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लक्ष्मी ताल, पहूज बांध पर होगा दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन
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झांसी। दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन इस बार भी परंपरागत स्थल- लक्ष्मी ताल एवं पहूज बांध पर कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक होगा। विसर्जन को देखते हुए दोनों ही स्थानों पर जिला प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं।
बृहस्पतिवार सुबह से ही विर्सजन स्थल तैयार करने की कवायद शुरू हो गई। नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल की अगुवाई में अफसरों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पहूज नदी के आसपास बेहद गंदगी दिखाई पड़ी। नदी में काफी दूर तक जलकुंभी भरी थी। जलकुंभी हटवाने के लिए सिंचाई विभाग को डोंगरी बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ने को कहा गया लेकिन, सिंचाई विभाग ने अतिरिक्त पानी छोड़ने से इंकार कर दिया।
अभियंताओं का कहना था कि इस बार डोंगरी बांध में पर्याप्त पानी नहीं भरा। अतिरिक्त पानी छोड़ने की दशा में आगेे सिंचाई एवं पेयजल के लिए पानी की कमी हो सकती है। सिंचाई विभाग के हाथ खड़ा करने के बाद नगर निगम को वहां सफाई का जिम्मा दिया गया। पानी से जलकुंभी निकालने की भी जिम्मेदारी दी गई। अफसरों ने यहां अष्टमी तक विसर्जन से संबंधित तैयारियों को पूरा कर लेने का निर्देश दिया है। सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम पुख्ता रखने के निर्देश दिए गए हैं। जलकुुभी निकालने के लिए जेसीबी की मदद ली जा रही है।
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बृहस्पतिवार सुबह से ही विर्सजन स्थल तैयार करने की कवायद शुरू हो गई। नगर मजिस्ट्रेट सलिल पटेल की अगुवाई में अफसरों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पहूज नदी के आसपास बेहद गंदगी दिखाई पड़ी। नदी में काफी दूर तक जलकुंभी भरी थी। जलकुंभी हटवाने के लिए सिंचाई विभाग को डोंगरी बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ने को कहा गया लेकिन, सिंचाई विभाग ने अतिरिक्त पानी छोड़ने से इंकार कर दिया।
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अभियंताओं का कहना था कि इस बार डोंगरी बांध में पर्याप्त पानी नहीं भरा। अतिरिक्त पानी छोड़ने की दशा में आगेे सिंचाई एवं पेयजल के लिए पानी की कमी हो सकती है। सिंचाई विभाग के हाथ खड़ा करने के बाद नगर निगम को वहां सफाई का जिम्मा दिया गया। पानी से जलकुंभी निकालने की भी जिम्मेदारी दी गई। अफसरों ने यहां अष्टमी तक विसर्जन से संबंधित तैयारियों को पूरा कर लेने का निर्देश दिया है। सुरक्षा को लेकर भी इंतजाम पुख्ता रखने के निर्देश दिए गए हैं। जलकुुभी निकालने के लिए जेसीबी की मदद ली जा रही है।
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