक युवती को लेकर रवि उनके पुत्र के साथ झगड़ा करने लगा। ढाबा मालिक बृज बिहारी व अन्य लोगों ने बीच बचाव किया। इसी बीच रवि ने पिस्टल निकाली और उनके पुत्र के सीने पर दो फायर कर दिए। गोली लगने से उनका पुत्र जमीन पर गिर गया। 108 नंबर एंबुलेंस से ढाबा मालिक व अन्य लोग उनके पुत्र को लेकर मेडिकल कॉलेज आ गए। यहां चिकित्सकों ने उनके पुत्र को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर उक्त अभियुक्त को आजीवन कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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