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Jhansi News: एमबीबीएस की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए डीजी को भेजा पत्र
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने फर्जी प्रमाणपत्र के जरिये एमबीबीएस में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्रा का प्रवेश निरस्त करने की रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक (डीजी) को भेज दी है। इससे रिक्त हुई सीटों पर प्रतीक्षारत विद्यार्थियों का प्रवेश लेने के लिए भी कहा गया है ताकि सभी सीटें भरी जा सकें।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2025 में एमबीबीएस की 150 सीटों पर प्रवेश हुए थे। दाखिला लेने वाले कुछ छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्रों पर प्रवेश कमेटी को संदेह हुआ। इस पर आगरा के गौतम नगर टेढ़ी बगिया निवासी लक्ष्य के दिव्यांग प्रमाणपत्र और प्रयागराज के तिगनौटा डंडी नैनी की छात्रा शाम्भवी आर्या के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित कोटे से लाभ लेने की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में दोनों के प्रमाणपत्र फर्जी साबित हुए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने दोनों के प्रवेश को निरस्त कर दिया। यही नहीं, शेष 148 छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश भी दिए। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक से फर्जी प्रमाणपत्र के जरिये प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्रा पर विधिक कार्रवाई करने के संबंध में दिशा-निर्देश मांगा गया है। चूंकि रिक्त दोनों सीटों पर प्रवेश उनके आदेश पर ही होंगे। इसलिए प्रतीक्षारत विद्यार्थियों की काउंसिलिंग कराकर प्रवेश देने का अनुरोध किया गया है।
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झांसी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने फर्जी प्रमाणपत्र के जरिये एमबीबीएस में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्रा का प्रवेश निरस्त करने की रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक (डीजी) को भेज दी है। इससे रिक्त हुई सीटों पर प्रतीक्षारत विद्यार्थियों का प्रवेश लेने के लिए भी कहा गया है ताकि सभी सीटें भरी जा सकें।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2025 में एमबीबीएस की 150 सीटों पर प्रवेश हुए थे। दाखिला लेने वाले कुछ छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्रों पर प्रवेश कमेटी को संदेह हुआ। इस पर आगरा के गौतम नगर टेढ़ी बगिया निवासी लक्ष्य के दिव्यांग प्रमाणपत्र और प्रयागराज के तिगनौटा डंडी नैनी की छात्रा शाम्भवी आर्या के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित कोटे से लाभ लेने की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में दोनों के प्रमाणपत्र फर्जी साबित हुए।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने दोनों के प्रवेश को निरस्त कर दिया। यही नहीं, शेष 148 छात्र-छात्राओं के प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश भी दिए। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक से फर्जी प्रमाणपत्र के जरिये प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्रा पर विधिक कार्रवाई करने के संबंध में दिशा-निर्देश मांगा गया है। चूंकि रिक्त दोनों सीटों पर प्रवेश उनके आदेश पर ही होंगे। इसलिए प्रतीक्षारत विद्यार्थियों की काउंसिलिंग कराकर प्रवेश देने का अनुरोध किया गया है।
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